गैस किल्लत के कारण अयोध्या में श्री राम रसोई में भोजन वितरण रोका गया

इन दिनों एलपीजी (रसोई गैस) की कमी महसूस की जा रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण गैस की सप्लाई प्रभावित होने की बात सामने आ रही है, जिसका असर अब भारत के कई शहरों में दिखाई देने लगा है।

ram rasoi
श्री राम रसोई
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar11 Mar 2026 07:25 PM
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UP News : देश के कई हिस्सों में इन दिनों एलपीजी (रसोई गैस) की कमी महसूस की जा रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण गैस की सप्लाई प्रभावित होने की बात सामने आ रही है, जिसका असर अब भारत के कई शहरों में दिखाई देने लगा है। इस वजह से आम लोगों से लेकर होटल-रेस्टोरेंट और सार्वजनिक कैंटीन तक कई सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। कई शहरों में एलपीजी एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी कतारें लग रही हैं। आॅनलाइन बुकिंग सिस्टम सही से काम नहीं कर रहे, इसलिए लोगों को खुद एजेंसी पर जाकर सिलेंडर लेने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। इस स्थिति को लेकर संसद में भी चर्चा हुई और विपक्षी दलों ने लोकसभा में हंगामा किया।

अयोध्या में भोजन सेवा पर असर

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में गैस की कमी का असर धार्मिक और सामाजिक सेवाओं पर भी पड़ा है। राम मंदिर के पास अमावा मंदिर में संचालित श्री राम रसोई में फिलहाल भोजन वितरण रोक दिया गया है, क्योंकि वहां खाना बनाने के लिए पर्याप्त गैस उपलब्ध नहीं है। 

नई दिल्ली स्थित दिल्ली हाईकोर्ट की कैंटीन में भी एलपीजी खत्म हो जाने के कारण मुख्य भोजन (मेन कोर्स) परोसना बंद करना पड़ा है। कैंटीन प्रबंधन का कहना है कि गैस की सप्लाई सामान्य होने तक केवल हल्के खाद्य पदार्थ जैसे सैंडविच, सलाद और फ्रूट चाट ही उपलब्ध रहेंगे।

होटल और रेस्टोरेंट पर भी असर

कई शहरों के होटल और रेस्टोरेंट भी गैस की कमी से जूझ रहे हैं। मुंबई में कुछ होटलों को अपनी कैंटीन बंद करनी पड़ी है या मेनू सीमित करना पड़ा है। चेन्नई और तमिलनाडु के अन्य क्षेत्रों में भी कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई न मिलने से कई रेस्टोरेंट्स ने अपने कर्मचारियों को छुट्टी दे दी। कुछ होटल मालिकों ने बताया कि गैस बचाने के लिए उन्होंने डोसे की कई किस्मों को मेनू से हटा दिया है और फिलहाल केवल सीमित व्यंजन ही बनाए जा रहे हैं।

ट्रेन में मिलने वाले खाने पर भी पड़ सकता है असर

रेलवे की कैटरिंग सेवाओं पर भी इसका प्रभाव पड़ने की संभावना है। रेलवे स्टेशनों की कैटरिंग इकाइयों को निर्देश दिया है कि वे गैस की कमी को देखते हुए माइक्रोवेव और इंडक्शन कुकटॉप जैसे विकल्पों का इस्तेमाल करें। साथ ही जरूरत पड़ने पर रेडी-टू-ईट भोजन का स्टॉक रखने को भी कहा गया है।

कई शहरों में लंबी कतारें

बिहार, भोपाल और चंडीगढ़ सहित कई जगहों पर गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी लाइनें देखी गई हैं। सप्लाई कम होने के कारण सिलेंडर मिलने में देरी हो रही है और लोगों को कई घंटे इंतजार करना पड़ रहा है। होटल और रेस्टोरेंट से जुड़े संगठनों ने पैनिक बाइंग से बचने की अपील की है। साथ ही उन्हें इंडक्शन कुकटॉप, हॉट प्लेट और राइस कुकर जैसे इलेक्ट्रिक उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ाने की सलाह दी गई है ताकि गैस की कमी का असर कुछ हद तक कम किया जा सके। कुल मिलाकर, एलपीजी की सप्लाई में आई कमी ने घरेलू उपयोग के साथ-साथ होटल, कैंटीन और कैटरिंग सेवाओं पर भी दबाव बढ़ा दिया है। स्थिति सामान्य होने तक लोगों और व्यवसायों को वैकल्पिक व्यवस्था अपनानी पड़ सकती है।


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योगी आदित्यनाथ से नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक नोवोसेलोव ने की मुलाकात

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक कांसटेंटाइन नोवोसेलोव ने लखनऊ में मुलाकात की। इस बैठक में लोहम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रजत वर्मा और कंपनी के चीफ आफ स्टाफ आयुष सबत भी उपस्थित रहे।

vagyanik
योगी आदित्यनाथ से नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक कांसटेंटाइन नोवोसेलोव
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar11 Mar 2026 07:04 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक कांसटेंटाइन नोवोसेलोव ने लखनऊ में मुलाकात की। इस बैठक में लोहम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रजत वर्मा और कंपनी के चीफ आॅफ स्टाफ आयुष सबत भी उपस्थित रहे। मुलाकात के दौरान अतिथियों ने उत्तर प्रदेश में निवेश और औद्योगिक विकास के लिए बने सकारात्मक माहौल की सराहना की। मुख्यमंत्री ने भी सभी मेहमानों का स्वागत करते हुए प्रदेश में आधुनिक तकनीक से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर चर्चा की।

देश में उच्च तकनीक आधारित मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगी गति 

बैठक में विशेष रूप से इस बात पर विचार किया गया कि उत्तर प्रदेश को उन्नत मटेरियल रिसर्च और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में कैसे विकसित किया जा सकता है। इसी क्रम में लोहम कंपनी द्वारा प्रदेश में भारत की पहली रेयर अर्थ टू मैग्नेट एकीकृत उत्पादन इकाई स्थापित करने की योजना पर भी चर्चा हुई। इस तरह की परियोजना शुरू होने से देश में उच्च तकनीक आधारित मैन्युफैक्चरिंग को गति मिल सकती है।

लोहम और नोवोसेलोव के सहयोग का प्रमुख लक्ष्य दो क्षेत्रों पर केंद्रित

लोहम और नोवोसेलोव के सहयोग का प्रमुख लक्ष्य दो क्षेत्रों पर केंद्रित है। पहला, ग्रैफीन जैसे दो-आयामी मटेरियल की मदद से अगली पीढ़ी की लिथियम-आयन बैटरियों को अधिक क्षमता, बेहतर सुरक्षा और लंबी आयु प्रदान करना। दूसरा, इस्तेमाल की जा चुकी बैटरियों और स्थायी मैग्नेट के लिए उन्नत रीसाइक्लिंग तकनीक विकसित करना, ताकि महत्वपूर्ण खनिजों को दोबारा प्राप्त किया जा सके और संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके। इस प्रकार का सहयोग भारत की औद्योगिक नीति और हरित ऊर्जा के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है तथा देश में उन्नत तकनीकी उद्योगों के विकास को भी प्रोत्साहन दे सकता है।



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स्वयंभू संत आशाराम बापू ने अयोध्या पहुंचकर राम मंदिर का दर्शन किया

दुष्कर्म के मामले में सजा भुगत रहे स्वयंभू संत आशाराम बापू ने बुधवार को अयोध्या पहुंचकर राम मंदिर, अयोध्या में स्थापित रामलला के दर्शन किए। वे मंगलवार देर शाम अयोध्या पहुंचे थे, जहां उन्होंने सबसे पहले पवित्र सरयू तट पर पूजा-अर्चना की और शाम की महाआरती में भी भाग लिया।

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आशाराम बापू
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar11 Mar 2026 06:37 PM
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UP News : दुष्कर्म के मामले में सजा भुगत रहे स्वयंभू संत आशाराम बापू ने बुधवार को अयोध्या पहुंचकर राम मंदिर, अयोध्या में स्थापित रामलला के दर्शन किए। वे मंगलवार देर शाम अयोध्या पहुंचे थे, जहां उन्होंने सबसे पहले पवित्र सरयू तट पर पूजा-अर्चना की और शाम की महाआरती में भी भाग लिया। दर्शन के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में कई ऐसे तीर्थ स्थल हैं, जहां केवल दर्शन या यात्रा करने से ही आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होता है। उनके अनुसार तीर्थयात्रा मनुष्य के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाती है और व्यक्ति के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करती है।

हिंदू परंपरा में सात ऐसे पवित्र नगरों का वर्णन जहां मिलता है मोक्ष

उन्होंने धार्मिक ग्रंथों का उल्लेख करते हुए बताया कि हिंदू परंपरा में सात ऐसे पवित्र नगरों का वर्णन मिलता है, जिन्हें मोक्ष प्रदान करने वाला माना गया है। इन सात शहरों में अयोध्या, मथुरा, हरिद्वार, काशी, वाराणसी, उज्जैन, पुरी और कांचीपुरम शामिल हैं। उनका कहना था कि इन पवित्र स्थानों की यात्रा से आध्यात्मिक उन्नति होती है और जीवन में शांति का अनुभव मिलता है।

मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की

इसके साथ ही उन्होंने आयुर्वेद का उल्लेख करते हुए कहा कि मानव शरीर में वात, कफ और पित्त नामक तीन प्रमुख दोष माने जाते हैं, और पवित्र तीर्थ स्थलों की यात्रा से इनका प्रभाव संतुलित करने में भी मदद मिलती है। बुधवार सुबह वे आद्य शंकराचार्य द्वार से राम मंदिर परिसर में प्रवेश कर दर्शन के लिए पहुंचे। मंदिर में लगभग आधे घंटे तक रहने के दौरान उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना की। इस दौरान मंदिर निर्माण से जुड़े अधिकारियों ने उन्हें मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति के बारे में भी जानकारी दी।


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