Thursday, 3 April 2025

भागलपुर के दिहाड़ी मजदूरों को 16 करोड़ टैक्स नोटिस, विभाग में हलचल

Laborer : भागलपुर, बिहार के दो दिहाड़ी मजदूरों (Laborer) को आयकर और जीएसटी विभाग से 16 करोड़ रुपये का टैक्स…

भागलपुर के दिहाड़ी मजदूरों को 16 करोड़ टैक्स नोटिस, विभाग में हलचल

Laborer : भागलपुर, बिहार के दो दिहाड़ी मजदूरों (Laborer) को आयकर और जीएसटी विभाग से 16 करोड़ रुपये का टैक्स चुकाने का नोटिस मिला है। यह नोटिस उनके लिए सिरदर्द बन गया है और वे इसे लेकर परेशान हैं। इन मजदूरों को टैक्स चुकाने का नोटिस भेजा गया है, जबकि वे सिर्फ दिहाड़ी मजदूरी करते हैं और उनका कोई बड़ा व्यवसाय नहीं है।

नोटिस मिलने के बाद की स्थिति

कहलगांव थाना क्षेत्र के रहने वाले चंदन कुमार को 19 मार्च को आयकर और जीएसटी विभाग से टैक्स की हेराफेरी का नोटिस मिला। पहले तो चंदन इस नोटिस को समझ नहीं पाए, लेकिन बाद में एक जानकार से पूछने पर उन्हें जानकारी मिली कि उन्हें टैक्स चुकाने का नोटिस भेजा गया है। इसके बाद वह विभागों के कार्यालयों और वकीलों के पास गए, लेकिन अब तक मामला दर्ज नहीं किया गया है। चंदन ने बताया कि वह केवल दिहाड़ी मजदूरी करते हैं और उनके पास कोई बड़ा व्यापार नहीं है।

मजदूरों (Laborer) के दस्तावेजों की गड़बड़ी

चंदन कुमार ने बताया कि उनका पैन और आधार कार्ड एक अन्य व्यक्ति, मुकेश, ने ले लिया था। कुछ दिनों बाद उनसे जुड़ी गड़बड़ी सामने आई, जिसके कारण उन्हें 16 करोड़ रुपये के टैक्स की हेराफेरी का नोटिस भेजा गया। चंदन का कहना है कि वह केवल मजदूरी करते हैं और उनका इस व्यापार से कोई लेना-देना नहीं है। इसी तरह, कजरेली के रहने वाले सुबोध कुमार को भी 16 करोड़ के टैक्स हेराफेरी का नोटिस मिला है, हालांकि वह भी दिहाड़ी मजदूर हैं।

एनआरआई खाते और दस्तावेजों का गड़बड़ प्रयोग

कुछ अन्य मजदूरों, जैसे कि कटिहार के रत्तीलाल और कहलगांव के वरुण दास को भी इसी तरह के नोटिस मिले हैं। इन सभी का व्यापार विदेशों से हुआ है और एनआरआई खातों में पैसे जमा किए गए हैं। पीड़ितों के पैन और आधार कार्ड सही हैं, लेकिन उनके ईमेल आईडी और फोन नंबर अलग थे, जिसके कारण उनके नाम से फर्जी तरीके से ओटीपी मांगकर पैसा और व्यापार दिखाया गया।

विभाग की जांच और मजदूरों (Laborer) की स्थिति

अधिकारियों का कहना है कि चंदन कुमार और उनके साथी ने साझे का व्यापार किया है, जिसके कारण उन्हें टैक्स चुकाने का नोटिस भेजा गया है। हालांकि, अभी पूरी सच्चाई का पता नहीं चला है और विभाग जांच कर रहा है। चंदन का कहना है कि जिस व्यक्ति ने उनके दस्तावेज़ लिए, वही इस गड़बड़ी का जिम्मेदार है और उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी।

इस मामले ने यह सवाल उठाया है कि कैसे दिहाड़ी मजदूरों (Laborer) के नाम पर फर्जी व्यापार और टैक्स हेराफेरी की जा रही है, जो उनके लिए एक बड़ी मुसीबत बन गई है।Laborer :

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