माफिया डॉन रवि काना के सिर पर था अफसरों से लेकर पत्रकारों तक का हाथ
Noida News
ग्रेटर नोएडा
RP Raghuvanshi
30 Nov 2025 01:51 PM
ग्रेटर नोएडा
RP Raghuvanshi
30 Nov 2025 01:51 PM
Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के एक छोटे से गांव में पैदा हुआ रवि नागर उर्फ रवि काना आज ग्रेटर नोएडा ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश का बड़ा माफिया डॉन है। रवि काना कबाड़ (स्क्रैप) के धंधे को करता हुआ चंद सालों में ही माफिया डॉन बन गया था। ग्रेटर नोएडा के रहने वाले इस माफिया का इतिहास बताने से पहले आपको बता देते हैं कि रवि काना को कबाड़ी से माफिया सरगना बनाने में बड़ा संरक्षण प्राप्त रहा है। बड़े-बड़े अफसरों, राजनेताओं यहां तक कि कुछ पत्रकारों तक का हाथ ग्रेटर नोएडा के स्क्रैप माफिया रवि काना के सिर पर था।
ग्रेटर नोएडा में नया ठिकाना
ग्रेटर नोएडा की पुलिस ने शनिवार को रवि काना तथा उसकी गर्लफ्रेंड लेडी डॉन काजल को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। अब रवि काना का नया ठिकाना उसके पैतृक गांव के पास ग्रेटर नोएडा में ही स्थित लुक्सर जेल में है। कानून के जानकारों का मत है कि रवि काना तथा उसकी गर्लफ्रेंड काजल का ठिकाना लम्बे अर्से तक ग्रेटर नोएडा की लुक्सर जेल में ही रहने वाला है। रवि काना तथा काजल को थाईलैंड से पकड़ा गया है।
बड़े-बड़े का आशीर्वाद
शनिवार को थाईलैंड की पुलिस ने रवि काना तथा काजल को ग्रेटर नोएडा पुलिस के हवाले किया था। ग्रेटर नोएडा की पुलिस से पूछताछ के दौरान रवि काना ने अपने संरक्षकों के नाम भी बताए हैं। इन नामों में नोएडा में लम्बे अर्से तक तैनात रहे उत्तर प्रदेश पुलिस के बहुत बड़े अफसर से लेकर अनेक राजनेताओं, अफसरों तथा पत्रकारों के नाम शामिल हैं। संरक्षण के बदले रवि काना उसे आशीर्वाद देने वालों को हर महीने मोटी धनराशि (मंथली) देता था। रवि काना को लगता था कि इतने बड़े-बड़े महारथियों के कारण उसका कभी कुछ नहीं बिगड़ पाएगा। सूत्रों का दावा है कि रवि काना को छोटे से कारोबारी से माफिया डॉन बनाने में एक पुलिस कमिश्नर समेत 150 सफेदपोश लोगों का हाथ रहा है।
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कैसे बना ग्रेटर नोएडा का रवि नागर बड़ा माफिया
अब जरा ग्रेटर नोएडा के रवि नागर उर्फ रवि काना के इतिहास पर नजर डाल लेते हैं। आपको बता दें कि ग्रेटर नोएडा से कुछ दूर दनकौर के पास दादूपुर गांव पड़ता है। इसी गांव में पैदा हुआ था रवि नागर उर्फ रवि काना। रवि काना गौतमबुद्ध नगर का सबसे बड़ा स्क्रैप माफिया और गैंगस्टर है। ग्रेटर नोएडा के दादूपुर गांव में तीन आलीशान कोठिया हैं। उनमें से सफेद रंग की तीन मंजिला कोठी रवि काना की है। बात वर्ष-2015 की है। वर्ष-2015 में सुंदर भाटी गैंग ने रवि काना के भाई हरेंद्र नागर की हत्या कर दी थी। हत्या के बाद सुंदर भाटी के लोगों ने रवि काना के घर में फायरिंग करवाई थी। इसके बाद काना ने दादूपुर वाले घर को छोड़ दिया था।
ताऊ ने बताया रवि काना को निर्दोष
दादूपुर गांव में रवि नागर उर्फ रवि काना के ताऊ तेजवीर आज भी रहते हैं। एक मीडिया हाउस से बात करते हुए तेजवीर नागर ने कहा, "आज तक उसने कोई अपराध नहीं किया। जब उसके भाई हरेंद्र नागर की हत्या कर दी गई, तो हमने सुंदर भाटी गैंग के खिलाफ गवाही दी है। वैसे उसने (काना) आज तक कोई चोरी बदमाशी या मारपीट कभी नहीं की। रेप के आरोप लगे हैं। ये आरोप झूठा है। घटना वाले दिन तो वो गांव में ही नहीं था।
रवि काना और उसका भाई हरेंद्र कभी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नामी गैंगस्टर सुंदर भाटी के साथ सरिए का काम करते थे।
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फिर हरेंद्र की अनबन हुई, तो वो सुंदर भाटी से अलग हो गया। इसके बाद सुंदर भाटी ने हरेंद्र की हत्या करवा दी। हत्या के इस केस में रवि काना ने सुंदर भाटी के खिलाफ गवाही दी। फिर अपना गैंग बनाकर वो कबाड़ के धंधे में आ गया। कुछ नेताओं और अफसरों के संरक्षण से उसे पुलिस का सुरक्षा कवच मिल गया था। आरोप है कि रवि काना को जो सुरक्षा मिली, उसका उसने दुरुपयोग किया। पुलिस के साथ मिलीभगत से उसे स्क्रैप से भरे ट्रकों पर कब्जा किया। देखते ही देखते उसने ग्रेटर नोएडा में स्क्रैप के कई बड़े गोदाम बना लिए।
ट्रक खरीदे और कुछ ही बरसों में वह गौतमबुद्धनगर का सबसे बड़ा स्क्रैप माफिया बन गया। उसकी गैंग में 17 लोग हैं। उस पर एक दर्जन केस दर्ज हैं। नोएडा पुलिस अब तक रवि काना की करीब 120 करोड़ की संपत्ति कुर्क कर चुकी है। पुलिस दिल्ली की न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में उसकी गर्लफ्रेंड काजल की 100 करोड़ की कोठी को भी कुर्क कर चुकी है। पुलिस उसके गैंग के करीब 15 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है और उसके सभी गोदामों को सील कर चुकी है। Greater Noida News