उत्तर प्रदेश के युवाओं को विदेशों में बेहतर रोजगार दिलाने की दिशा में योगी सरकार एक नई पहल करने जा रही है। अब उत्तर प्रदेश से बाहर नौकरी के लिए जाने वाले युवाओं को सिर्फ तकनीकी कौशल ही नहीं, बल्कि संबंधित देशों की भाषा, बोलचाल और सांस्कृतिक व्यवहार की भी ट्रेनिंग दी जाएगी।

UP News : उत्तर प्रदेश के युवाओं को विदेशों में बेहतर रोजगार दिलाने की दिशा में योगी सरकार एक नई पहल करने जा रही है। अब उत्तर प्रदेश से बाहर नौकरी के लिए जाने वाले युवाओं को सिर्फ तकनीकी कौशल ही नहीं, बल्कि संबंधित देशों की भाषा, बोलचाल और सांस्कृतिक व्यवहार की भी ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के तीन प्रमुख शहरों कानपुर, मेरठ और गोरखपुर में विशेष प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की तैयारी में है। दरअसल, उत्तर प्रदेश से हर साल बड़ी संख्या में युवा इजरायल, जर्मनी, जापान और खाड़ी देशों में रोजगार के अवसर तलाशते हैं। निर्माण कार्य, हॉस्पिटैलिटी, हेल्थकेयर और नर्सिंग जैसे क्षेत्रों में इन युवाओं की अच्छी मांग रहती है। हालांकि, विदेशी भाषा और वहां की सामाजिक-सांस्कृतिक समझ की कमी कई बार योग्य अभ्यर्थियों के लिए बड़ी बाधा बन जाती है। इसी चुनौती को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने यह नई व्यवस्था शुरू करने का फैसला लिया है।
सरकारी योजना के तहत उत्तर प्रदेश के कानपुर, मेरठ और गोरखपुर में ऐसे प्रशिक्षण केंद्र विकसित किए जाएंगे, जहां विदेश में नौकरी के इच्छुक युवाओं को उस देश की जरूरत के मुताबिक भाषा और व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। जानकारी के अनुसार, इन केंद्रों पर प्रशिक्षण का काम उन एजेंसियों के माध्यम से कराया जाएगा, जिन्हें संबंधित देशों की ओर से नामित किया जाएगा। यानी, उत्तर प्रदेश के सेवायोजन विभाग के जरिए जिन देशों में युवाओं का चयन या आवेदन होगा, उन्हीं देशों से जुड़ी अधिकृत एजेंसियां अभ्यर्थियों को वहां की भाषा, कार्य-संस्कृति और सामाजिक तौर-तरीकों की जानकारी देंगी। इससे युवाओं को विदेश में नौकरी मिलने के बाद शुरुआती दिक्कतों का सामना कम करना पड़ेगा।
उत्तर प्रदेश में इस योजना को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया भी तेज हो गई है। कानपुर में यह प्रशिक्षण केंद्र प्रादेशिक सेवायोजन कार्यालय भवन में शुरू किए जाने की तैयारी है। भवन के निरीक्षण और सर्वे के लिए एजेंसी 28 मार्च को पहुंचने वाली है। इसके बाद केंद्र की स्थापना से जुड़ी आगे की प्रक्रिया को गति दी जाएगी।
यह पहल उत्तर प्रदेश के उन युवाओं के लिए खास तौर पर उपयोगी साबित हो सकती है, जो हुनरमंद होने के बावजूद भाषा की बाधा के कारण अंतरराष्ट्रीय रोजगार बाजार में पीछे रह जाते हैं। सरकार का उद्देश्य है कि उत्तर प्रदेश के युवा विदेशों में न केवल नौकरी हासिल करें, बल्कि वहां के माहौल में आत्मविश्वास के साथ काम भी कर सकें। सेवायोजन विभाग के सहायक निदेशक उज्ज्वल सिंह ने बताया कि विदेशों में नौकरी के लिए जाने वाले युवाओं को संबंधित देश की बोली, भाषा और संस्कृति का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के कानपुर, मेरठ और गोरखपुर स्थित सेवायोजन कार्यालयों में यह केंद्र स्थापित किए जाने हैं। कानपुर में सर्वे के लिए एजेंसी 28 मार्च को आने वाली है। UP News