
Uttarakhand News : उत्तराखंड में मानसून का कहर अब तीर्थ यात्रियों पर भारी पड़ता दिखाई दे रहा है। उत्तरकाशी जनपद में यमुनोत्री धाम को जोड़ने वाला प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग पाली गाड़ के पास भू-धंसाव का शिकार हो गया है। देर रात हुई मूसलधार बारिश के कारण सड़क का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप पड़ गया है।
इस भू-स्खलन के कारण सुबह से सैकड़ों श्रद्धालु दोनों ओर अपने वाहनों सहित फंसे हुए हैं। श्रद्धालु न केवल गर्मी और असुविधा झेल रहे हैं, बल्कि यात्रा में अनिश्चितता के कारण मानसिक तनाव का भी सामना कर रहे हैं। स्थिति की नजाकत को भांपते हुए प्रशासन ने एनएच की मशीनों को मौके पर रवाना कर मलबा हटाने की कार्यवाही शुरू कर दी है।
यमुनोत्री ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड के अन्य प्रमुख तीर्थ मार्गों पर भी वर्षा का व्यापक असर देखने को मिल रहा है।
ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे सिरोहबगड़ के पास बंद हो गया है।
रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड मार्ग, जो केदारनाथ यात्रा का हिस्सा है, सोनप्रयाग के पास बाधित है।
पीपलकोटी के नजदीक भनेरपानी में भारी मलबा आने से बदरीनाथ हाईवे भी अवरुद्ध हो गया है।
इन सभी स्थानों पर वाहन लंबी कतारों में फंसे हैं और यात्रियों को मौसम के सुधरने का इंतजार है।
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने राज्य के कई जिलों के लिए चेतावनी जारी की है।
देहरादून और नैनीताल के कुछ इलाकों में येलो अलर्ट प्रभावी है।
बागेश्वर के लिए खतरे की घंटी, मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट।
शेष जिलों में भी गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना जताई गई है।
विभाग के अनुसार आगामी 3 जुलाई तक उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में बिजली चमकने और वर्षा जारी रह सकती है। ऐसे में न केवल श्रद्धालुओं, बल्कि स्थानीय प्रशासन को भी अतिरिक्त सतर्कता और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। Uttarakhand News