
>>प्याज, लहसुन, भिंडी, बैंगन, मशरूम आदि के सेवन से बचना चाहिए।>>व्रत में संवत के चावल या कुट्टू का आटा, साबूदाना, राजगिरा, सिंघारे का आटा का प्रयोग किया जाता है। तरल पदार्थ का सेवन अधिक करना चाहिए। >>नवरात्रि के शुभ दिनों में घर में जो भी भोजन बने उसे सबसे पहले मां को भोग लगाना चाहिए। >>गेहूं, चावल, सूजी, मैदा, मकई का आटा, फलियां और दालें कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जिन्हें लोगों को उपवास में खाने की अनुमति नहीं है। >>इन नौ दिनो में आप नवरात्रि का उपवास रख रहे हैं तो ब्रह्मचर्य व्रत का पालन अवश्य करें। >>नौ दिनों में झूठ नहीं बोलना चाहिए और क्रोध नहीं करना चाहिए। किसी महिला या कन्या का अपमान न करें। >>सुबह और शाम में दुर्गा मां की उपासना जरूर करें। व्रतियों को इस दौरान दुर्गा चालीसा या देवी को प्रसन्न करने के मंत्र पढ़ने चाहिए। नवरात्रि के आखिरी दिन कन्याओं को भोजन कराना चाहिए। उनके पैर छूने चाहिए। >>व्रत के पारण के बाद हैवी डाईट नहीं लेनी चाहिए। थोड़े बहुत खाने के बाद लिक्विड डाईट लेनी चाहिए । जैसे नींबू पानी और जूस वगैरा ले सकते हैं। >>व्रत में किस तरह का भोजन होना चाहिए। आज हम आपको व्रत में खाये जाने वाले कुछ भोजन की रेसपी बताने जा रहे हैं।