जेवर एयरपोर्ट के पास आसमान छू रहे हैं जमीन के रेट, अभी भी है मौका
Greater Noida News
ग्रेटर नोएडा
RP Raghuvanshi
01 Dec 2025 01:15 AM
Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा शहर की बगल में स्थापित हो रहे जेवर एयरपोर्ट के आस पास जमीन के रेट लगातार बढ़ रहे हैं। प्रॉपर्टी बाजार का दावा है कि अभी तक तो जेवर एयरपोर्ट के पास जमीन लेने का अवसर हर एक व्यक्ति के लिए मौजूद है। किंतु जिस प्रकार जेवर एयरपोर्ट के आस पास जमीन के रेट बढ़ रहे हैं उसे लगता है कि अगले कुछ महीनो में यहां जमीन मिलना बेहद मुश्किल हो जाएगा। इस बीच यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने भी जमीनों के आवंटन के सरकारी रेट बढ़ा दिए हैं।
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यीडा के बढ़े हुए रेट लागू
आपको बता दें कि जेवर एयरपोर्ट के चारों तरफ यीडा एक शानदार शहर बना रहा है। यमुना सिटी के नाम से विकसित हो रहे इस शहर में यीडा ने जमीन के आवंटन के रेट 5.2 प्रतिशत तक बढ़ा दिए हैं। यीडा ने जेवर एयरपोर्ट के आस पास रेट बढ़ने का फैसला 12 मार्च को हुई यीडा की बोर्ड बैठक में किया था। बढ़े हुए रेट 1 अप्रैल 2024 से लागू हो गए हैं।
बढ़े हुए रेट सब पर लागू
यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने जेवर एयरपोर्ट के आस पास घोषित होने वाली योजनाओं के साथ ही वर्तमान में चल रही योजनाओं में भी जमीन के रेट बढ़ाए हैं। यीडा के प्रवक्ता ने बताया कि प्राधिकरण ने 12 मार्च को हुई बोर्ड पांच बैठक में जमीनों की आवंटन दरों में 5 2 फीसदी की वृद्धि की थी। नई आवंटन दर एक अप्रैल से लागू हो गई है। इससे यीडा सिटी में मकान बनाना और उद्योग लगाना और अधिक महंगा हो गया है। पिछले दो माह में प्राधिकरण की अलग- अलग श्रेणी में लॉन्च की गई 11 योजनाओं में जमीन आवंटन की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। इस बीच आचार संहिता लागू हो गई।
योजनाओं में आवेदन करने वाली कंपनियों और शैक्षणिक संस्थानों को भूखंडों का आवंटन नई दर पर चुनाव प्रक्रिया संपन्न होने के बाद जून में होगा, हालांकि इनमें आवासीय प्लॉटों की कोई योजना नहीं है। प्राधिकरण ने व्यावसायिक डाटा पार्क, संस्थागत, ग्रुप हाउसिंग, पेट्रोल पंप, मिक्स लैंड यूज, मिल्क बूथ व अन्य श्रेणी में भूखंडों की योजना लॉन्च की है।
मेडिकल डिवाइस के आवंटन दरों में भी पांच फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। अब 4000 वर्गमीटर तक के भूखंड के लिए 7,360 प्रति वर्गमीटर की दर से निर्धारित की गई है। यीडा सिटी के सेक्टर-28 में केंद्र सरकार की योजना के अंतर्गत विकसित किए जा रहे मेडिकल डिवाइस पार्क में अब तक 74 कंपनियों को भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं।