AIIMS Faculty Vacancy: एम्स में 2561 प्रोफेसर पद खाली, सरकार बना रही नया भर्ती प्लान

एम्स में प्रोफेसरों के 2561 पद खाली हैं। आरक्षित वर्ग में उम्मीदवार न मिलने से संकट गहराया। सरकार अब कुल पद बढ़ाकर नई भर्ती योजना पर काम कर रही है।

एम्स फैकल्टी वैकेंसी
एम्स फैकल्टी वैकेंसी
locationभारत
userसुप्रिया श्रीवास्तव
calendar10 Feb 2026 01:20 PM
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देश के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में गिने जाने वाले एम्स में प्रोफेसरों की भारी कमी सामने आई है। संसद और आरटीआई के माध्यम से सामने आए आंकड़ों के अनुसार एम्स में प्रोफेसरों के लगभग 40 फीसदी पद खाली हैं। इस स्थिति ने न केवल मेडिकल शिक्षा बल्कि मरीजों के इलाज की व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ा दिया है। इसी चुनौती से निपटने के लिए केंद्र सरकार अब एक नया भर्ती प्लान तैयार कर रही है, जिसमें कुल स्वीकृत पदों की संख्या बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।

एम्स में प्रोफेसरों की कमी कितनी गंभीर

देश में कुल 23 एम्स स्वीकृत हैं, जिनमें से 19 एम्स फिलहाल पूरी तरह संचालित हो रहे हैं। इन एम्स में प्रोफेसरों के कुल 6,376 पद स्वीकृत हैं, लेकिन इनमें से 2,561 पद अभी भी खाली पड़े हैं। यह संख्या कुल पदों का करीब 40 प्रतिशत है, जो किसी भी बड़े संस्थान के लिए गंभीर स्थिति मानी जाती है। प्रोफेसरों की कमी के कारण पढ़ाई, रिसर्च और मरीजों के इलाज पर सीधा असर पड़ रहा है।

आरक्षित वर्ग में उम्मीदवार न मिलना बड़ी वजह

एम्स में खाली पड़े पदों की सबसे बड़ी वजह आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों की उपलब्धता न होना है। ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग के लिए कुल पदों में लगभग 49.5 फीसदी आरक्षण का प्रावधान है। सूत्रों के अनुसार, एम्स में जो पद खाली हैं उनमें से करीब 90 से 95 फीसदी पद इन्हीं आरक्षित श्रेणियों के हैं। कई बार विज्ञापन निकालने के बावजूद इन श्रेणियों में पर्याप्त योग्य उम्मीदवार नहीं मिल पा रहे हैं।

सरकार क्यों बढ़ाना चाहती है कुल पद

सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि संस्थानों का कामकाज प्रभावित न हो। आरक्षित पदों को सामान्य श्रेणी में बदलने की प्रक्रिया बेहद लंबी और जटिल होती है। इसके लिए बार-बार विज्ञापन, संबंधित मंत्रालयों की अनुमति और आरक्षण से जुड़े आयोगों की अनापत्ति लेनी पड़ती है, जिसमें काफी समय लग जाता है। इसी वजह से सरकार अब कुल स्वीकृत पदों की संख्या बढ़ाने पर विचार कर रही है, ताकि सामान्य और आरक्षित दोनों श्रेणियों में पर्याप्त संख्या में प्रोफेसर उपलब्ध रह सकें।

खाली पद सामान्य में बदलने की प्रक्रिया क्यों कठिन

नियमों के तहत आरक्षित श्रेणी के पदों को सीधे सामान्य श्रेणी में बदलना आसान नहीं है। पहले कई बार भर्ती प्रक्रिया करनी होती है, फिर यह साबित करना पड़ता है कि उम्मीदवार उपलब्ध नहीं हैं। इसके बाद कार्मिक मंत्रालय और सामाजिक न्याय से जुड़े आयोगों की अनुमति जरूरी होती है। यही कारण है कि यह प्रक्रिया लंबी खिंच जाती है और संस्थानों को लंबे समय तक खाली पदों के साथ काम करना पड़ता है।

भर्ती तेज करने के लिए उठाए गए कदम

सरकार ने एम्स में प्रोफेसरों की भर्ती प्रक्रिया को तेज करने के लिए कुछ अहम कदम भी उठाए हैं। इसके तहत एम्स में हर तीन महीने में साक्षात्कार आयोजित किए जा रहे हैं, यानी साल में चार बार भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा कुछ केंद्रीय विश्वविद्यालयों ने पद खाली होने से पहले ही भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की पहल की है, ताकि रिक्तियों का असर कम किया जा सके।

केंद्रीय विश्वविद्यालयों में भी हालात चिंताजनक

एम्स के साथ-साथ देश के 45 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में भी प्रोफेसरों की भारी कमी है। यहां करीब 5,400 पद खाली पड़े हैं। इन विश्वविद्यालयों में भी आरक्षित श्रेणियों में रिक्तियों की स्थिति ज्यादा गंभीर है। आंकड़ों के अनुसार, एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग में 75 से 80 फीसदी तक पद खाली हैं। इस समस्या से निपटने के लिए यूजीसी ने सीयू चयन नाम से एक ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया है, जिससे भर्ती प्रक्रिया को आसान बनाया जा सके।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद बढ़ी हलचल

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने उच्च शिक्षण संस्थानों में लंबे समय से खाली पड़े शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पदों को चार महीने के भीतर भरने के निर्देश दिए थे। अदालत ने यह भी कहा था कि कुलपति और रजिस्ट्रार जैसे अहम पद एक महीने में भरे जाएं। इसके बाद सरकार और संस्थानों पर भर्ती प्रक्रिया तेज करने का दबाव बढ़ गया है।

सरकार की कोशिश और आगे की राह

सरकार ने सभी केंद्रीय संस्थानों को बैकलॉग रिक्तियों को जल्द से जल्द भरने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जा रहे हैं। अब कुल पदों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। यदि यह योजना लागू होती है, तो आने वाले समय में एम्स और केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रोफेसरों की कमी कुछ हद तक दूर हो सकती है और शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद की जा सकती है।

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DU Recruitment 2026: लंबे इंतजार के बाद 12 कॉलेजों में 600 असिस्टेंट प्रोफेसर की बंपर वैकेंसी!

दिल्ली यूनिवर्सिटी भर्ती 2026 में बड़ा अपडेट। DU के 12 कॉलेजों में 600 से अधिक असिस्टेंट प्रोफेसर पदों पर मार्च 2026 से भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी। पूरी खबर पढ़ें।

दिल्ली यूनिवर्सिटी असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती
दिल्ली यूनिवर्सिटी असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती
locationभारत
userसुप्रिया श्रीवास्तव
calendar10 Feb 2026 12:10 PM
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दिल्ली विश्वविद्यालय से जुड़ी बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से रुकी हुई भर्ती प्रक्रिया अब शुरू होने जा रही है। दिल्ली सरकार की मदद से चल रहे डीयू के 12 कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 600 से अधिक रिक्त पदों पर भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार यह भर्ती प्रक्रिया मार्च 2026 से शुरू होगी। इससे न केवल योग्य अभ्यर्थियों को अवसर मिलेगा, बल्कि वर्षों से तदर्थ और अतिथि शिक्षकों के सहारे चल रहे कॉलेजों को भी स्थायित्व मिलेगा।

DU के 12 कॉलेजों में क्यों खास है यह भर्ती

दिल्ली विश्वविद्यालय के ये 12 कॉलेज दिल्ली सरकार द्वारा वित्तपोषित हैं। बीते कई वर्षों से इन कॉलेजों में स्थायी शिक्षकों की भारी कमी बनी हुई थी। असिस्टेंट प्रोफेसर के 600 से ज्यादा पद खाली होने के बावजूद नियुक्तियां नहीं हो पा रही थीं। इसकी वजह विश्वविद्यालय और दिल्ली सरकार के बीच नियुक्तियों, खर्च और गवर्निंग बॉडी को लेकर चला आ रहा प्रशासनिक गतिरोध था। अब यह अड़चन दूर हो गई है और भर्ती को लेकर सभी स्तरों पर सहमति बन चुकी है।

मार्च 2026 से शुरू होगी नियुक्ति प्रक्रिया

डीयू के डीन ऑफ कॉलेज प्रोफेसर बलराम पाणि के अनुसार असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। दिल्ली सरकार की ओर से भी सकारात्मक संकेत मिले हैं। पिछले कुछ महीनों से इन कॉलेजों के रुके हुए फंड और शिक्षकों के वेतन संबंधी अनुदान भी जारी किए जा रहे हैं। ऐसे में अब भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में कोई बड़ी बाधा नहीं बची है।

पिछली सरकार के फैसले से क्यों अटकी थी भर्ती

दिल्ली सरकार द्वारा वित्तपोषित कॉलेजों के एक प्रिंसिपल के अनुसार पहले कॉलेज की गवर्निंग बॉडी की अनुमति से रिक्त पदों पर नियुक्तियां हो जाया करती थीं। लेकिन पिछली सरकार के दौरान व्यवस्था बदली गई और रिक्त पदों पर भर्ती के लिए सीधे सरकार की मंजूरी अनिवार्य कर दी गई। इसी बदलाव के बाद से नियुक्तियों में देरी और गतिरोध की स्थिति बनती चली गई।

लंबे समय से तदर्थ और अतिथि शिक्षक संभाल रहे थे पढ़ाई

इन कॉलेजों में स्थायी असिस्टेंट प्रोफेसर की कमी का सीधा असर पढ़ाई पर भी पड़ा। कई विभागों में वर्षों से तदर्थ और अतिथि शिक्षक ही जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। जब दिल्ली विश्वविद्यालय के अन्य कॉलेजों में पांच हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियां हुई थीं, तब भी इन 12 कॉलेजों में रिक्तियां नहीं भरी जा सकीं। अब स्थायी भर्ती शुरू होने से शिक्षण व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

दिल्ली सरकार और डीयू के बीच बनी सहमति

रिक्त पदों को भरने के लिए दिल्ली सरकार और दिल्ली विश्वविद्यालय के अधिकारियों के बीच बैठकें हो चुकी हैं। विश्वविद्यालय अधिकारियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू होने की पूरी संभावना है। इससे पहले जो प्रशासनिक अड़चनें थीं, उन्हें दूर कर लिया गया है।

गवर्निंग बॉडी गठन की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में

इन 12 कॉलेजों में गवर्निंग बॉडी के गठन को लेकर भी प्रक्रिया चल रही है। डीयू के एक अधिकारी के मुताबिक यह प्रक्रिया जल्द पूरी हो जाएगी। इन गवर्निंग बॉडी में दिल्ली विश्वविद्यालय और दिल्ली सरकार, दोनों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं। गवर्निंग बॉडी बनने के बाद प्रशासनिक फैसलों और नियुक्तियों में और तेजी आने की उम्मीद है।

दिल्ली विश्वविद्यालय के 12 कॉलेजों में 600 से अधिक असिस्टेंट प्रोफेसर पदों पर होने वाली यह भर्ती न केवल अभ्यर्थियों के लिए सुनहरा मौका है, बल्कि उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में भी एक अहम कदम मानी जा रही है।

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10वीं पास युवाओं के लिए रक्षा क्षेत्र में बंपर भर्ती, HVF फैक्ट्री में 220 पदों पर आवेदन शुरू

HVF Recruitment 2026 में 10वीं पास युवाओं के लिए रक्षा क्षेत्र की सरकारी फैक्ट्री में 220 जूनियर टेक्नीशियन पदों पर भर्ती शुरू। जानें योग्यता, सैलरी, चयन प्रक्रिया और आवेदन की पूरी जानकारी।

HVF भर्ती 2026
HVF भर्ती 2026
locationभारत
userसुप्रिया श्रीवास्तव
calendar10 Feb 2026 11:34 AM
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रक्षा क्षेत्र में सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे 10वीं पास युवाओं के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। हेवी व्हीकल्स फैक्ट्री (HVF), आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड (AVNL) ने जूनियर टेक्नीशियन भर्ती 2026 का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती के तहत देशभर से योग्य उम्मीदवारों को सरकारी फैक्ट्री में काम करने का मौका मिलेगा। खास बात यह है कि इस भर्ती में 10वीं पास उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं।

HVF Recruitment 2026 क्या है

HVF Recruitment 2026 रक्षा क्षेत्र से जुड़ी एक अहम भर्ती है, जिसके जरिए हेवी व्हीकल्स फैक्ट्री में जूनियर टेक्नीशियन के पद भरे जाएंगे। यह फैक्ट्री भारतीय रक्षा उत्पादन व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहां सैन्य वाहनों और उपकरणों का निर्माण किया जाता है। ऐसे में यहां नौकरी पाना युवाओं के लिए सम्मान और स्थिर करियर का मौका माना जाता है।

कुल कितने पदों पर होगी भर्ती

इस भर्ती अभियान के तहत कुल 220 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। सभी पद जूनियर टेक्नीशियन के हैं और इन्हें कॉन्ट्रैक्ट आधार पर भरा जाएगा। शुरुआत में उम्मीदवारों की नियुक्ति एक साल के लिए होगी। जरूरत और प्रदर्शन के आधार पर इस कॉन्ट्रैक्ट को अधिकतम चार साल तक बढ़ाया जा सकता है।

किन ट्रेड्स में निकली हैं वैकेंसी

HVF जूनियर टेक्नीशियन भर्ती 2026 में कई तकनीकी ट्रेड शामिल किए गए हैं। अलग-अलग ट्रेड में पदों की संख्या अलग तय की गई है।

मुख्य ट्रेड और पद इस प्रकार हैं

  • मशीनिस्ट के 122 पद
  • ऑपरेटर मटेरियल हैंडलिंग इक्विपमेंट के 55 पद
  • रिगर के 25 पद
  • हीट ट्रीटमेंट ऑपरेटर के 8 पद
  • फिटर ऑटो इलेक्ट्रिक के 4 पद
  • सैंड एंड शॉट ब्लास्टर के 6 पद

योग्यता क्या मांगी गई है

जूनियर टेक्नीशियन पद के लिए उम्मीदवार के पास संबंधित ट्रेड में NAC, NTC या STC प्रमाणपत्र होना अनिवार्य है। कुछ पदों के लिए 10वीं पास के साथ-साथ संबंधित क्षेत्र में अनुभव और जरूरी लाइसेंस भी मांगा गया है।

उदाहरण के तौर पर, कुछ ट्रेड में हेवी व्हीकल ड्राइविंग लाइसेंस या क्रेन ऑपरेशन का अनुभव जरूरी है। हर ट्रेड के लिए योग्यता अलग-अलग तय की गई है, इसलिए आवेदन से पहले आधिकारिक नोटिफिकेशन ध्यान से पढ़ना जरूरी है।

उम्र सीमा और आयु में छूट

HVF भर्ती 2026 के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार की अधिकतम उम्र 35 साल होनी चाहिए। हालांकि आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकार के नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी।

आयु में छूट के बाद अधिकतम उम्र सीमा 55 साल तक हो सकती है।

कितनी मिलेगी सैलरी

जूनियर टेक्नीशियन पद पर चयनित उम्मीदवारों को हर महीने 21,000 रुपये वेतन दिया जाएगा। इसके अलावा IDA और 5 प्रतिशत स्पेशल अलाउंस भी मिलेगा। इस तरह कुल मासिक आय और भी बेहतर हो जाती है, जो 10वीं पास युवाओं के लिए एक अच्छा पैकेज माना जा रहा है।

चयन प्रक्रिया कैसे होगी

HVF भर्ती में चयन प्रक्रिया को सरल रखा गया है। उम्मीदवारों का चयन कई चरणों में किया जाएगा।

चयन प्रक्रिया इस प्रकार होगी

  • पहले शॉर्टलिस्टिंग की जाएगी
  • HVF के पूर्व अप्रेंटिस को प्राथमिकता दी जाएगी
  • शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों का डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन होगा
  • अंतिम चरण में ट्रेड टेस्ट लिया जाएगा
  • ट्रेड टेस्ट केवल क्वालिफाइंग होगा, यानी इसमें FIT या UNFIT के आधार पर फैसला किया जाएगा।

आवेदन कब और कैसे करना है

HVF जूनियर टेक्नीशियन भर्ती 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया 25 जनवरी 2026 से शुरू हो चुकी है। उम्मीदवार 14 फरवरी 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को HVF या AVNL की आधिकारिक वेबसाइट से आवेदन फॉर्म डाउनलोड करना होगा।

आवेदन कहां भेजना होगा

भरे हुए आवेदन फॉर्म के साथ सभी जरूरी दस्तावेज और आवेदन शुल्क का प्रमाण पत्र जोड़कर उम्मीदवारों को साधारण डाक के जरिए भेजना होगा।

आवेदन भेजने का पता है

Heavy Vehicles Factory, Avadi, Chennai – 600054

अगर कोई उम्मीदवार एक से अधिक पदों के लिए आवेदन करना चाहता है, तो उसे हर पद के लिए अलग-अलग आवेदन फॉर्म भेजना अनिवार्य होगा।

10वीं पास युवाओं के लिए सुनहरा मौका

HVF Recruitment 2026 उन युवाओं के लिए खास मौका है, जो 10वीं पास करने के बाद सरकारी नौकरी की तलाश में हैं और रक्षा क्षेत्र में काम करने का सपना देखते हैं। अच्छी सैलरी, सरकारी फैक्ट्री का अनुभव और भविष्य में कॉन्ट्रैक्ट बढ़ने की संभावना इस भर्ती को और भी आकर्षक बनाती है।

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