
Uttrakhand / उत्तरकाशी। 'लव जिहाद' की कथित घटनाओं को लेकर उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के पुरोला में बृहस्पतिवार को प्रस्तावित 'महापंचायत' को रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगायी गई निषेधाज्ञा के विरोध में उत्तरकाशी और आसपास के कस्बों में बाजार बंद रहे। स्थानीय व्यापारी संगठनों ने विश्व हिंदु परिषद और बजरंग दल जैसे हिंदुवादी संगठनों के समर्थन से 'महापंचायत' का आहवान किया था।
पुरोला व्यापार मंडल के अध्यक्ष बृजमोहन चौहान और बड़कोट व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजाराम जगूड़ी ने कहा कि पुरोला में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 लगाने के प्रशासन के तानाशाही रवैये के खिलाफ बड़कोट, नौगांव और पुरोला में संपूर्ण बाजार बंद किया गया।
जगूड़ी ने कहा कि महापंचायत को रोकने के लिए जिस तरह के प्रयास हुए हैं, उससे लगता है कि अपने शहर में अपने लोगों के सामने अपनी बात नहीं रखी जा सकती। यह एक तरह की गुलामी है। उन्होंने कहा कि बाजार बंद का ऐलान उन लोगों की हौसला अफजाई के लिए किया गया है जिन्होंने हिंदुओं को जागरूक करने का काम किया है। पुरोला में 14 जून से छह दिन के लिए धारा 144 लगायी गयी है।
गत 26 मई को एक हिंदु लड़की को दूसरे समुदाय के युवक द्वारा कथित रूप से भगाने के प्रयास के सामने आने के बाद से उत्तरकाशी जिले की यमुना घाटी में फैला तनाव समाप्त होने का नाम ही नहीं ले रहा है।
Uttrakhand Newsतनावपूर्ण स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के दृष्टिगत पुरोला में तीन पीएसी प्लाटून के 300 जवानों सहित देहरादून से दो पुलिस क्षेत्राधिकारियों तथा एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक की तैनाती की है। इसके साथ ही डामटा, ब्रहमखाल एवं नगुण बैरियर पर इकट्ठे होकर आवागमन करने वाले हर व्यक्ति की जांच की जा रही है। नगर पंचायत क्षेत्र में आवगमन के सभी मार्गों पर बैरीकेडिंग के साथ ही पंचायत क्षेत्र में प्रवेश करने वाले हर एक व्यक्ति की जानकारी पुलिस ले रही है।
उत्तरकाशी के पुलिस अधीक्षक अर्पण यदुवंशी ने बताया कि क्षेत्र में रात्रि गश्त के साथ ही जिले की सीमाओं पर बैरियर लगा दिए गए हैं और सघन जांच चल रही है। प्रस्तावित महापंचायत को अनुमति देने से इनकार करने के बाद जिला प्रशासन ने पुरोला नगर पंचायत में कानून और शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए 19 जून तक धारा 144 लगा दी है। पुरोला के उपजिलाधिकारी देवानंद शर्मा ने कहा कि नगर पंचायत क्षेत्र पुरोला में धारा 144 लगायी गयी है और यहां प्रस्तावित महापंचायत को प्रशासन की ओर से किसी प्रकार की अनुमति नहीं है। Uttrakhand News