नरक चतुर्दशी के दिन ही क्यों मनाई जाती है हनुमान जयंती, जानिए महत्व
नरक चतुर्दशी के दिन ही क्यों मनाई जाती है हनुमान जयंती, जानिए इसका महत्व
Narak Chaturdashi 2023
भारत
RP Raghuvanshi
02 Dec 2025 04:33 AM
भारत
RP Raghuvanshi
02 Dec 2025 04:33 AM
Narak Chaturdashi 2023 : छोटी दिवाली के दिन हनुमान जी का पूजन विशेष रुप से किया जाता है देश भर में यह दिन अलग अलग तरह से कइ रुपों में मनाया जाता है वहीं कुछ स्थानों पर इस दिन को हनुमान जयंती के रुप में भी पूजे जाने का महत्व प्राप्त होता है. इस का वर्णन वाल्मिकि रामायण से भी प्राप्त होता है जहां कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी का दिन भगवान हनुमान के जन्म से संबंधित रहा है. धर्म कथाओं में उल्लेख अनुसार हनुमान जयंती के कई अन्य समय पर भी मनाए जाने का महत्व प्राप्त होता है और उसी में से एक है यह, कार्तिक माह में आने वाला हनुमान जयंती का उत्सव.
जहां चैत्र माह में आने वाली हनुमान जयंती का समय उत्तर भारत में लोकप्रिय रहा है वहीं कार्तिक माह की जयंती का समय दक्षिण भारत में देखा जा सकता है. इस दिन पर भगवान हनुमान जी का विशेष पूजन अर्चन किया जाता है. इस दिन पर मंदिरों में राम कथा के साथ साथ हनुमान जी के जन्म की कथाओं का श्रवण एवं पठन किया जाता है. इस दिन पर विशेष भंडारों का आयोजन होता है तथा हनुमान जी के निमित्त धार्मिक पूजा पाठ अनुष्ठान इत्यादि संपन्न किए जाते हैं.
हनुमान जयंती पूजन तिथि
इस वर्ष 11 नवंबर के दिन हनुमान जयंती का पर्व मनाया जाएगा. हनुमान जी को भगवान शिव के अवतार के रुप में भी पूजा जाता है. हनुमान जी का अवतरण श्री राम भक्त के रुप में होता है जिनके प्रयासों के द्वारा राम जी और सीता जी का मिलन संभव हो पाता है. हनुमान जी के जन्मोत्सव के दिन सभी भक्त भगवान के पूजन के साथ साथ इस दिन व्रत का भी पालन करते हैं. मान्यताओं के अनुसार कलियुग में हनुमान जी का पूजन शीघ्र फल प्रदान करने वाला होता है.
हनुमान जयंती महत्व
कार्तिक माह में आने वाली हनुमान जयंती के दिन कई अन्य शुभ योग भी निर्मित होते हैं. इस समय पर ही भगवान शिव का पूजन करने का नियम मासिक शिवरात्रि के रुप में प्राप्त होता है. इसी समय के दौरान यम के निमित्त दीपदान की परंपरा भी रही है. इस दिन पर देवी काली का पूजन होता है. यह दिन तंत्र और मंत्र दोनों ही सिद्धियों हेतु विशिष्ट होता है. हनुमान भक्तों को आज के दिन हनुमान जी का पूजन पूरे विधि विधान से करना चाहिए. इस दिन भगवान को लाल सिंदूर तथा चोला अर्पित करने से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं. हनुमान जयंती का यह दिवस समस्त प्रकार की आपदाओं से बचाता है तथा सभी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जाओं को दूर करके जीवन में सकारात्मकता को देने वाला माना गया है.
एस्ट्रोलॉजर राजरानी