
Greater Noida : उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में मंगलवार को आयोजित ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक के दौरान प्राधिकरण के कर्मचारियों ने हंगामा कर दिया। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के कर्मचारियों द्वारा अचानक से हंगामा किए जाने से प्राधिकरण के तमाम अधिकारियों में हड़कंप मच गया। हंगामा करने वाले कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि प्राधिकरण अधिकारियों द्वारा उनके साथ भेदभावपूर्ण नीति अपनाई जा रही है। शासन ने अनुबंध के आधार पर काम करने वाले कर्मचारियों की सूची मांगी थी, लेकिन अधिकारियों ने अपने रिश्तेदारों और जान पहचान वाले कर्मचारियों के नाम ही शासन को भेजे हैं।
आपको बता दें कि मंगलवार की सुबह करीब 10 बजे ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक आयोजित की जा रही थी। इसी दौरान ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट बेस) के आधार पर काम करने वाले दर्जनों कर्मचारी प्राधिकरण परिसर में एकत्र हो गए और अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। हंगामा करने वाले इन कर्मचारियों का कहना था कि कुछ समय पहले शासन ने प्राधिकरण में अनुबंध के आधार पर काम करने वाले कर्मचारियों की सूची मांगी थी, लेकिन प्राधिकरण के अधिकारियों ने केवल उन्हीं कर्मचारियों के नाम सूची में शामिल करके शासन को भेजे हैं, जो या तो रिश्तेदार हैं अथवा अधिकारियों के करीबी हैं।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि अधिकारियों और मैनेजमेंट में काम करने वाले लोगों ने अपने करीबियों व रिश्तेदारों के नाम शासन को भेजे हैं। जबकि, वह काफी लंबे समय से तैनात हैं। उसके बावजूद उनके नाम शासन को नहीं भेजे गए। कर्मचारियों का मानना है कि बड़े अधिकारियों से जो सूची मांगी गई है, उनको परमानेंट किया जाएगा। इसी वजह से यह कर्मचारी हंगामा कर रहे हैं। इनका कहना है कि अगर परमानेंट किया जाए तो सबसे पहले उनका नाम जाए। क्योंकि वह काफी लंबे समय से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में काम कर रहे हैं।