यह योजना न सिर्फ़ एक आवास परियोजना है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश सरकार की उस सोच का हिस्सा है, जिसमें हर जरूरतमंद के सिर पर छत हो और कोई भी परिवार बेघर न रहे।

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को राहत देने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। अब उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी कम आय वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और निम्न मध्यम वर्ग (एलआईजी) के लोगों को मात्र 10 लाख रुपये में अपना घर मिलने का मौका मिल रहा है। यह योजना न सिर्फ़ एक आवास परियोजना है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश सरकार की उस सोच का हिस्सा है, जिसमें हर जरूरतमंद के सिर पर छत हो और कोई भी परिवार बेघर न रहे।
राजधानी लखनऊ में लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) कई नई योजनाओं पर तेजी से काम कर रहा है।
इनमें प्रमुख हैं :
* अनंत नगर योजना
* नैमिष नगर योजना
* वरुण विहार योजना
* और पहले से सफल रही डॉलीबाग आवास योजना
इन सभी स्थानों पर पहले जो जमीनें माफियाओं और भू-माफियाओं के कब्जे में थीं, उन्हें अब सरकार ने मुक्त करवाकर जनता के हित में इस्तेमाल करने का निर्णय लिया है।
इन योजनाओं के तहत बनने वाले फ्लैट्स की कीमत लगभग 10 लाख रुपये रखी गई है, ताकि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार भी आसानी से इन्हें खरीद सकें। इन घरों में आधुनिक सुविधाएँ दी जाएँगी, जैसे:
* पार्किंग की सुविधा
* बच्चों के लिए पार्क
* साफ-सफाई और सीसीटीवी सुरक्षा
* बिजली और पानी की बेहतर व्यवस्था
* हरा-भरा आवासीय वातावरण
यानी कि ये सस्ते घर ही नहीं, बल्कि एक बेहतर और सुरक्षित जीवनशैली का वादा भी करते हैं।
कुछ समय पहले डॉलीबाग आवास योजना में माफिया मुख्तार अंसारी की कब्जाई गई जमीन पर 72 फ्लैट बनाए गए थे। इन फ्लैट्स की बाजार कीमत करोड़ों में थी। लेकिन सरकार ने इन्हें मात्र 10 लाख रुपये में जरूरतमंद परिवारों को आवंटित किया। इस योजना में 8184 लोगों ने आवेदन किया, जिनमें से 72 लोगों को चाबियाँ सौंपी गईं। इस सफलता के बाद ही योगी सरकार ने फैसला लिया कि अब इसी तरह की और योजनाएँ पूरे लखनऊ में चलाई जाएँगी। े