कानून का राज ही सुशासन की बुनियाद है और सुशासन के वातावरण में ही निवेश सुरक्षित रहता है, जिससे युवाओं के लिए रोजगार और विकास के अवसर सृजित होते हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश सशस्त्र प्रांतीय कांस्टेबुलरी (पीएसी) के स्थापना दिवस समारोह-2025 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज प्रदेश में दिखाई देने वाला आत्मविश्वास मजबूत कानून व्यवस्था की देन है। उन्होंने कहा कि कानून का राज ही सुशासन की बुनियाद है और सुशासन के वातावरण में ही निवेश सुरक्षित रहता है, जिससे युवाओं के लिए रोजगार और विकास के अवसर सृजित होते हैं।
मुख्यमंत्री ने पीएसी के 78 वर्षों की यात्रा को अनुशासन, साहस, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक बताया। उन्होंने जवानों से आह्वान किया कि व्यावसायिक दक्षता, कठिन प्रशिक्षण और अनुशासन को अपनी स्थायी पहचान बनाएं। साथ ही सरकार ने आश्वस्त किया कि पीएसी कर्मियों के सम्मान, सुविधाओं और संसाधनों में निरंतर वृद्धि की जाती रहेगी।
सीएम योगी ने कहा कि पीएसी बल प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, आपदा प्रबंधन, त्योहारों, वीआईपी सुरक्षा और चुनाव जैसे संवेदनशील कार्यों में अग्रिम पंक्ति में रहकर जिम्मेदारी निभाता है। पीएसी के अधिकारी और जवान एसएसएफ, एटीएस, एसटीएफ, यातायात पुलिस और प्रशिक्षण संस्थानों में भी सेवाएं देकर प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने पीएसी के अदम्य साहस का उल्लेख करते हुए कहा कि 13 दिसंबर 2001 को संसद पर हुए आतंकी हमले के दौरान 30वीं वाहिनी पीएसी के जवानों ने बहादुरी से मुकाबला करते हुए आतंकियों को ढेर किया। इसी तरह 2005 में अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि परिसर पर हुए हमले में सीआरपीएफ, पीएसी और यूपी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से आतंकियों को मार गिराया गया।
उन्होंने बताया कि सरकार ने पीएसी की 46 कंपनियों को पुनर्जीवित कर प्रदेश में बेहतर कानून व्यवस्था स्थापित की। बल को आधुनिक हथियारों, दंगा नियंत्रण उपकरणों और नई तकनीक से लैस किया गया है। एसएलआर, इंसास राइफल, मल्टीसेल लॉन्चर, एंटी-रायट गन और टियर गैस गन जैसे उपकरण पीएसी की कार्यक्षमता बढ़ा रहे हैं।
सीएम योगी ने बताया कि पीएसी में अब तक 41,893 आरक्षियों और 698 प्लाटून कमांडरों की भर्ती की जा चुकी है। वर्तमान में सीधी भर्ती के अंतर्गत हजारों पदों पर चयन प्रक्रिया चल रही है। इसके साथ ही सेवा के दौरान शहीद या दिवंगत जवानों के आश्रितों को भी नियमानुसार सेवायोजन प्रदान किया गया है। पदोन्नति के अवसर बढ़ाने के लिए निरीक्षक और उपनिरीक्षक के पदों में भी वृद्धि की गई है।
प्रदेश में आपदा प्रबंधन के लिए एसडीआरएफ की छह कंपनियां लगातार सेवाएं दे रही हैं। पुलिस बल में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए भर्ती में दो प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। खेल बजट को 70 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये किया गया, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। प्रदेश पुलिस के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बड़ी संख्या में पदक हासिल किए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत महिला सुरक्षा और सम्मान को प्राथमिकता दी जा रही है। पहली बार प्रदेश में तीन महिला पीएसी वाहिनियों का गठन किया गया है, जबकि अन्य वाहिनियों की स्थापना की प्रक्रिया भी जारी है। महिला उपनिरीक्षक और आरक्षी पदों पर भर्ती को भी गति दी गई है।
सीएम योगी ने कहा कि पिछले आठ वर्षों में यूपी पुलिस में 2.19 लाख से अधिक कर्मियों की भर्ती हुई है, जिसमें 20 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं को दिया गया। साइबर थाना, कमिश्नरेट सिस्टम, आधुनिक फॉरेंसिक लैब और सेफ सिटी जैसी पहलें यूपी पुलिस को नई पहचान दे रही हैं। समारोह में समाज कल्याण राज्य मंत्री असीम अरुण, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण, प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद और एडीजी पीएसी डॉ. रामकृष्ण स्वर्णकार सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।