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बिहार में BSSC 2nd Inter, CGL और TRE 4 भर्ती से जुड़ी 75 हजार से अधिक वैकेंसी लंबित हैं। जानिए परीक्षा में देरी की वजह, कितने पद अटके हैं और करोड़ों अभ्यर्थियों पर इसका क्या असर पड़ रहा है।

बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है। राज्य की कई महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षाएं लंबे समय से लंबित हैं, जिसके कारण 75 हजार से अधिक सरकारी पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। इन भर्तियों में बिहार कर्मचारी चयन आयोग की द्वितीय इंटर स्तरीय भर्ती, चतुर्थ स्नातक स्तरीय सीजीएल भर्ती और बिहार लोक सेवा आयोग की शिक्षक भर्ती परीक्षा टीआरई 4 शामिल हैं। इन परीक्षाओं के लिए बड़ी संख्या में अभ्यर्थी लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। कई भर्तियों के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि कुछ का विज्ञापन अब तक जारी नहीं हो सका है।
बिहार कर्मचारी चयन आयोग और बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यम से होने वाली कई बड़ी भर्तियां फिलहाल लंबित हैं। सबसे बड़ी वजह यह है कि कुछ मामलों में विभागीय स्तर पर जरूरी निर्देश अभी तक जारी नहीं हुए हैं। खासकर शिक्षक भर्ती परीक्षा टीआरई 4 को लेकर शिक्षा विभाग की ओर से स्पष्ट आदेश नहीं मिलने के कारण भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी है। इसके चलते हजारों अभ्यर्थियों का इंतजार लगातार बढ़ता जा रहा है।
बिहार लोक सेवा आयोग ने टीआरई 4 के लिए 46,980 रिक्तियां प्राप्त होने की जानकारी दी थी, लेकिन अब तक इस भर्ती का आधिकारिक विज्ञापन जारी नहीं किया गया है। यह भर्ती करीब दो वर्षों से अटकी हुई है। बीपीएससी के प्रभारी सचिव सह परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार के अनुसार आयोग को शिक्षा विभाग से अभी तक यह स्पष्ट निर्देश नहीं मिला है कि परीक्षा एक चरण में होगी या दो चरणों में। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया फिलहाल आगे नहीं बढ़ पा रही है।
बिहार कर्मचारी चयन आयोग की द्वितीय इंटर स्तरीय भर्ती भी लंबे समय से चर्चा में है। इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया सितंबर 2023 में शुरू हुई थी, लेकिन अब तक प्रारंभिक परीक्षा की तारीख घोषित नहीं की गई है। आवेदन प्रक्रिया के दौरान कई बार संशोधन किए गए। तीन वर्षों में चार बार रिक्तियों की संख्या बढ़ाई गई और कई बार आवेदन से जुड़े नियमों में बदलाव हुआ। अभी तक यह भी स्पष्ट नहीं है कि परीक्षा ऑनलाइन होगी या ऑफलाइन।
इस भर्ती में शुरुआत में 11,098 पद थे, लेकिन बाद में कई बार संशोधन के बाद अब रिक्तियों की संख्या बढ़कर 26,426 हो गई है। इस भर्ती के लिए लगभग 36 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है, जो परीक्षा की तारीख का इंतजार कर रहे हैं।
बिहार कर्मचारी चयन आयोग की चतुर्थ स्नातक स्तरीय सीजीएल भर्ती भी लंबे समय से आगे नहीं बढ़ सकी है। इस भर्ती का विज्ञापन अगस्त 2025 में जारी किया गया था। उस समय कुल 1,064 पद थे, लेकिन बाद में पदों की संख्या बढ़ाकर 1,883 कर दी गई। इस भर्ती के लिए लगभग 10 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया है, लेकिन अब तक प्रारंभिक परीक्षा की तारीख घोषित नहीं हुई है।
इसके अलावा आयोग ने मार्च 2025 में प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी के 682 पदों पर भर्ती के लिए भी आवेदन मांगे थे। इस भर्ती के लिए करीब चार लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया, लेकिन इसकी प्रारंभिक परीक्षा की तारीख भी अभी तक घोषित नहीं की गई है।
भर्ती परीक्षाओं में लगातार हो रही देरी का असर अभ्यर्थियों पर साफ दिखाई दे रहा है। बीएसएससी द्वितीय इंटर स्तरीय भर्ती के अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले तीन वर्षों से परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं। इस दौरान उनकी उम्र बढ़ रही है और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दूसरे शहरों में रहना भी आर्थिक रूप से कठिन होता जा रहा है।
वहीं, सीजीएल भर्ती के अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में लगातार देरी से मानसिक और आर्थिक दोनों तरह का दबाव बढ़ रहा है। महंगाई, बढ़ते रूम रेंट और परिवार की अपेक्षाओं के बीच लंबे समय तक परीक्षा का इंतजार करना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
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बिहार की इन प्रमुख भर्तियों में 75 हजार से अधिक पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया लंबित है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अब संबंधित विभागों और आयोगों के अगले फैसले का इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल सबसे अधिक उम्मीद इस बात पर टिकी है कि लंबित भर्तियों की परीक्षा तिथियों और विज्ञापनों को लेकर जल्द कोई आधिकारिक घोषणा की जाए, ताकि भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ सके।
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