New Delhi News : एलजी ने दिल्ली संवाद एवं विकास आयोग के उपाध्यक्ष जैस्मीन शाह को बर्खास्त किया
डीडीसीडी के उपाध्यक्ष जैसमीन शाह और दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना।
भारत
चेतना मंच
28 Nov 2025 03:19 PM
New Delhi : नई दिल्ली। दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना ने दिल्ली संवाद एवं विकास आयोग (डीडीसीडी) के उपाध्यक्ष जैस्मीन शाह को उनके पद से बर्खास्त कर दिया है। उपराज्यपाल ने शाह को मिलने वाली सभी सरकारी सेवाओं और सुविधाओं पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। शाह पर पद का दुरुपयोग करने, आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता के तौर पर बयान जारी करने और मीडिया से बात करने का आरोप है।
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गौरतलब है कि एनजी वीके सक्सेना ने इन आरोपों के मद्देनजर उपराज्यपाल कार्यालय ने उन पर सवाल उठाए थे और नोटिस भेजकर जवाब तलब किया था। उन्होंने अफसरों को शाह के दफ्तर पर तुरंत ताला लगाने का निर्देश दिया है। उनका सरकारी वाहन और स्टाफ भी तुरंत वापस लेने का आदेश एलजी ने अधिकारियों को दिया है।
डायलॉग एंड डेवलपमेंट कमीशन (डीडीसीडी) दिल्ली सरकार का थिंकटैंक है। दिल्ली की सत्ता में आने के बाद अरविंद केजरीवाल सरकार ने इसका गठन किया था। जनहित से जुड़ी योजनाओं को तैयार करने और उसे लागू करने की जिम्मेदारी सरकार ने डीडीसी को दे रखी है।
जैस्मीन शाह आम आदमी पार्टी के नेता हैं, जो इस बॉडी के वाइस चेयरमैन थे। प्रशासनिक आदेश मिलने पर एसडीएम सिविल लाइंस ने डीडीसीडी कार्यालय परिसर को गुरुवार देर रात सील कर दिया। जैस्मीन चार वर्ष पहले डायलॉग एंड डेवलपमेंट कमीशन ऑफ दिल्ली के वाइस चेयरमैन बने थे। अरविंद केजरीवाल की कैबिनेट में उनके नाम पर मुहर लगी थी। आशीष खेतान के इस्तीफा देने से मंत्री के समकक्ष वेतन-भत्ते व सुविधा वाला यह पद खाली हुआ था।
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जैस्मीन शाह वर्ष 2016 से दिल्ली सरकार को बजट, ट्रांसपोर्ट जैसे मुद्दों पर सलाह भी देते आ रहे हैं। उन्होंने आईआईटी मद्रास से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। इसके बाद कोलंबिया यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ इंटरनेशनल एंड पब्लिक अफेयर्स से पढ़ाई की। वह नेहरू फुल ब्राइट स्कॉलर भी रहे हैं। उन्हें अर्बन गवर्नेंस और पॉलिसी इश्यूज पर एक दशक से ज्यादा का अनुभव है। अक्टूबर माह में दिल्ली डायलॉग कमीशन के गठन के 7 साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जैस्मिन शाह के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर डीडीसी की उपलब्धियों का बखान किया था।
हालांकि, विपक्ष शुरू से डीडीसी के गठन और इसमें हुई नियुक्तियों को सवाल उठाता रहा है। इस संबंध में उपराज्यपाल को भी शिकायत कई बार शिकायत की जा चुकी थी। अब उपराज्यपाल ने यह फैसला लिया है। अरविंद केजरीवाल ने डीडीसीडी के गठन के 7 वर्ष पूरे होने पर कहा था कि सरकारों में यह देखा जाता है कि अधिकारियों के पास समय नहीं होता है। जल्दीबाजी में वे ऐसी योजनाएं लाते हैं, जो फेल हो जाती हैं। वहीं, दिल्ली सरकार की योजनाएं फेल नहीं होती हैं। कारण यह है कि दिल्ली सरकार की योजनाओं को लागू करने से पहले उनकी ड्राफ्टिंग के समय ही पूरा अध्ययन किया जाता है। डीडीसीडी ने कोरोना के समय बहुत काम किया, जो लोग बेरोजगार हो गए थे, उन्हें काम दिलवाने के लिए, कारोबारियों और काम करने वालों को एक मंच पर लाने के लिए रोजगार पोर्टल बनाया। गरीबों को राशन देने के लिए ई कूपन बनाया। दिल्ली इलेक्ट्रिक नीति डीडीसीडी के प्रयास से आई है।