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उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की आहट के साथ सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत का तीन दिवसीय लखनऊ दौरा राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बन गया है।

UP News : उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की आहट के साथ सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत का तीन दिवसीय लखनऊ दौरा राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बन गया है। आधिकारिक तौर पर इसे संघ के प्रशिक्षण वर्ग से जुड़ा कार्यक्रम बताया जा रहा है, लेकिन चुनावी माहौल के बीच इस दौरे के गहरे राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। संघ प्रमुख लखनऊ के निराला नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में ठहरे हुए हैं, जहां अवध, काशी, गोरक्ष और कानपुर प्रांत के स्वयंसेवकों का प्रशिक्षण वर्ग चल रहा है। इस दौरान वे संघ के शताब्दी वर्ष, गृह संपर्क अभियान, शाखा विस्तार और हिंदू सम्मेलनों जैसे कार्यक्रमों की समीक्षा करेंगे। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह दौरा सिर्फ संगठनात्मक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि आगामी चुनावों की रणनीतिक जमीन भी तैयार कर सकता है। UP News
उत्तर प्रदेश को देश की सत्ता का प्रवेश द्वार माना जाता है और यहां संघ की भूमिका हमेशा से ‘साइलेंट स्ट्रैटेजिस्ट’ की रही है। भारतीय जनता पार्टी की कई बड़ी चुनावी सफलताओं के पीछे संघ के मजबूत कैडर नेटवर्क और जमीनी पकड़ को अहम माना जाता रहा है। 2014 लोकसभा चुनाव से लेकर 2017 और 2022 विधानसभा चुनाव तक संघ और बीजेपी के तालमेल ने चुनावी समीकरण बदलने में बड़ी भूमिका निभाई थी। अब एक बार फिर 2027 के चुनाव से पहले संघ सक्रिय दिखाई दे रहा है। सूत्रों के मुताबिक, संघ प्रमुख प्रदेश के सामाजिक और राजनीतिक हालात का फीडबैक लेने के साथ-साथ संगठन और सरकार के बीच समन्वय को और मजबूत करने पर जोर दे सकते हैं। UP News
यूपी की राजनीति में संघ, संगठन और सरकार के तालमेल को ‘ट्रिपल S मॉडल’ कहा जाता है। इसमें संघ वैचारिक आधार और कार्यकर्ताओं का नेटवर्क तैयार करता है, बीजेपी संगठन चुनावी रणनीति संभालता है और सरकार अपने कामकाज के जरिए जनता तक संदेश पहुंचाती है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि जब ये तीनों इकाइयां एक दिशा में काम करती हैं, तो बीजेपी की चुनावी मशीनरी बेहद प्रभावी साबित होती है। 2027 चुनाव से पहले इसी मॉडल को और धार देने की कोशिश मानी जा रही है। UP News
संघ प्रमुख के लखनऊ प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत कई वरिष्ठ नेताओं की मुलाकात की चर्चाएं भी तेज हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन से जुड़े प्रमुख पदाधिकारी भी संघ नेतृत्व से संवाद कर सकते हैं। माना जा रहा है कि इन बैठकों में सरकार के कामकाज, संगठन की रणनीति और 2027 चुनाव की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हो सकती है। बता दें कि संघ पिछले कुछ समय से उत्तर प्रदेश में लगातार समन्वय बैठकों का आयोजन कर रहा है। होली के बाद से प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में संघ और बीजेपी के बीच कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। इन बैठकों में सामाजिक समीकरण, विपक्ष के ‘पीडीए’ नैरेटिव की काट और बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने पर मंथन किया गया है। संघ की कोशिश है कि गैर-यादव ओबीसी, गैर-जाटव दलित और नए युवा मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ को और मजबूत किया जाए। इसी रणनीति ने 2014 के बाद बीजेपी को उत्तर प्रदेश में लगातार चुनावी बढ़त दिलाई थी। UP News
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