Manoj Muntashir ने ट्विटर पर हाथ जोड़कर मांगी माफी
He apologized for the dailogues included in the film.
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 02:47 PM
By : Anuradha Audichya, 8 July, Bollywood
16 जून को रिलीज़ हुई एक बड़े बजट (500 करोड़) की फ़िल्म Adipurush को देखने के बाद लोगों ने न केवल फ़िल्म के डायरेक्टर ओम राउत को जमकर ट्रोल किया बल्कि डायलॉग राइटर Manoj Muntashir को भी जवाबदेही के घेरे में घसीटा।
दर्शकों और कोर्ट की कड़ी निंदा के बाद फ़िल्म में हनुमान किरदार के कुछ डायलॉग्स को बदला गया लेकिन इसका ज्यादा असर लोगों पर नहीं पड़ा। परिणामस्वरुप आज फ़िल्म के डायलॉग लिखने वाले जाने - माने राइटर Manoj Muntashir ट्वीट करके माफ़ी मांगते हुए दिखायी दिए।
क्या लिखा अपने ट्वीट में?
देश के हर एक वर्ग से माफ़ी मांगते हुए Manoj Muntashir ने अपने ट्वीट में लिखा है कि,
"मैं स्वीकार करता हूँ कि फ़िल्म आदिपुरुष से जन भावनायें आहत हुईं हैं. अपने सभी भाइयों-बहनों, बड़ों, पूज्य साधु-संतों और श्री राम के भक्तों से, मैं हाथ जोड़ कर, बिना शर्त क्षमा माँगता हूँ. भगवान बजरंग बली हम सब पर कृपा करें, हमें एक और अटूट रहकर अपने पवित्र सनातन और महान देश की सेवा करने की शक्ति दें!🙏"
https://twitter.com/manojmuntashir/status/1677504640009781250?t=BWTvu0FznaEUtma0LWBpSA&s=08
क्या रही मनोज मुन्तशीर की माफ़ी पर लोगों की प्रतिक्रिया?
हालांकि लोग इस ट्वीट के कमेंट सेक्शन में पूरी तरह से आश्वस्त नहीं दिख रहें हैं और लोगों ने लिखा है कि ये माफ़ी आपको काफ़ी समय पहले ही मांग लेनी चाहिये थी। अब ज़ब आपकी फ़िल्म नहीं चल रही है तब आप थक हार कर माफ़ी मांगने का ढोंग कर रहें हैं।
Manoj Muntashir
वहीं एक अन्य यूजर ने कहा कि, यह माफ़ी मन से नहीं बल्कि मजबूरी में मांगी जा रही है क्योंकि लोग आपको अब ठीक से जान चुके हैं और आपके हाथों से कई बड़े प्रोजेक्ट्स भी निकल चुके हैं।
लोगों का रोष कमेंट सेक्शन में इस कदर दिखायी दे रहा है कि कई यूजर्स ने तो Manoj Muntashir की तुलना एक भावनाओं से खेलने वाले व्यवसाई से कर दी है जो पैसे के लिए हिंदु धर्म का अपमान कर सकता है।
क्यों हुआ था फ़िल्म का बॉयकॉट?
शुरुआती दौर में फ़िल्म के लिए काफी उत्साहित दिखे लोगों ने ज़ब इस फ़िल्म के डायलॉग सुनें और दृश्यों को देखा तो उनकी धार्मिक भावनायें आहत हुईं। इसका कारण था भगवान हनुमान के द्वारा बोले गए डायलॉग्स जो किसी गली के आवारा लड़कों की बोलचाल से भी गए गुजरे थे। वहीं माता सीता को पहनाये गए वस्त्र और पौराणिक कहानी का गलत चित्रण भी लोगों को हजम नहीं हो सका।