यूपी सरकार का मास्टर प्लान: 9वीं की परीक्षा पास करो, 12वीं तक पाओ ₹48,000 की स्कॉलरशिप!
उत्तर प्रदेश सरकार 9वीं कक्षा के छात्रों के लिए नई छात्रवृत्ति परीक्षा लाने की तैयारी में है। परीक्षा पास करने पर 10वीं से 12वीं तक हर महीने 1000 रुपये स्कॉलरशिप मिलेगी।

उत्तर प्रदेश के स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार की ओर से छात्रों को आर्थिक रूप से मजबूत करने और पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक नई छात्रवृत्ति योजना की तैयारी की जा रही है। यह योजना पहले आयोजित होने वाली राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा यानी एनटीएसई की तर्ज पर होगी, लेकिन इसका संचालन राज्य स्तर पर किया जाएगा। इस प्रस्ताव को मनोविज्ञानशाला की ओर से राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद को भेजा गया है।
यूपी में नई छात्रवृत्ति योजना की तैयारी
इस नई योजना के तहत कक्षा 9 में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के लिए एक राज्य स्तरीय छात्रवृत्ति परीक्षा आयोजित कराने का प्रस्ताव है। परीक्षा में सफल होने वाले मेधावी छात्रों को कक्षा 10 से लेकर कक्षा 12 तक हर महीने एक हजार रुपये की छात्रवृत्ति दी जाएगी। इस तरह तीन वर्षों में छात्रों को कुल 48 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी, जिससे उनकी पढ़ाई का खर्च उठाने में मदद मिलेगी।
वंचित और मेधावी छात्रों को मिलेगा सीधा लाभ
मनोविज्ञानशाला के निदेशक पीएन सिंह के अनुसार इस योजना का उद्देश्य खासतौर पर उन छात्रों को आगे बढ़ने का अवसर देना है, जो प्रतिभाशाली होने के बावजूद आर्थिक कारणों से पीछे रह जाते हैं। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो सरकारी, अशासकीय सहायता प्राप्त और स्थानीय निकाय के स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों छात्रों को इसका लाभ मिल सकता है।
पहले से चल रही छात्रवृत्ति परीक्षाओं का अनुभव
मनोविज्ञानशाला पहले से ही राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा की नोडल एजेंसी के रूप में कार्य कर रही है। इस योजना के तहत वर्तमान में आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले चयनित छात्रों को कक्षा नौ से बारह तक हर महीने एक हजार रुपये या सालाना बारह हजार रुपये की छात्रवृत्ति दी जाती है। इसी अनुभव के आधार पर अब एक नई राज्य स्तरीय योजना लाने की तैयारी की जा रही है।
पांच साल से बंद है एनटीएसई परीक्षा
गौरतलब है कि राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा वर्ष 2021 के बाद से आयोजित नहीं की जा रही है। शिक्षा मंत्रालय की ओर से इसे नए स्वरूप में शुरू करने को लेकर समीक्षा जरूर की जा रही है, लेकिन अब तक इसकी कोई तय तारीख सामने नहीं आई है। एनटीएसई के तहत कक्षा 11 से लेकर पीएचडी तक छात्रवृत्ति मिलती थी, जिससे देशभर के मेधावी छात्रों को बड़ा सहारा मिलता था।
राज्य स्तर पर विकल्प बनने की उम्मीद
एनटीएसई के बंद होने के बाद छात्रों के लिए विकल्प सीमित हो गए थे। ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार की यह प्रस्तावित योजना राज्य के मेधावी छात्रों के लिए एक नया और मजबूत अवसर बन सकती है। अगर योजना को मंजूरी मिलती है, तो यह प्रदेश में शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगी।
उत्तर प्रदेश के स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार की ओर से छात्रों को आर्थिक रूप से मजबूत करने और पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक नई छात्रवृत्ति योजना की तैयारी की जा रही है। यह योजना पहले आयोजित होने वाली राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा यानी एनटीएसई की तर्ज पर होगी, लेकिन इसका संचालन राज्य स्तर पर किया जाएगा। इस प्रस्ताव को मनोविज्ञानशाला की ओर से राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद को भेजा गया है।
यूपी में नई छात्रवृत्ति योजना की तैयारी
इस नई योजना के तहत कक्षा 9 में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के लिए एक राज्य स्तरीय छात्रवृत्ति परीक्षा आयोजित कराने का प्रस्ताव है। परीक्षा में सफल होने वाले मेधावी छात्रों को कक्षा 10 से लेकर कक्षा 12 तक हर महीने एक हजार रुपये की छात्रवृत्ति दी जाएगी। इस तरह तीन वर्षों में छात्रों को कुल 48 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी, जिससे उनकी पढ़ाई का खर्च उठाने में मदद मिलेगी।
वंचित और मेधावी छात्रों को मिलेगा सीधा लाभ
मनोविज्ञानशाला के निदेशक पीएन सिंह के अनुसार इस योजना का उद्देश्य खासतौर पर उन छात्रों को आगे बढ़ने का अवसर देना है, जो प्रतिभाशाली होने के बावजूद आर्थिक कारणों से पीछे रह जाते हैं। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो सरकारी, अशासकीय सहायता प्राप्त और स्थानीय निकाय के स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों छात्रों को इसका लाभ मिल सकता है।
पहले से चल रही छात्रवृत्ति परीक्षाओं का अनुभव
मनोविज्ञानशाला पहले से ही राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा की नोडल एजेंसी के रूप में कार्य कर रही है। इस योजना के तहत वर्तमान में आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले चयनित छात्रों को कक्षा नौ से बारह तक हर महीने एक हजार रुपये या सालाना बारह हजार रुपये की छात्रवृत्ति दी जाती है। इसी अनुभव के आधार पर अब एक नई राज्य स्तरीय योजना लाने की तैयारी की जा रही है।
पांच साल से बंद है एनटीएसई परीक्षा
गौरतलब है कि राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा वर्ष 2021 के बाद से आयोजित नहीं की जा रही है। शिक्षा मंत्रालय की ओर से इसे नए स्वरूप में शुरू करने को लेकर समीक्षा जरूर की जा रही है, लेकिन अब तक इसकी कोई तय तारीख सामने नहीं आई है। एनटीएसई के तहत कक्षा 11 से लेकर पीएचडी तक छात्रवृत्ति मिलती थी, जिससे देशभर के मेधावी छात्रों को बड़ा सहारा मिलता था।
राज्य स्तर पर विकल्प बनने की उम्मीद
एनटीएसई के बंद होने के बाद छात्रों के लिए विकल्प सीमित हो गए थे। ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार की यह प्रस्तावित योजना राज्य के मेधावी छात्रों के लिए एक नया और मजबूत अवसर बन सकती है। अगर योजना को मंजूरी मिलती है, तो यह प्रदेश में शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगी।











