ग्रामीण इलाकों में परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना 2026 शुरू करने की तैयारी कर रही है। इस पहल का उद्देश्य उन हजारों गांवों तक पहली बार नियमित बस सेवा पहुंचाना है, जहां अभी तक किसी भी प्रकार का सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध नहीं है।

UP News : उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण इलाकों में परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना 2026 शुरू करने की तैयारी कर रही है। इस पहल का उद्देश्य उन हजारों गांवों तक पहली बार नियमित बस सेवा पहुंचाना है, जहां अभी तक किसी भी प्रकार का सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध नहीं है। सरकार का लक्ष्य लगभग 12,200 गांवों को बस नेटवर्क से जोड़ना है, ताकि ग्रामीण लोगों की यात्रा आसान और तेज हो सके।
राज्य में कुल मिलाकर करीब एक लाख गांव हैं, लेकिन इनमें से हजारों गांव ऐसे हैं जो अभी तक बस सेवा से वंचित हैं। नई योजना के माध्यम से इन गांवों को नजदीकी मुख्य सड़कों, ब्लॉक मुख्यालयों और जिला मुख्यालयों से जोड़ा जाएगा। सरकार का मानना है कि बेहतर परिवहन सुविधा मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक पहुंचना आसान होगा। इस योजना को लागू करने में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों के साथ-साथ निजी बस संचालकों की भी भागीदारी होगी। सरकार निजी आॅपरेटरों को ग्रामीण रूटों पर बस सेवा शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करेगी और परमिट देने की प्रक्रिया में भी कुछ रियायतें दी जा सकती हैं। इससे अधिक से अधिक निजी बस संचालक इन क्षेत्रों में परिवहन सेवा देने के लिए आगे आ सकेंगे।
योजना के तहत बसों का एक तय रूट और समय निर्धारित करने की भी योजना है। प्रस्ताव के अनुसार बस सुबह लगभग 6 बजे गांव से रवाना होगी और रास्ते में पड़ने वाले 15 से 20 गांवों से यात्रियों को लेकर ब्लॉक मुख्यालय तक पहुंचेगी। इसके बाद यह बस करीब 10 बजे तक जिला मुख्यालय पहुंच जाएगी। वापसी में बस शाम 4 बजे जिला मुख्यालय से चलेगी और रात लगभग 8 बजे तक अपने मूल गांव लौट आएगी। इस तरह ग्रामीणों को रोजाना आने-जाने के लिए नियमित बस सेवा मिल सकेगी।
इस पहल से कई वर्गों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। किसानों को अपनी फसल और कृषि उत्पाद बाजार तक ले जाने में सुविधा होगी, छात्रों के लिए स्कूल और कॉलेज तक पहुंचना आसान होगा, जबकि महिलाओं और बुजुर्गों को अस्पताल और अन्य जरूरी स्थानों तक पहुंचने में राहत मिलेगी। साथ ही ग्रामीण बाजारों में गतिविधियां बढ़ने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की संभावना है। इसके अलावा बस संचालन और उससे जुड़े कार्यों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं। इस योजना सहित कई अन्य प्रस्तावों पर राज्य कैबिनेट की बैठक में चर्चा होने की संभावना है, जिसकी अध्यक्षता योगी आदित्यनाथ करेंगे। अगर योजना को मंजूरी मिलती है तो आने वाले समय में उत्तर प्रदेश के हजारों गांव पहली बार नियमित बस सेवा से जुड़ सकते हैं, जिससे ग्रामीण जीवन में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। UP News