इसके लिए पंचायतों की आय बढ़ाने, अतिक्रमण हटाने, और गांव की भूमि का उपयोग योजनाबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाए। साथ ही लाभार्थियों का सत्यापन और नए लाभार्थियों का चयन पारदर्शिता से करने के निर्देश दिए गए।

UP News : उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों से पहले ग्रामीण विकास को लेकर सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि अब योजनाओं की प्रगति कागज पर नहीं, जमीन पर दिखनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने हर ग्राम पंचायत में खुली चौपाल व्यवस्था लागू करने, हर माह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विकास कार्यों की समीक्षा और विभागीय अधिकारियों की साल में कम से कम एक बार लखनऊ में भौतिक समीक्षा अनिवार्य करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश तभी आत्मनिर्भर बनेगा जब उसकी ग्राम पंचायतें भी आत्मनिर्भर हों। इसके लिए पंचायतों की आय बढ़ाने, अतिक्रमण हटाने, और गांव की भूमि का उपयोग योजनाबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाए। साथ ही लाभार्थियों का सत्यापन और नए लाभार्थियों का चयन पारदर्शिता से करने के निर्देश दिए गए।
सीएम योगी ने कहा कि पंचायती राज विभाग एक-एक कार्य की लाइव मॉनिटरिंग के लिए मजबूत सिस्टम बनाए, ताकि परियोजनाएं समयसीमा में पूरी हों। इसके साथ ही लाभार्थियों का सत्यापन, नए पात्र लाभार्थियों का चयन और योजनाओं का जमीनी स्तर पर सही क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि ग्राम सचिवालय और अन्य व्यवस्थाओं में 15-16 लोगों को रोजगार दिया गया है। इन सभी को सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार का माध्यम बनाया जाए, ताकि सूचना गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
सीएम योगी ने बैठक में दो टूक कहा कि उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ग्राम पंचायतों का आत्मनिर्भर होना जरूरी है। इसके लिए ग्राम पंचायतों की आय बढ़ाने की कार्ययोजना बनाने और गांव की सरकारी/सामुदायिक जमीन से अतिक्रमण हटाने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने पंचायत उत्सव भवन के निर्माण कार्यों में तेजी लाने को कहा और निर्देश दिया कि इनका उपयोग बिना किसी भेदभाव के प्राथमिकता पर मांगलिक कार्यक्रमों के लिए हो। निर्माण के लिए सीएसआर फंड, विधायक निधि और मातृभूमि योजना के तहत प्रवासी भारतीयों की मदद लेने की बात भी कही गई। सीएम ने यह भी निर्देश दिया कि सहालग के दौरान समय-निर्धारण कर अधिक से अधिक लोगों को उत्सव भवन का लाभ मिले। अन्य दिनों में इन स्थलों का उपयोग योग/वेलनेस गतिविधियों के लिए करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में बताया गया कि चालू वित्तीय वर्ष में देशभर में बने 17.26 लाख व्यक्तिगत शौचालयों में से 4.79 लाख यानी करीब 28% अकेले उत्तर प्रदेश में बने हैं। इस उपलब्धि पर सीएम योगी ने संतोष जताते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में सीवर और ग्रे वाटर के वैज्ञानिक निस्तारण के निर्देश दिए, ताकि स्वच्छता के साथ पर्यावरण संरक्षण भी सुनिश्चित हो।
सीएम योगी ने निर्देश दिया कि उत्तर प्रदेश की हर ग्राम पंचायत में जहां संभव हो, वहां इंटीग्रेटेड कैंपस विकसित किया जाए। इसमें स्कूल, उत्सव भवन, खेल मैदान, ओपन जिम, पार्क जैसी मूलभूत सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध हों। भूमि चयन की प्रक्रिया में जनप्रतिनिधियों के सहयोग और स्थान ऐसा हो जहां आम लोगों की पहुंच आसान हो इस पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि उत्तर प्रदेश में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन के लिए कुल 282 इकाइयों का लक्ष्य तय किया गया है। इनमें से 103 इकाइयां पूरी होकर चालू हो चुकी हैं, जबकि 132 इकाइयों पर निर्माण कार्य जारी है। इस प्रगति रिपोर्ट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ निर्देश दिए कि कचरा प्रबंधन से जुड़े हर प्रोजेक्ट की रफ्तार बढ़ाई जाए और लंबित कार्यों को तय समय में पूरा कराया जाए, ताकि उत्तर प्रदेश में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के अभियान को ठोस मजबूती मिल सके।
जिला पंचायतों की राजस्व वसूली की रिपोर्ट में बताया गया कि पिछले वित्तीय वर्ष में 334.10 करोड़ की वसूली (लक्ष्य के सापेक्ष 81.23%) हुई थी, जबकि चालू वित्तीय वर्ष में नवंबर तक 271.48 करोड़ की वसूली (लक्ष्य के सापेक्ष 140.89%) दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने इस बेहतर प्रदर्शन पर विभागीय अधिकारियों की सराहना की और आगे भी वसूली अभियान को गति देने के निर्देश दिए। UP News