Bhadrapada Amavasya 2023: कब मनाई जाएगी भाद्रपद अमावस्या नोट कर लें डेट और तर्पण का समय
Bhadrapada Amavasya 2023
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 05:48 AM
Bhadrapada Amavasya 2023 : हिंदू भाद्रपद माह में आने वाली अमावस्या तिथि को भाद्रपद अमावस्या के रुप में मनाया जाता है. पितृ कार्यों हेतु यह अमावस्या अत्यंत विशेष मानी जाती है. इस अमावस्या के दोरान पवित्र नदियों में स्नान के साथ साथ पितरों की शांति के लिए धार्मिक कर्मकाण्डों को करना शुभ फल देने वाला होता है.
when is bhadrapada amavasya 14th or 15th september 2023 इस वर्ष तिथियों में उतार-चढ़ाव के कारण भादो अमावस्या दो दिन बनी रहने वाली है जिसके चलते अमावस्या तिथि का असर दो दिन रहने वाला है.
bhadrapada amavasya kab ki hai 14 सितंबर को अमावस्या तिथि का आरंभ होगा और 15 सितंबर इसकी समाप्ति होगी. भाद्रपद की अमावस्या का समय कई मायनों में खास माना गया है इस दिन को देश के विभिन्न भागों में अलग अलग रुप से मनाया जाता है. इस दिन को कुशग्रहणी अमावस्या के रुप में भी जाना जाता है, क्योंकि इस दिन पूरे वर्ष के लिए कुश घास एकत्रित की जाती है.
Bhadrapada Amavasya 2023
भाद्रपद अमावस्या पूजा विधि bhadrapada amavasya 2023 date puja vidhi
भादो माह की अमावस्या के दिन धार्मिक रुप से किए जाने वाले पूजन, व्रत एवं दान का प्रभाव बहुत शुभ होता है. धूप और ध्यान की दृष्टि से इस अमावस्या का महत्व जीवन में बहुत ही शुभ फलों को देने वाला होता है. यह पर्व उत्सव के समान मनाया जाता है. आइये जानते हैं भादो अमावस्या से जुड़ी खास बातें और पूजा का विशेष फल. भादो की अमावस्या के दिन पितरों की शांति के लिए पूजा पाठ के कार्य किए जाते हैं. इस दिन पर देवी-देवताओं की पूजा के साथ-साथ श्राद्ध, पिंडदान और तर्पण आदि कामों को करने से सुख शांति को प्रदान करता है.
Bhadrapada Amavasya 2023
भाद्रपद अमावस्या तिथि और मुहूर्त समय bhadrapada amavasya in september 2023 date and time Muhurat पंचांग के अनुरुप इस वर्ष भाद्रपद अमावस्या का आरंभ 14 सितंबर को सुबह 4:48 बजे शुरू होगी और 15 सितंबर को सुबह 7:09 बजे अमावस्या तिथि की समाप्ति होगी. भादो अमावस्या पड़ने से व्रत का महत्व और भी बढ़ जाता है. इस दिन साध्य नामक शुभ योग और शुक्ल नामक शुभ योगों की प्राप्ति होगी. भाद्रपद मावस्या के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कार्यों से निवृत्त होकर सूर्य देव को अर्घ्य दिया जाता है. सूर्य को अर्घ्य प्रदान करने हेतु तांबे के लोटे का प्रयोग करते हैं तथा काले तिल और जल के साथ-साथ फूल और चावल भी अर्पित करते हैं.
Bhadrapada Amavasya 2023
भाद्रपद अमावस्या का Bhadrapada Amavasya 2023 Date, Significance भाद्रपद अमावस्या का समय 14 सितंबर को होगा जिसमें कुशग्रहणी और पिठौरी अमावस्या पर्व को मनाया जाएगा. इसके अगले दिन 15 सितंबर को अमावस्या के दिन किए जाने वाले स्नान दान हेतु अत्यंत विशेष होगा. इस दिन देवी दुर्गा की पूजा की जाती है. महिलाओं के लिए इस व्रत का विशेष महत्व होता है, इस दिन अमावस्या का व्रत करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और संतान सुख की प्राप्ति होती है. इस दिन कुशा को एकत्रित करने का भी विशेष नियम होता है.
भाद्रपद अमावस्या दान कार्य करना बहुत शुभ माना जाता है. इस दिन पर सर्पदोष से मुक्ति के लिए पूजा भी बहुत फायदा देती है. शनि ग्रह संबंधित दोष से छुटकारा पाने के लिए भी भाद्रपद अमावस्या का समय विशेष होता है .
एस्ट्रोलॉजर राजरानी
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