
Greater Noida : उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के निकट जेवर कोतवाली क्षेत्र के गांव से नाबालिग किशोरी को अगवा कर दुष्कर्म करने के आरोप में जेल भेजे गए युवक की मौत होने के मामले में मृतक युवक के परिजन व रिश्तेदार समेत ग्रामीण भड़क गए और चार घंटे तक सड़क को जाम किए रखा।
सूत्रों के अनुसार कोतवाली पुलिस हिरासत में राहुल के साथ मारपीट की थी, जो पहले से ही बीमारी से पीड़ित था और उसका इलाज एम्स के चिकित्सकों द्वारा किया जा रहा था। शनिवार को परिजन जेल में तीनों आरोपितों से मिलकर आये थे, तीनों ही अपनी तबीयत ठीक बता रहे थे। सोमवार की सुबह परिजनों को सूचना मिली कि राहुल की अचानक हालत बिगड गई है जिसे हायर सेंटर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर सुनते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। पोस्टमार्टम के बाद देर शाम पहुंचे राहुल के शव को परिजनों ने पहले यमुना एक्सप्रेस वे, फिर कोतवाली जेवर के सामने और देर शाम जेवर के मैन चौराहा पर रखकर जाम लगा दिया। जाम से जेवर, खुर्जा, टप्पल रोड़ पर वाहनों की लम्बी कतारें लग गई।
मृतक के परिजनों ने मांग की मृतक राहुल के भाई नायक को तत्काल जेल से रिहा किया जाए। दोनों भाइयों के खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज कराने वाले किशोरी के पिता के खिलाफ मामला दर्ज कर जेल भेजा जाए व फर्जी दुष्कर्म के आरोप में दोनों भाइयों को जेल भेजने वाले जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर की भूमिका की जांच कर उसे भी जेल भेजा जाए। मृतक की पत्नी ने बताया कि दरोग़ा ने मेरे पति व देवर को झुठा फंसा दिया और उनके नाम निकालने के नाम पर 14 लाख रूपये की रिश्वत के तौर पर मांगी थी। परिजनों के असमर्थता जताने पर दोनों भाइयों को दुष्कर्म के आरोप में मारपीट कर जेल भेज दिया था।
मृतक के परिजनों ने पुलिस अधिकारियों को चेतावनी दी थी कि जब तक दोषी दरोगा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई व मृतक का भाई नायक जेल से रिहा होकर नही आ जाता है तब तक उसका अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। मृतक के परिजनों की पुलिस अधिकारियों से जाम खुलवाने को लेकर तीखी नोंकझोंक हुई थी। उधर एडिशनल डीसीपी ग्रेटर नोएडा अशोक कुमार व एसीपी रूद्र कुमार सिंह पुलिस व पीएसी जवानों के साथ मृतक के परिजनों को समझाने में कामयाब रहे और देर रात धरना समाप्त कराकर जाम को खुलवा दिया जिससे पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस ली।