
उत्तर प्रदेश में किसानों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार 16 सितंबर से एक बड़े अभियान का आगाज करने जा रही है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर चलने वाला यह राज्यव्यापी विशेष अभियान किसानों के भूमि अभिलेखों को आधार से जोड़ने पर केंद्रित होगा, ताकि उत्तर प्रदेश के हर किसान तक सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी रुकावट और पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंच सके। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि इस अभियान की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री स्तर से होगी और हर जिले के डीएम को इसकी प्रगति की रोजाना रिपोर्ट देनी होगी। Uttar Pradesh Samachar
उत्तर प्रदेश में किसानों के लिए योगी सरकार का बड़ा मिशन तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कर दिया है कि किसानों को योजनाओं का लाभ तभी मिल पाएगा, जब उनकी जमीन का रिकॉर्ड पूरी तरह सही और अपडेटेड होगा। इसी कड़ी में सीएम योगी ने राजस्व विभाग को सख्त निर्देश दिए हैं कि हर किसान की जमीन का अभिलेख आधार से मिलान कर दर्ज किया जाए और इसके लिए सभी जिलों को मानक कार्यप्रणाली (एसओपी) उपलब्ध कराई जाएगी। अब तक के आंकड़े बताते हैं कि उत्तर प्रदेश सरकार के इस महत्वाकांक्षी अभियान में 2.88 करोड़ किसानों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से 1.45 करोड़ किसानों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है। सबसे आगे बिजनौर जिला है, जहां 58% से अधिक काम पूरा हो गया है, जबकि हरदोई, श्रावस्ती, पीलीभीत और रामपुर भी टॉप-5 जिलों में शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार किसानों को योजनाओं का लाभ हर हाल में दिलाने के लिए सख्त कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ चेतावनी दी है कि जहां अभियान की रफ्तार धीमी पाई जाएगी, वहां अतिरिक्त टीमें तैनात की जाएंगी और संबंधित जिलों के डीएम को सीधे तौर पर जवाबदेह ठहराया जाएगा। योगी सरकार का दावा है कि अमरोहा, आजमगढ़, बलरामपुर, एटा और जौनपुर जैसे जिलों में किसानों का 100% डेटा वेरिफिकेशन पूरा होना एक बड़ी उपलब्धि है। साथ ही सीएम योगी ने निर्देश दिए हैं कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में पंजीकरण शत-प्रतिशत सुनिश्चित किया जाए, ताकि अगली किस्त जारी होने से पहले कोई भी पात्र किसान वंचित न रह जाए।
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार किसानों को न सिर्फ योजनाओं से जोड़ने बल्कि उन्हें जागरूक करने पर भी विशेष ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर चल रहे इस अभियान के दौरान सरकार केवल रिकॉर्ड अपडेट करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि गांव-गांव जाकर पोस्टर, पंपलेट और आईईसी गतिविधियों के ज़रिये किसानों को समझाया जाएगा कि रजिस्ट्री से उन्हें किस तरह सीधा लाभ मिलेगा। कई किसानों का मानना है कि उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल समय लेने वाली ज़रूर है, लेकिन इससे भविष्य में उन्हें बड़ी राहत मिलेगी। बिजनौर के एक किसान ने बताया कि पहले उनकी जमीन के कागज़ों में नाम अधूरा दर्ज था, जिसे ठीक कराने में महीनों लग जाते थे, लेकिन अब आधार से मिलान होने पर उम्मीद है कि प्रक्रिया तेज़ और आसान हो जाएगी। Uttar Pradesh Samachar