जब प्रियंका गांधी बीजेपी सांसद पर भड़कीं, जानें क्या हुआ
Ruckus Over Bag
दिल्ली
RP Raghuvanshi
30 Nov 2025 05:31 AM
दिल्ली
RP Raghuvanshi
30 Nov 2025 05:31 AM
Ruckus Over Bag : संसद में पूरे सत्र के दौरान किसी ना किसी बात को लेकर हंगामा होता ही रहा। संसद के शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन शुक्रवार को भी कांग्रेस और बीजेपी सांसदों में तल्खी बनी रही जो साफ दिख रही थी। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा जानबूझकर कोई ना कोई ऐसा मुद््दा सेट कर देती है जिससे लोगों का ध्यान उधर ही लगा रहे और मुख्य समस्याओं पर किसी का ध्यान ही ना रहे। इसी क्रम में एक नया ड्रामा शुक्रवार को 'मकर द्वार' पर देखने को मिला, जब प्रियंका गांधी वाड्रा को बीजेपी सांसद अपराजिता सारंगी को चेतावनी देते सुना गया, 'ये मेरे साथ मत करियो...। दरअसल प्रियंका इस बात से नाराज थीं कि भाजपा सांसद सारंगी ने उन्हें एक झोला दिया था, जिस पर प्रमुखता से 'सिखों का नरसंहार' और '1984' लिखा हुआ था। जो 1984 में हुए सिखों के नरसंहार का संदर्भ था, जिसके लिए तत्कालीन राजीव गांधी सरकार को दोषी ठहराया गया था।
राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी से मिले 'उपहार'
शुक्रवार को 'मकर द्वार' पर यह वाकया तब हुआ जब सांसद प्रियंका गांधी और और भाजपा सांसद सारंगी लोकसभा में दाखिल हो रहे थे। उसी समय एक सोची समझी हरकत सांसद सारंगी ने प्रियंका के साथ कर दी। सारंगी ने अचानक से एक बैग प्रियंका गांधी को सौंप दिया। पहले तो वायनाड से कांग्रेस सांसद ने एक राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी से मिले 'उपहार' को खुशी-खुशी स्वीकार कर लिया और सारंगी को धन्यवाद भी दिया। लेकिन जब उन्होंने बैग पर 'नरसंहार' वाला संदेश देखा तो उनका चेहरा गुस्से से लाल हो गया, उन्होंने कड़े शब्दों में सारंगी को चेतावनी दी। ये सब मेरे साथ नहीं चलेगा, ये मेरे साथ मत करियो।
सोशल मीडिया पर शेयर हो रहा घटना का वीडियो
प्रियंका गांधी से जुड़े इस घटना का वीडियो बड़ी तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। किसी ने मकर द्वार पर प्रियंका गांधी के साथ घटी इस घटना की वीडियो रिकार्डिंग करके उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर डाल दिया। इस वीडियो मेंं प्रियंका गांधी उस झोले को लेकर भाजपा सांसद सारंगी जिसने उन्हें झोला दिया था उसकी ओर देखकर बड़े प्यार से मुस्कुरा रही हैं। बाद में सच्चाई से अवगत होते ही उनका तमतमाया चेहरा नजर आया।
भाजपा और कांग्रेस में तल्खी बरकरार
संसद के पूरे शीतकालीन सत्र के दौरान कांग्रेस और बीजेपी सांसदों में तल्खी बनी रही जो साफ दिख रही थी। दोनों दल किसी न किसी बात को मुद््दा बनाकर एक दूसरे से भिड़े पड़े थे। संसद के शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन शुक्रवार को भी इनमें तल्खी बनी रही जो साफ दिख रही थी। कभी अडानी, कभी आंबेडकर तो कभी धक्का मुक्की कांड तो अंत में 1984 लिखा झोला प्रियंका को थमाने का मामला हो, बस मुद्दा बनना चाहिए ताकि हंगामा करके जनता का ध्यान भटकाया जा सके। इन सब हंगामे के बीच जनता का असली मुद््दा न जाने कहां खो गया किसी को इसकी सुध भी लेने की जरूरत नहीं है।