General Knowledge : हमारे शरीर के विभिन्न अंगों के कार्य अलग-अलग होते हैं, और हर अंग का अपने स्थान पर महत्वपूर्ण योगदान होता है। हालांकि, शरीर के कुछ अंगों की स्थिति खराब होने पर मौत हो जाती है, तो कुछ अंग ऐसे होते हैं जो अपनी क्रियाएं बंद करने के बाद भी कुछ समय तक काम कर सकते हैं।
हाथ-पैर के बिना जीवन
कभी आपने सोचा है कि अगर किसी इंसान के हाथ या पैर काम न कर रहे हों, तो वह फिर भी जिंदा रह सकता है। इंसान बिना हाथ-पैर के भी जीवन जीता है, खाता-पीता है, सोता है और जागता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर किसी का सिर न हो तो क्या वह जिंदा रह सकता है?
गर्दन के कटने पर मौत
गर्दन के कटने पर तुरंत मौत हो जाती है। यह इसलिए होता है क्योंकि गर्दन कटने से मस्तिष्क और हृदय की क्रियाएं रुक जाती हैं। मस्तिष्क, जो शरीर को आदेश देता है, काम करना बंद कर देता है और हृदय, जो खून को शरीर में पंप करता है, रुक जाता है। इसके कारण शरीर की सभी क्रियाएं ठप हो जाती हैं और इंसान की मौत हो जाती है।
हाथ-पैर कटने के बाद भी जीवन संभव
हालांकि, अगर शरीर के अन्य अंग जैसे हाथ या पैर कट जाएं, तो मौत हो सकती है, लेकिन अगर खून बहना तुरंत रोका जाए तो जान बचाई जा सकती है। इसलिए शरीर के कुछ अंगों के कटने के बावजूद, अगर खून की आपूर्ति को नियंत्रित किया जाए, तो व्यक्ति को बचाया जा सकता है। जब शरीर मौत के करीब होता है, तो मस्तिष्क, हृदय, और फेफड़े सबसे पहले प्रभावित होते हैं। इन अंगों का काम रुकते ही शरीर का जीवन समाप्त हो जाता है।
पुनर्निर्माण योग्य अंग
कुछ अंगों को फिर से बनाया जा सकता है, जैसे कि त्वचा, बाल, और नाखून। ये अंग शरीर के “अंगरक्षक” होते हैं, जो पुनः उत्पन्न होते हैं। जबकि दांत शरीर का सबसे कठोर पदार्थ होते हैं और ये आग में जलकर भी नष्ट नहीं होते। चिता में जलने के बाद भी दांत बच जाते हैं।
दिमाग
हमारे शरीर की सारी गतिविधियाँ दिमाग के आदेश पर होती हैं। दिमाग नाक से ऑक्सीजन खींचने और हृदय से खून को शरीर में पंप करने का काम नियंत्रित करता है। गर्दन कटने से दोनों प्रक्रियाएँ रुक जाती हैं, जिससे व्यक्ति की मृत्यु तुरंत हो जाती है। यदि इनमें से कोई एक क्रिया भी रुक जाती है, तो जीवन का अस्तित्व समाप्त हो जाता है। General Knowledge