ग्रेटर नोएडा में किसानों की जमीन का मुआवजा 6,415 रुपये प्रति वर्गमीटर करने, आबादी भूखंड का प्रावधान बहाल करने और पुराने भूमि अधिग्रहण के पात्र मामलों में 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर देने की प्रक्रिया से जुड़ी अहम जानकारी सामने आई है।

Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा में औद्योगिक विकास की रफ्तार बढ़ाने और किसानों को जमीन के बदले बेहतर मुआवजा देने की दिशा में महत्वपूर्ण फैसले सामने आए हैं। जमीन की खरीद के लिए मुआवजा दर में बड़ी बढ़ोतरी, आबादी भूखंड का प्रावधान बहाल करने और पुराने भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को अतिरिक्त प्रतिकर देने की प्रक्रिया के बीच अब क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और रोबोटिक्स से जुड़ी परियोजनाओं को भी मंजूरी मिली है। इन फैसलों से ग्रेटर नोएडा में विकास, निवेश और रोजगार की संभावनाओं को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। किसानों के मुआवजे और नई तकनीकी परियोजनाओं को लेकर सामने आई जानकारी ने ग्रेटर नोएडा के भविष्य को लेकर चर्चा तेज कर दी है। हालांकि, किसानों को प्रति एकड़ 6.5 करोड़ रुपये मिलने के दावे और अलग-अलग एआई परियोजनाओं के स्थान की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। Greater Noida News
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ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने विकास परियोजनाओं के लिए किसानों से जमीन खरीदने की मुआवजा दर 4,125 रुपये से बढ़ाकर 6,415 रुपये प्रति वर्गमीटर कर दी है। यानी प्रति वर्गमीटर 2,290 रुपये की वृद्धि की गई है। इस फैसले से उन किसानों को लाभ मिलने की संभावना है, जिनकी जमीन प्राधिकरण की आगामी विकास परियोजनाओं के लिए खरीदी जाएगी। इससे पहले मुआवजे की दर कम होने और यमुना प्राधिकरण के क्षेत्र में मिलने वाले मुआवजे से तुलना को लेकर किसानों में असंतोष सामने आया था। जमीन उपलब्ध कराने में आ रही दिक्कतों के बीच मुआवजा बढ़ाने का फैसला विकास परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्राधिकरण ने जमीन देने वाले किसानों के लिए आबादी भूखंड का प्रावधान भी बहाल किया है। जमीन की रजिस्ट्री के साथ आबादी भूखंड का आरक्षण पत्र देने की व्यवस्था की जानकारी सामने आई है। आबादी भूखंड और नकद मुआवजे की वास्तविक पात्रता संबंधित योजना और जमीन की खरीद की शर्तों के अनुसार तय होगी। Greater Noida News
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किसानों के मुआवजे को लेकर प्रति एकड़ 6.5 करोड़ रुपये का आंकड़ा चर्चा में है। एक एकड़ में लगभग 4,046.86 वर्गमीटर जमीन होती है। इस हिसाब से 6,415 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर पर एक एकड़ जमीन का मूल्य करीब 2.60 करोड़ रुपये बैठता है। इसके अतिरिक्त आबादी भूखंड या अन्य लागू लाभ मिल सकते हैं, लेकिन उनकी गणना अलग-अलग नियमों के आधार पर होगी। इसलिए 6.5 करोड़ रुपये प्रति एकड़ को सभी किसानों के लिए निश्चित नकद मुआवजा बताना अभी उचित नहीं है। इसके लिए संबंधित परियोजना की अधिग्रहण दर, आबादी भूखंड के लाभ और अन्य शर्तों का आधिकारिक विवरण आवश्यक है। Greater Noida News
ग्रेटर नोएडा के उन किसानों के लिए भी राहत की खबर है, जिनकी जमीन वर्ष 2002 से 2013 के बीच अधिग्रहीत या खरीदी गई थी। शासन से मिली मंजूरी के बाद ऐसे पात्र किसानों को मूल प्रतिकर के ऊपर 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर देने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, इस फैसले से लगभग 4,500 किसानों को लाभ मिलने की संभावना है। प्राधिकरण की ओर से इस मद में करीब 500 करोड़ रुपये के भुगतान का अनुमान बताया गया है। हालांकि, प्रत्येक किसान की पात्रता और भुगतान की राशि संबंधित भूमि के रिकॉर्ड तथा लागू नियमों की जांच के बाद निर्धारित होगी। यह मामला लंबे समय से अतिरिक्त मुआवजे की मांग कर रहे किसानों के लिए महत्वपूर्ण है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि ग्रेटर नोएडा में भूमि अधिग्रहण से जुड़े पुराने विवादों और लंबित मांगों के समाधान की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। Greater Noida News
किसानों के मुआवजे से जुड़ी खबरों के बीच ग्रेटर नोएडा के लिए एक और बड़ा औद्योगिक घटनाक्रम सामने आया है। उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने 27 अक्टूबर 2026 को ग्रेटर नोएडा में प्रगति रोबोटिक्स पार्क स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।
इस परियोजना का पूरा नाम ‘प्लेटफॉर्म फॉर रोबोटिक्स एंड एआई ग्रोथ थ्रू टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन’ (PRAGATI) है। प्रस्तावित पार्क करीब 69.52 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य रोबोटिक्स निर्माण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीकों, अनुसंधान और औद्योगिक नवाचार को बढ़ावा देना है। परियोजना के पूर्ण विस्तार पर एक लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने तथा उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सालाना करीब 2,000 करोड़ रुपये का योगदान होने का अनुमान जताया गया है। ये अनुमानित लक्ष्य हैं, सुनिश्चित परिणाम नहीं। पार्क में रोबोटिक्स परीक्षण एवं प्रमाणन केंद्र, रैपिड प्रोटोटाइपिंग, एआई कंप्यूटिंग अवसंरचना और डेटा प्रयोगशालाओं जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है। इससे तकनीकी कंपनियों, स्टार्टअप और शोधकर्ताओं को एक ही परिसर में जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। इस परियोजना का विकास दो जोन में किया जाएगा। पहले आठ एकड़ के जोन में सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत विशेष प्रयोजन कंपनी बनाई जाएगी, जिसमें ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 26 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। शेष 61.52 एकड़ के जोन में निजी उद्यम औद्योगिक इकाइयों और संबंधित गतिविधियों में निवेश करेंगे। Greater Noida News
सेक्टर-25 में एआई सिटी बनाए जाने की खबर के साथ ग्रेटर नोएडा के रोबोटिक्स पार्क की मंजूरी को भी देखा जा रहा है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर इन दोनों को एक ही परियोजना मानना सही नहीं होगा। एआई सिटी और बिजनेस पार्क जैसी परियोजनाओं में आईटी कंपनियों, अनुसंधान संस्थानों, स्टार्टअप और तकनीकी कारोबार के लिए आधुनिक कार्यस्थल विकसित किए जा सकते हैं। वहीं, ग्रेटर नोएडा में मंजूर प्रगति रोबोटिक्स पार्क का विशेष जोर रोबोटिक्स निर्माण, परीक्षण, एआई तकनीक और औद्योगिक अनुसंधान पर है। सेक्टर-25 में प्रस्तावित एआई सिटी की सटीक भूमि, परियोजना की स्थिति, विकास मॉडल और किसानों की जमीन से उसके संबंध की पुष्टि संबंधित प्राधिकरण के आधिकारिक दस्तावेजों से की जानी चाहिए। Greater Noida News
ग्रेटर नोएडा में मुआवजा दर बढ़ने से प्राधिकरण के लिए जमीन खरीदने की प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है। बेहतर मुआवजे और आबादी भूखंड जैसे लाभों से किसानों को विकास परियोजनाओं में जमीन देने के लिए प्रोत्साहन मिल सकता है।
दूसरी ओर, एआई और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ने से तकनीकी शिक्षा प्राप्त युवाओं, इंजीनियरों, शोधकर्ताओं और औद्योगिक कर्मचारियों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। हालांकि, इसका वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि जमीन खरीदने और मुआवजा बांटने की प्रक्रिया कितनी पारदर्शी रहती है, तकनीकी परियोजनाओं का निर्माण कब शुरू होता है और निवेश के अनुमान कितनी तेजी से वास्तविक रोजगार में बदलते हैं। Greater Noida News
ग्रेटर नोएडा में औद्योगिक और शहरी विकास के लिए जमीन सबसे महत्वपूर्ण संसाधनों में से एक है। किसानों की सहमति, उचित मुआवजा और पुनर्वास संबंधी लाभों के बिना विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
ऐसे में मुआवजा दर में बढ़ोतरी, पुराने पात्र मामलों में अतिरिक्त प्रतिकर और एआई-रोबोटिक्स आधारित नई परियोजनाओं की मंजूरी क्षेत्र के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण घटनाक्रम हैं। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि इन फैसलों का लाभ किसानों तक कितनी जल्दी पहुंचता है और प्रस्तावित तकनीकी परियोजनाएं जमीन पर कब उतरती हैं। Greater Noida News
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