E Cigarette : ई-सिगरेट बिक्री पर सरकार सख्त, 15 वेबसाइट को नोटिस,महिलाओं में बढ़ रहा शौक
E Cigarette
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 03:23 AM
E Cigarette : ई-सिगरेट बेचने वाली 15 वेबसाइट को स्वास्थ्य मंत्रालय ने नोटिस जारी किया है। प्रतिबंध के बाद भी बेच रहीं थीं ई-सिगरेट। भारत सरकार ने 2019 में इलेक्ट्रानिक सिगरेट निषेध अधिनियम पास किया था। जानिए क्या है ई-सिगरेट और इससे किस प्रकार का खतरा..
चेतना मंच स्पेशल। प्रतिबंध के बावजूद भी E Cigarette बेचने वाले लोगों, वेबसाइटों और सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए व्यापार करने वालों पर सरकार जल्द ही एक्शन की तैयारी में है. सरकार ने इसी सिलसिले में इससे जुड़ी ऑनलाइन वेबसाइट को नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ई-सिगरेट बेचने वाली 15 वेबसाइटों को नोटिस भेजा है और उन्होंने इस उत्पाद की बिक्री और विज्ञापन को रोकने के निर्देश दिए हैं। आधिकारिक सूत्रों ने जानकारी देते हुए बताया कि इन 15 वेबसाइट के अलावा 6 और वेबसाइट पर भी नजर है। भारत सरकार ने 2019 में इलेक्ट्रानिक सिगरेट निषेध (उत्पादन, निर्माण, निर्यात, आयात, आवाजाही, बिक्री, वितरण, भंडारण और विज्ञापन’) अधिनियम पास किया था।
सोशल मीडिया पर भी नजर
E Cigarette को स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सेहत के लिए धूम्रपान जितना ही खतरनाक पाया है। इसके जोखिमों को देखते हुए भारत में इसकी ब्रिकी प्रतिबंधित है, हालांकि कई वेबसाइट्स पर इसकी बिक्री जारी है। इस दिशा में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सख्त कदम उठाया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार स्वास्थ्य मंत्रालय ने भारत में प्रतिबंधित ई-सिगरेट बेचने वाली 15 वेबसाइटों को नोटिस भेजकर उत्पादों का विज्ञापन और बिक्री बंद करने का निर्देश दिया है। छह और वेबसाइटें रडार पर हैं। सूत्रों के मुताबिक मंत्रालय, सोशल मीडिया पर ई-सिगरेट के विज्ञापन और बिक्री पर भी बारीकी से नजर रख रहा है। न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार जिन 15 वेबसाइटों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें से चार ने इसका परिचालन बंद भी कर दिया है। जिन वेबसाइटों ने नोटिस पर अमल नहीं किया उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। गौरतलब है कि साल 2019 से ही भारत में इसकी बिक्री पर रोक है।
E Cigarette को लेकर क्या है कानून?
सरकार ने साल 2019 में इलेक्ट्रानिक सिगरेट निषेध (उत्पादन, निर्माण, निर्यात, आयात, आवाजाही, बिक्री, वितरण, भंडारण और विज्ञापन) अधिनियम पास किया था, जिसके मुताबिक भारत में इसकी बिक्री पर बैन लगा दिया गया था। इन वेबसाइटों को भेजे गए स्वास्थ्य मंत्रालय के नोटिस में कहा गया है कि हमने पाया है कि ई-सिगरेट की अवैध बिक्री और ऑनलाइन विज्ञापन से जुड़ी सूचनाएं आपके प्लेटफार्म पर प्रदर्शित, प्रकाशित, प्रसारित एवं साझा की जा रही हैं जो इलेक्ट्रानिक सिगरेट निषेध अधिनियम की धारा 4 के तहत गैरकानूनी है। इसमें कहा गया है कि इसके आलोक में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 79 (3) (बी) और 15 नवंबर 2021 की सरकारी अधिसूचना के तहत आपको निर्देश दिया जाता है कि इन तक पहुंच को समाप्त करके और साक्ष्य को किसी प्रकार से नुकसान पहुंचाये बिना चिन्हित जानकारी को हटायें।
खुलेआम हो रही है इसकी बिक्री
वेबसाइटों को स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि हमें अवैध ई-सिगरेट के ऑनलाइन विज्ञापन और बिक्री का पता चला है, जो इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम की धारा 4 के तहत गैरकानूनी है। इससे पहले भी मंत्रालय ने फरवरी में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ई-सिगरेट पर लगे प्रतिबंध का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने की सिफारिश की थी। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा था कि ई-सिगरेट जैसे उपकरणों को सुविधा या स्टेशनरी स्टोरों में बेचे जाने के मामले सामने आए हैं। कई जगह हुक्का बार व खुलेआम इसकी बिक्री हो रही है, जिसके परिणामस्वरूप ये उत्पाद बच्चों के लिए आसानी से उपलब्ध हो रहे हैं। इस पर गंभीरता से ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।
क्या होती है ई-सिगरेट
E Cigarette ( इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट) एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण होता है, जो सिगरेट की ही तरह दिखता है। बच्चों-युवाओं में इसकी पहुंच तेजी से बढ़ रही है। अध्ययनों के मुताबिक यह सेहत के लिए बहुत हानिकारक हो सकता है। युवाओं को इसके जोखिमों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से सरकार ने ई-सिगरेट पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया था। भारत ही नहीं थाईलैंड, सिंगापुर, अर्जेंटीना, कंबोडिया सहित करीब 47 देशों में इसकी बिक्री और उपयोग प्रतिबंधित है।
E Cigarette से होते हैं कई नुकसान
ई-सिगरेट वैसे अभी काफी नया है और वैज्ञानिक अभी भी इसके दीर्घकालिक स्वास्थ्य दुष्प्रभावों को जानने के लिए अध्ययन कर रहे हैं। अब तक के शोध में पाया गया है कि ई-सिगरेट में निकोटीन होता है जो कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं जैसे निकोटीन की लत, किशोरों और वयस्कों के मस्तिष्क के विकास को नुकसान पहुंचाने, गर्भवती और शिशुओं के लिए जोखिम कारक पाया गया है। निकोटिन का सेवन हार्ट, किडनी और लीवर के लिए खतरनाक है। इसमें कैंसर पैदा करने वाले एजेंट होते हैं। डब्लूएचओ के मुताबिक ई-सिगरेट के तरह-तरह के फ्लेवर युवाओं को चुंबक की तरह खींचते हैं और अपना आदी बनाते हैं। कई लोगों का मानना होता है कि यह नुकसानदायक नहीं होती है, जबकि सच यह है कि यह सिर्फ उन लोगों के लिए थोड़ी कम नुकसानदायक होती है जो सिगरेट पीते हैं। सिगरेट न पीने वालों के लिए यह नुकसानदायक ही है। ई-सिगरेट जलाने से एरोसोल उत्पादित होता है, जिससे और भी गंभीर स्वास्थ्य दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
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