करोड़ों की वसीयत और परिवार में बंटवारा, शुरू हुई कपूर खानदान की असली कानूनी लड़ाई!
भारत
चेतना मंच
10 Sep 2025 05:40 PM
बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर के बच्चों ने दिल्ली हाईकोर्ट में अपने पिता संजय कपूर की ₹30,000 करोड़ की संपत्ति पर अधिकार की मांग करते हुए बड़ा कदम उठाया है। यह मामला अब न केवल पारिवारिक विवाद बन गया है बल्कि कानूनी रूप से भी जटिल मोड़ ले चुका है। समायरा कपूर (19) और कियान कपूर (14) ने अपनी सौतेली मां प्रिया कपूर पर आरोप लगाया है कि उन्होंने उनके पिता की वसीयत में हेरफेर कर संपत्ति पर पूरी तरह से कब्जा करने की कोशिश की है। Karishma Kapoor
क्या है मामला?
संजय कपूर, जो सोना कॉमस्टार के चेयरमैन और एक बड़े उद्योगपति थे, का निधन जून 2025 में हो गया था। मृत्यु के समय वे अपनी तीसरी पत्नी प्रिया कपूर के साथ रह रहे थे जिनसे उनका एक बेटा भी है। इससे पहले संजय की शादी करिश्मा कपूर से हुई थी जिससे उनके दो बच्चे समायरा और कियान हैं। अब दोनों बच्चों ने अदालत में याचिका दायर कर मांग की है कि उन्हें अपने पिता की संपत्ति में न्यायसंगत हिस्सा मिले। उनका आरोप है कि प्रिया कपूर ने एक विवादित वसीयत के जरिए पूरी संपत्ति खुद के नाम करवा ली है।
वसीयत पर सवाल
करिश्मा के बच्चों का कहना है कि संजय कपूर ने अगर वसीयत बनाई होती तो वह अपनी पहली संतान को जरूर बताकर जाते। उनका आरोप है कि प्रिया कपूर ने अपने दो सहयोगियों दिनेश अग्रवाल और नितिन शर्मा के साथ मिलकर वसीयत को छह हफ्तों तक छिपाकर रखा और फिर 30 जुलाई 2025 को एक पारिवारिक बैठक में पेश किया। इतना ही नहीं, बच्चों का दावा है कि वसीयत की कोई असली कॉपी उन्हें नहीं दिखाई गई और न ही उसे कोर्ट में सत्यापित करवाया गया। पहले प्रिया का यह कहना था कि कोई वसीयत है ही नहीं और संजय की सारी संपत्ति R.K. फैमिली ट्रस्ट के अधीन है। लेकिन बाद में उन्होंने 21 मार्च 2025 की तारीख वाली वसीयत कोर्ट में जमा कराई।
क्या कहता है कानून?
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, किसी वसीयत को अदालत में चुनौती देना आसान काम नहीं होता। सुप्रीम कोर्ट की वकील शिस्बा चावला ने लोकल18 से बात करते हुए कहा, “वसीयत एक सशक्त कानूनी दस्तावेज होती है। इसे खारिज कराने के लिए यह साबित करना जरूरी होता है कि वसीयत के दस्तखत फर्जी हैं, गवाह अविश्वसनीय हैं या वसीयत दबाव/धोखे में बनाई गई है। बिना ठोस सबूत के कोर्ट में वसीयत को अमान्य कराना बेहद मुश्किल होता है।” चावला ने यह भी कहा कि करिश्मा कपूर अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं और चाहती हैं कि उन्हें उनके पिता की संपत्ति में न्यायपूर्ण अधिकार मिले।
दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी संबंधित पक्षों को आदेश दिया है कि संपूर्ण निजी संपत्तियों का विवरण कोर्ट में प्रस्तुत किया जाए। आने वाले हफ्तों में इस मामले की सुनवाई की जाएगी, जो यह तय करेगी कि इतनी बड़ी संपत्ति का असली हकदार कौन है।क्या समायरा और कियान को मिलेगा उनका हक या प्रिया कपूर को मिलेगी पूरी संपत्ति? अदालत का फैसला होगा निर्णायक। Karishma Kapoor