CJP के मुखिया अभिजीत दीपके को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार दीपके को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत से सशर्त जमानत मिली।
 (1).webp?v=1792236047594)
Delhi News : कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके को अदालत से बड़ी राहत मिली है। दिल्ली में प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले हिरासत में लिए गए दीपके को शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। शनिवार को उन्हें विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (एसईएम) की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें सशर्त जमानत मिलने की जानकारी सामने आई है। इस कार्रवाई ने दिल्ली पुलिस की हिरासत प्रक्रिया और विरोध-प्रदर्शनों के दौरान की जाने वाली कानूनी कार्रवाई को लेकर बहस तेज कर दी है। Delhi News
यह भी पढ़ें :दिल्ली में कांग्रेस की रैली को पुलिस की मंजूरी, रामलीला मैदान में 25 अक्टूबर से तैयारी
दिल्ली पुलिस के अनुसार, अभिजीत दीपके को पहले दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के तहत हिरासत में लिया गया था। इससे संबंधित औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 126 और 170 के तहत शांति भंग की आशंका से जुड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद दीपके को शनिवार को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। अदालत से उन्हें सशर्त जमानत मिलने से फिलहाल राहत मिली है। हालांकि, जमानत की शर्तों का पालन करना उनके लिए आवश्यक होगा। Delhi News
इसे भी पढ़ें : BIG BREAKING : तिरंगा मार्च से पहलेअभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया
अभिजीत दीपके इससे पहले भी पुलिस कार्रवाई का सामना कर चुके हैं। 10 अक्टूबर को दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिए जाने के दौरान भी उनके खिलाफ शांति भंग से संबंधित एक अलग मामला दर्ज किया गया था। उस समय उनसे एक साल तक शांति बनाए रखने और अच्छे आचरण से संबंधित मुचलका भरवाया गया था। Delhi News
विज्ञापन