
नैनीताल में अब तक वाहनों से 120 रुपये तक का प्रवेश कर लिया जाता था, लेकिन अब यह शुल्क बढ़कर 500 रुपये तक हो सकता है। नगर पालिका के अधिकारी दीपक गोस्वामी ने बताया कि यह बदलाव पहले के लेक ब्रिज और पार्किंग टेंडर को रद्द किए जाने के बाद किया गया है। इन कामकाजी व्यवस्थाओं को अब ठेकेदारों को देने की बजाय पालिका खुद संभालेगी, और स्थानीय स्वयं सहायता समूह भी इसमें मदद करेंगे। हाई कोर्ट ने निर्देश दिया है कि टैक्स (Entry Tax ) का भुगतान केवल यूपीआई स्कैनर कोड के जरिए ही किया जाए, जिससे नकद लेन-देन के कारण होने वाली भीड़-भाड़ और ट्रैफिक जाम को रोका जा सके।
हाई कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान पालिका ने बताया कि टैक्स का भुगतान (Entry Tax ) केवल यूपीआई स्कैनर कोड के जरिए ही किया जाएगा। इससे ट्रैफिक की समस्या कम होगी और भीड़-भाड़ से बचा जा सकेगा। हालांकि, कोर्ट ने नगरपालिका की यह दलील खारिज कर दी कि नेटवर्क की समस्या हो सकती है। कोर्ट ने पालिका को निर्देश दिया कि इस व्यवस्था को लागू करने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जाएं और जल्दी से इस पर काम किया जाए।
सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि नगरपालिका में कई महत्वपूर्ण पद खाली हैं, जैसे कर अधीक्षक, सफाई निरीक्षक और लेखाकार, जिनकी कमी के कारण कामकाज में दिक्कतें हो रही हैं। कोर्ट ने शहरी विकास सचिव को निर्देश दिया कि इन खाली पदों को जल्दी भरा जाए और 17 अप्रैल तक इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। इसके अलावा, ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर भी कोर्ट ने कुमाऊं के आईजी से एक ट्रैफिक प्लान प्रस्तुत करने का आदेश दिया।
इस तरह, नैनीताल में प्रवेश शुल्क में वृद्धि और यूपीआई भुगतान की अनिवार्यता के साथ प्रशासन ने शहर के ट्रैफिक और सार्वजनिक व्यवस्थाओं को सुधारने की दिशा में कदम उठाया है। Entry Tax :