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प्रदेश में प्रीपेड मॉडल के तहत पहले रिचार्ज और फिर बिजली उपयोग की व्यवस्था लागू की गई थी, लेकिन उपभोक्ताओं का आरोप था कि बिना ज्यादा खपत के भी अधिक बिल आ रहे हैं और बैलेंस खत्म होते ही बिजली तुरंत कट जा रही है।

UP News : उत्तर प्रदेश में प्रीपेड मॉडल के तहत पहले रिचार्ज और फिर बिजली उपयोग की व्यवस्था लागू की गई थी, लेकिन उपभोक्ताओं का आरोप था कि बिना ज्यादा खपत के भी अधिक बिल आ रहे हैं और बैलेंस खत्म होते ही बिजली तुरंत कट जा रही है।
बढ़ते विरोध को देखते हुए सरकार ने पहले बैलेंस खत्म होने पर राहत अवधि, एसएमएस अलर्ट सिस्टम और सीमित क्रेडिट जैसी व्यवस्थाएं लागू कीं, लेकिन असंतोष कम नहीं हुआ। UP News
सरकार ने बकाया भुगतान को आसान बनाने के लिए 10 किस्तों में भुगतान की सुविधा भी दी है। इसके अलावा सिक्योरिटी राशि को भी किस्तों में लेने का प्रावधान किया गया है। इससे पहले लगातार बढ़ते दबाव के बीच सरकार ने बड़ा बदलाव करते हुए कई जगहों पर प्रीपेड स्मार्ट मीटर को पोस्टपेड मॉडल में बदलने का निर्णय लिया है। अब उपभोक्ताओं को पहले की तरह इस्तेमाल के बाद बिल भुगतान की सुविधा मिलेगी। UP News
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह फैसला केवल तकनीकी नहीं बल्कि राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह मुद्दा लाखों उपभोक्ताओं से जुड़ा था और लगातार विरोध बढ़ रहा था। लखनऊ से लेकर बरेली और आगरा तक कई जगह लोगों ने प्रदर्शन किया था जिसके बाद ही सरकार को यू टर्न लेना पड़ा। हालांकि सिस्टम में बदलाव हो गया है, लेकिन उपभोक्ताओं के मन में स्मार्ट मीटर को लेकर अभी भी कई सवाल और संशय बने हुए हैं, जो आने वाले समय में सरकार के लिए चुनौती बन सकते हैं। UP News
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