सरकार के मुताबिक यहां विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों को ई-बुक्स के साथ वीडियो व ऑडियो लेक्चर एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेंगे, ताकि बेहतर स्टडी मटेरियल के लिए शहरों की तरफ भागदौड़ घटे और उत्तर प्रदेश के गांवों से ही गुणवत्तापूर्ण तैयारी संभव हो सके।

UP News : उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण युवाओं के लिए शिक्षा को “स्मार्ट” बनाने वाली एक अहम पहल पर काम तेज कर दिया है। गांवों में पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को नई ताकत देने के लिए पहले चरण में उत्तर प्रदेश की 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी विकसित की जाएंगी। सरकार के मुताबिक यहां विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों को ई-बुक्स के साथ वीडियो व ऑडियो लेक्चर एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेंगे, ताकि बेहतर स्टडी मटेरियल के लिए शहरों की तरफ भागदौड़ घटे और उत्तर प्रदेश के गांवों से ही गुणवत्तापूर्ण तैयारी संभव हो सके।
उत्तर प्रदेश के पंचायती राज विभाग की योजना के तहत चयनित हर ग्राम पंचायत में एक डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जाएगी, ताकि गांव के युवाओं को पढ़ाई के लिए मजबूत “ऑनलाइन सपोर्ट सिस्टम” मिल सके। इन ई-लाइब्रेरियों में प्रतियोगी परीक्षाओं, सामान्य अध्ययन और स्किल डेवलपमेंट से जुड़ा डिजिटल कंटेंट उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश के ग्रामीण छात्र भी आधुनिक अध्ययन संसाधनों से सीधे जुड़ें, घर के नज़दीक बेहतर सामग्री पाएं और अपनी तैयारी को उसी स्तर पर मजबूत कर सकें, जैसी सुविधाएं बड़े शहरों में मिलती हैं।
उत्तर प्रदेश में बनने जा रही डिजिटल लाइब्रेरी को लेकर बजट और सुविधाओं का खाका भी तय कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक हर ई-लाइब्रेरी पर करीब 4 लाख रुपये खर्च होंगे। इसमें लगभग 2 लाख रुपये किताबों व अध्ययन सामग्री के लिए, 1.30 लाख रुपये कंप्यूटर/आईटी उपकरण और डिजिटल एक्सेस सेटअप पर, जबकि 70 हजार रुपये फर्नीचर व बैठने की व्यवस्था पर लगाए जाएंगे। इतना ही नहीं, ई-लाइब्रेरी प्लेटफॉर्म पर युवाओं के लिए करीब 20 हजार डिजिटल कंटेंट जैसे ई-बुक्स, लेक्चर वीडियो और ऑडियो सामग्री उपलब्ध कराने की तैयारी है।
उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर के निर्देश पर विभाग को इस योजना को “कागज़ से निकालकर” तेजी से जमीन पर लागू करने के लिए कहा गया है। विभागीय स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं, ताकि पहले चरण की डिजिटल लाइब्रेरी जल्द शुरू हो सकें। इसके बाद सरकार का लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश की बाकी ग्राम पंचायतों तक भी यह सुविधा चरणबद्ध तरीके से पहुंचाई जाए, ताकि गांव-गांव में पढ़ाई और प्रतियोगी तैयारी के लिए समान अवसर तैयार हो सकें।
इधर उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित पंचायत चुनाव को लेकर चुनावी मशीनरी भी पूरी रफ्तार में आ गई है। इस बार मतदाता सूची में 40.19 लाख नए मतदाताओं के जुड़ने से कुल 3.26% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक 23 दिसंबर को मतदाता सूची की ड्राफ्ट सूची जारी की जाएगी ,यह जानकारी निर्वाचन आयुक्त आर.पी. सिंह ने साझा की है। वहीं, संकेत हैं कि उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव अप्रैल–मई 2026 के आसपास कराए जा सकते हैं, इसी वजह से प्रशासनिक स्तर पर तैयारियों और गतिविधियों का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। UP News