
Delhi : देश एक बार फिर आतंकवाद की विभीषिका से दहला है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पूरे देश में रोष की लहर है। लेकिन इस बार खास बात यह रही कि दिल्ली की जामा मस्जिद की सीढ़ियों पर सैकड़ों मुसलमानों ने एक सुर में आतंकवाद के खिलाफ आवाज बुलंद की और पाकिस्तान को सख्त संदेश दिया – “बंद करो ये कत्लेआम”।
जुमे की नमाज़ के बाद सैकड़ों मुस्लिम नागरिकों ने तिरंगा और पोस्टर लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
पोस्टरों पर लिखा था – “हर घर से निकलेगी आवाज़, आतंकवाद का हो विनाश” और “एक बेगुनाह का कत्ल, सारी इंसानियत का कत्ल है”।
“पहलगाम हमला सिर्फ भारत पर नहीं, पूरी इंसानियत पर हमला है”, यह भाव स्पष्ट रूप से नज़र आया।
दिल्ली के प्रमुख व्यापारिक इलाकों जैसे सदर बाजार, चांदनी चौक, भागीरथ प्लेस, खारी बावली, हौज काज़ी, जामा मस्जिद इलाका आदि ने 25 अप्रैल को पूर्ण बंद का ऐलान किया।
बाजार संघों ने एक स्वर में कहा – “आतंकवाद को समर्थन देने वालों को बख्शा नहीं जा सकता।”
भारत ने सिंधु जल संधि (1960) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है – यह पाकिस्तान के लिए एक बड़ा झटका है।
भारत ने कहा कि पाकिस्तान ने समझौते की शर्तों का उल्लंघन किया है और अब कूटनीतिक स्तर पर सख्त कार्रवाई होगी।
केंद्र सरकार ने 24 अप्रैल 2025 को सर्वदलीय बैठक बुलाई, जिसमें सभी प्रमुख दलों ने एकजुट होकर आतंकवाद की निंदा की।
सरकार ने बताया कि यह हमला उस समय किया गया, जब जम्मू-कश्मीर में पर्यटन और आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ रही थीं, ताकि माहौल को खराब किया जा सके। Delhi :