वह 22 फरवरी को रवाना होंगे और 23-24 फरवरी को सिंगापुर तथा 25-26 फरवरी को जापान में विभिन्न बैठकों और निवेश कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। इस यात्रा को राज्य में बड़े पैमाने पर विदेशी निवेश आकर्षित करने की रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

UP News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करीब नौ साल के अंतराल के बाद विदेशी दौरे पर जा रहे हैं। वह 22 फरवरी को रवाना होंगे और 23-24 फरवरी को सिंगापुर तथा 25-26 फरवरी को जापान में विभिन्न बैठकों और निवेश कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। इस यात्रा को राज्य में बड़े पैमाने पर विदेशी निवेश आकर्षित करने की रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है। इसी दिशा में आईटी, आटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, बायोटेक्नोलॉजी, ग्रीन एनर्जी, फिनटेक और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में वैश्विक निवेश लाने पर जोर रहेगा।
जापान प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री प्रमुख औद्योगिक समूहों—टोयोटा, होंडा, सुजकी, सोनी, हिताची और मित्सूबिसी इलेक्ट्रिक के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उन्हें उत्तर प्रदेश में निवेश के अवसरों से अवगत कराएंगे।
सिंगापुर में शहरी अवसंरचना, स्मार्ट सिटी मॉडल, जल संसाधन प्रबंधन और स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्रों में साझेदारी को लेकर चर्चा होने की संभावना है। यहां सिंगापुर इंडिया चेंबर आफ कॉमर्स इंडस्ट्री और अन्य व्यावसायिक संस्थाओं के साथ समझौतों को अंतिम रूप दिया जा सकता है।
मुख्यमंत्री के साथ वरिष्ठ अधिकारियों का एक दल भी जाएगा, जिसमें वित्त और औद्योगिक विकास विभाग के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
इसी क्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी और फ्रांस की यात्रा पर जाएंगे, जहां औद्योगिक सहयोग और निवेश के अवसरों पर संवाद होगा। लगभग एक दशक बाद हो रहा यह विदेशी दौरा उत्तर प्रदेश की आर्थिक प्रगति के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि प्रस्तावित समझौते जमीन पर उतरते हैं, तो इससे औद्योगिक विकास, तकनीकी सहयोग और रोजगार सृजन को नई दिशा मिल सकती है। UP News