
उत्तर प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए बड़ा फैसला लिया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश के तीन नवगठित विश्वविद्यालयों – गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय (मुरादाबाद), मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय (मिर्जापुर) और मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय (बलरामपुर) – में कुल 948 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। उत्तर प्रदेश सरकार का दावा है कि इस कदम से न केवल विश्वविद्यालयों की कार्यप्रणाली सुदृढ़ होगी, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी व्यापक रूप से बढ़ेंगे। UP News
उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा, “यह पहल न केवल विश्वविद्यालयों को मजबूत करेगी, बल्कि प्रदेश को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। मुख्यमंत्री ने बार-बार स्पष्ट किया है कि प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार दोनों उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। UP News
उत्तर प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा को मजबूती देने के लिए विश्वविद्यालयों में बड़े स्तर पर नियुक्तियों का खाका तैयार किया है। प्रत्येक विश्वविद्यालय में 156 अस्थायी शिक्षणेतर पद सृजित किए जाएंगे, जो 28 फरवरी 2026 तक प्रभावी रहेंगे और आवश्यकता पड़ने पर समाप्त भी किए जा सकते हैं। इन पदों में फार्मासिस्ट, इलेक्ट्रिशियन, अवर अभियंता, आशुलिपिक, सहायक लेखाकार, कनिष्ठ सहायक, लैब टेक्नीशियन, लैब असिस्टेंट, उप कुलसचिव, सहायक कुलसचिव, वैयक्तिक सहायक, लेखाकार, प्रधान सहायक, चिकित्साधिकारी और स्टाफ नर्स शामिल हैं। भर्ती प्रक्रिया अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, सीधी भर्ती, पदोन्नति और प्रतिनियुक्ति के माध्यम से पूरी की जाएगी।
साथ ही, प्रत्येक विश्वविद्यालय में 160 पद आउटसोर्सिंग के जरिए भरे जाएंगे, जिससे कुल 480 पद बनेंगे। इन पदों में कम्प्यूटर ऑपरेटर, स्वच्छकार, चौकीदार, माली, चपरासी, वाहन चालक और पुस्तकालय परिचर शामिल हैं। आउटसोर्सिंग प्रक्रिया जेम पोर्टल के माध्यम से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संचालित होगी। सभी नियुक्तियों में आरक्षण नियमों का पालन अनिवार्य होगा और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग, श्रम विभाग और कार्मिक विभाग द्वारा जारी शासनादेशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। इस निर्णय से विश्वविद्यालयों की प्रशासनिक कार्यप्रणाली मजबूत होगी और प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ रोजगार के अवसर भी मिलेंगे, जो उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद करेंगे। UP News