
कंटेंटमेंट यूनिट मैनेजर शिरीष मिश्रा ने बताया कि उनकी कंपनी रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी मोटर व्हीकल इंश्योरेंस, होम इंश्योरेंस, हेल्थ इंश्योरेंस सहित कई अन्य इंश्योरेंस करती है। 2017 में थाना जेवर क्षेत्र में एग्रीकल्चर ट्रैक्टर खेत को समतल करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। इस दौरान ट्रैक्टर की चपेट में आने से सतवीर नामक व्यक्ति घायल हो गया था और उसे गंभीर चोटे आई थी। इस मामले में थाना जेवर में धारा-307 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
ट्रैक्टर रामवीर के नाम पर रजिस्टर्ड था। रामवीर ने अपने एग्रीकल्चर ट्रैक्टर की फर्जी फैब्रिकेटेड पॉलिसी बनाकर उसे रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी से बीमाकृत बताया था और इसकी प्रति कोर्ट व थाने में लगा दी थी। शिरीष मिश्रा के मुताबिक दुर्घटना में प्रयुक्त ट्रैक्टर उनकी कंपनी द्वारा इंश्योर्ड नहीं था। न्यायालय में चले वाद के दौरान रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी को विपक्षी बनाते हुए 25 लाख 50000 रूपये का दावा किया गया। यह मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। इस बात की जब कंपनी को जानकारी मिली तो जांच पड़ताल की गई।
जांच पड़ताल में पता चला कि उक्त ट्रैक्टर उनकी कंपनी से इंश्योर्ड नहीं है। रामवीर ने फर्जी कागजातों के आधार पर अपने ट्रैक्टर को उनकी कंपनी से इंश्योर बताते हुए लाभ लेने का अनुचित प्रयास किया है। थाना प्रभारी ने बताया कि पीडि़त की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। यह मामला न्यायालय के निर्देश पर दर्ज किया गया है।