क्या ग्रेटर नोएडा में किसानों को 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा और 10 प्रतिशत आबादी भूखंड का लाभ मिल पाएगा ? क्या शासन की मंजूरी के बाद वर्षों से लंबित भुगतान का रास्ता साफ होगा? और जर्जर सड़क के निर्माण के लिए प्राधिकरण कब कदम उठाएगा ?
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1997 से 2001 के बीच भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को भी अतिरिक्त प्रतिकर देने की मांग, गांवों के विकास और जर्जर सड़क के निर्माण का मुद्दा भी बैठक में उठा
Greater Noida News : किसानों की लंबित समस्याओं, अतिरिक्त मुआवजे, 10 प्रतिशत आबादी भूखंड और गांवों के विकास से जुड़े मुद्दों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (कृषक) ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में महत्वपूर्ण बैठक की। संगठन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री हरवीर नागर की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में किसानों की वर्षों से लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाया गया। बैठक में प्राधिकरण के एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव, ओएसडी अजय शर्मा और ओएसडी गिरीश कुमार झा मौजूद रहे। अधिकारियों के समक्ष किसानों की समस्याओं को रखते हुए उनके समाधान और लंबित मामलों में शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई। बैठक में भारतीय किसान यूनियन (कृषक) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण नागर ने कहा कि वर्ष 1997 से 2001 के बीच जिन गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया गया था, उन गांवों के प्रभावित किसानों को भी 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को उनकी पात्रता के अनुसार अतिरिक्त मुआवजे का लाभ मिलना चाहिए। इसके साथ ही शेष पात्र किसानों को 10 प्रतिशत आबादी भूखंड दिए जाने की मांग भी उठाई गई। Greater Noida News
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भारतीय किसान यूनियन (कृषक) ने बैठक में स्पष्ट किया कि भूमि अधिग्रहण से संबंधित लंबित मामलों का समाधान किसानों के हितों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। संगठन का कहना है कि लंबे समय से मुआवजे और आबादी भूखंड से जुड़ी मांगें उठाई जा रही हैं। ऐसे में प्राधिकरण और शासन स्तर पर प्रभावी पहल करते हुए किसानों को राहत दिलाने की जरूरत है। राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण नागर ने 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर और 10 प्रतिशत आबादी भूखंड से संबंधित मांगों पर कार्रवाई करने की आवश्यकता पर जोर दिया। संगठन ने अपेक्षा जताई कि संबंधित विभाग किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए लंबित प्रकरणों का निस्तारण करेंगे। Greater Noida News
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बैठक में संगठन के जिलाध्यक्ष विक्रम भाटी ने ऐंच्छर, हल्दौना, गुर्जरपुर और कासना गांवों के किसानों के मुआवजे से संबंधित मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने 26 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से संबंधित लंबित प्रतिकर के मामले में अधिकारियों से स्थिति स्पष्ट करने और शेष पात्र किसानों को भुगतान कराने की मांग की। इस पर एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव ने बताया कि शासन से स्वीकृति मिलते ही शेष पात्र किसानों को संबंधित धनराशि वितरित कर दी जाएगी। अधिकारियों के इस आश्वासन के बाद संगठन ने उम्मीद जताई कि मामले में आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी होंगी और प्रभावित किसानों को राहत मिल सकेगी। किसानों का कहना है कि मुआवजे से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। जिन किसानों के प्रकरण लंबित हैं, उन्हें नियमानुसार भुगतान दिलाने के लिए प्राधिकरण को प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए। Greater Noida News
बैठक में 10 प्रतिशत आबादी भूखंड से संबंधित पूर्व में हुए समझौते का विषय भी उठाया गया। संगठन ने मांग की कि समझौते के अनुरूप पात्र किसानों को उनका हक दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। इस मुद्दे पर एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव ने कहा कि मामले को लेकर यूपीएसआईडीसी (UPSIDC) और शासन स्तर पर जल्द चर्चा की जाएगी। संगठन ने इस विषय पर ठोस कार्रवाई करने और किसानों को लंबे समय से लंबित लाभ दिलाने की मांग की। भारतीय किसान यूनियन (कृषक) के पदाधिकारियों ने कहा कि भूमि अधिग्रहण के बाद किसानों की जमीन पर औद्योगिक और शहरी विकास हुआ है। ऐसे में किसानों के हितों, उनके अधिकारों और पूर्व में हुए समझौतों का सम्मान किया जाना आवश्यक है। संगठन ने संबंधित मामलों में स्पष्ट निर्णय लेकर लंबित मांगों का समाधान करने पर जोर दिया। Greater Noida News
बैठक में केवल मुआवजे और भूखंडों का मुद्दा ही नहीं, बल्कि गांवों के बुनियादी विकास से जुड़ी समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया। संगठन के राष्ट्रीय प्रचार मंत्री विजय भाटी ने गांवों में बारातघर बनाने, बिजली की समुचित व्यवस्था करने, पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने और सड़कों के निर्माण एवं मरम्मत कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि ग्रेटर नोएडा में तेजी से शहरी और औद्योगिक विकास हो रहा है, लेकिन गांवों में बुनियादी सुविधाओं को भी समान प्राथमिकता मिलनी चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर सड़क, बिजली, पानी और सामुदायिक सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है। विजय भाटी ने कहा कि गांवों के विकास से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना चाहिए, ताकि ग्रामीण आबादी को रोजमर्रा की समस्याओं से राहत मिल सके। उन्होंने अधिकारियों से गांववार समस्याओं की समीक्षा कर आवश्यक कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने की मांग की। Greater Noida News
बैठक के दौरान होडा चौक से 130 मीटर तक जाने वाली जर्जर सड़क का मुद्दा भी जोरदार ढंग से उठाया गया। राष्ट्रीय प्रचार मंत्री विजय भाटी ने लंबे समय से खराब पड़ी इस सड़क का निर्माण नहीं होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा देश के महत्वपूर्ण शहरी एवं औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल हैं। इसके बावजूद यदि प्रमुख मार्गों की हालत लंबे समय तक खराब बनी रहती है और सड़क निर्माण नहीं कराया जाता, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। जर्जर सड़कों के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी होती है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ सकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से सड़क की स्थिति का संज्ञान लेकर जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की। संगठन ने कहा कि क्षेत्र में विकास कार्यों के साथ-साथ मौजूदा सड़कों की मरम्मत और रखरखाव पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। Greater Noida News
बैठक में भारतीय किसान यूनियन (कृषक) के पदाधिकारियों ने किसानों के मुआवजे, आबादी भूखंड, गांवों के विकास और सड़क निर्माण से जुड़े मुद्दों को एक साथ उठाते हुए प्राधिकरण से प्रभावी कार्रवाई की अपेक्षा की। संगठन ने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान केवल आश्वासनों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि संबंधित मामलों में ठोस प्रगति दिखाई देनी चाहिए। बैठक में अधिकारियों की ओर से कुछ मामलों में शासन स्तर पर स्वीकृति और संबंधित विभागों से चर्चा की बात कही गई। अब किसानों की नजर इन मुद्दों पर होने वाली आगामी कार्रवाई और लंबित मांगों के समाधान पर रहेगी। Greater Noida News
बैठक में भारतीय किसान यूनियन (कृषक) के राष्ट्रीय संगठन मंत्री हरवीर नागर, राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण नागर, जिलाध्यक्ष विक्रम भाटी और राष्ट्रीय प्रचार मंत्री विजय भाटी सहित प्रताप नागर, हरवीर सिंह, सतपाल नागर, अनिल नागर, सोविंदर चेची, भरत भाटी, यायीन, साबू, जगपाल, श्याम सिंह, विकास हल्दौना और हरिचंद सहित अन्य पदाधिकारी एवं किसान मौजूद रहे।
बैठक में किसानों की लंबित समस्याओं को संबंधित अधिकारियों के सामने रखते हुए उनके शीघ्र समाधान की मांग की गई। संगठन ने उम्मीद जताई कि प्राधिकरण और शासन स्तर पर आवश्यक कार्रवाई होने से प्रभावित किसानों को राहत मिलेगी और गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विकास तेज होगा। Greater Noida News
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