
उत्तराखंड की रजधानी देहरादून और आसपास के इलाके इन दिनों भारी बारिश और अचानक बादल फटने की चपेट में हैं। सहस्त्रधारा, मालदेवता, टपकेश्वर और फन वैली जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल अब पानी की विभीषिका का साक्षी बन गए हैं। तेज़ बहाव ने पुलों को तोड़ डाला, सड़कें जलमग्न हो गईं और मंदिरों का परिसर मलबे में दफ़न हो गया। हालात इतने बिगड़े कि प्रशासन को स्कूलों को बंद करना पड़ा और राहत-बचाव दलों को तुरंत मोर्चा संभालना पड़ा। यह दृश्य किसी प्राकृतिक फिल्म का हिस्सा लगता है, जहाँ हर तरफ पानी, मलबा और हड़कंप ही हड़कंप नजर आ रहा है। Dehradun Cloudburst
आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि देहरादून, मालदेवता और मसूरी में भारी नुकसान हुआ है। दो-तीन लोग लापता हैं, जबकि मसूरी में एक व्यक्ति की मौत की खबर मिली है, जिसकी पुष्टि की जा रही है। प्रभावित इलाकों में SDRF, NDRF और स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है। अब तक लगभग 300-400 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। मंगलवार सुबह पांच बजे सहस्त्रधारा में बादल फटने की घटना ने इलाके में पानी का सैलाब ला दिया। कई दुकानें और घर बह गए, फन वैली के पास पुल का हिस्सा भी पानी में डूब गया और मालदेवता के पास सौंग नदी बेकाबू होकर ब्रिज तोड़ते हुए तेज़ रफ्तार से बह रही है। ऋषिकेश में चंद्रभागा नदी हाईवे तक फैल गई, जिसमें कई वाहन और लोग फंस गए।
SDRF की टीम ने नदी में फंसे तीन लोगों को सुरक्षित निकालने में सफलता पाई। तपकेश्वर महादेव मंदिर परिसर में मलबे की परत एक-दो फीट तक जमा हो गई और मंदिर क्षेत्र में भारी क्षति हुई। आईटी पार्क के आसपास सड़कें जलमग्न हो गईं और वाहन पानी में बहते नजर आए। स्थानीय निवासी ऋतिक शर्मा ने बताया, “मैं सुबह 5:30 बजे से फंसा हुआ हूं। मेरी कार कल रात से पानी में डूबी हुई है और ऑफिस के बेसमेंट में भी पानी घुस गया है।”
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि देहरादून के सहस्त्रधारा में रातभर हुई भारी बारिश से कई दुकानों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा, “जिला प्रशासन, पुलिस और SDRF मौके पर राहत और बचाव कार्य में पूरी तन्मयता से जुटे हुए हैं। मैं स्थिति की निगरानी कर रहा हूं और ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि सभी सुरक्षित रहें। उत्तराखंड के कई हिस्सों में रातभर हुई मूसलाधार बारिश ने सड़कें, मकान और दुकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया है। उफान पर आई सोंग नदी ने आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा और बढ़ा दिया है। सदर के सब-डिवीज़नल मजिस्ट्रेट हरि गिरि ने बताया कि जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और बहाव अब भी तेज़ है, लेकिन अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली। Dehradun Cloudburst