जेवर एयरपोर्ट के आस-पास नजर आएंगे ढ़ेर सारे प्रसिद्ध कॉलिज तथा यूनिवर्सिटी
Greater Noida News
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 09:30 AM
Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा शहर के पास स्थापित हो रहे जेवर एयरपोर्ट ने पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में विकास के नए रास्ते खोल दिए हैं। विकास होना लाजमी भी है। क्योंकि जेवर एयरपोर्ट भारत ही नहीं एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन रहा है। जेवर एयरपोर्ट को जल्दी से जल्दी शुरू कराने के काम में लगे हुए यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने जेवर एयरपोर्ट के आसपास हर प्रकार की सुविधाएं विकसित करने का अभियान भी चला रखा है। यीडा ने तय किया है कि जेवर एयरपोर्ट के पास बड़ी संख्या में स्कूल-कॉलिज तथा प्रसिद्ध यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएंगी। दुनिया भर के छात्र जेवर एयरपोर्ट की बगल में आकर शिक्षा हासिल कर सकेंगे।
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जेवर एयरपोर्ट के पास बनेगा शिक्षा का बड़ा हब
जेवर एयरपोर्ट को स्थापित कराने से लेकर पूरा कराने तक की जिम्मेदारी यीडा के CEO डा. अरूणवीर सिंह के पास है। डा. अरूणवीर सिंह ने बताया कि नोएडा एयरपोर्ट के पास विकसित होने वाला सेक्टर-22ई शिक्षा का बड़ा हब बनेगा। इससे आगामी योजनाओं के लिए जमीन की कमी नहीं होगी। किसानों से आपसी सहमति के आधार पर लगभग 17 हेक्टेयर जमीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
चुनाव की वजह से काम प्रभावित न हो इसलिए 15 मार्च को ही सूचना जारी कर दी गई थी। वहीं, फिल्म सिटी और मेडिकल डिवाइस पार्क की बाकी जमीन भी प्राधिकरण किसानों से सहमति के आधार पर खरीदेगा। दरअसल, नोएडा एयरपोर्ट के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई शिक्षण संस्थानों ने यीडा सिटी में परिसर स्थापित करने में गहरी रुचि दिखाई है। इसे देखते हुए यमुना प्राधिकरण ने यीडा सिटी के सेक्टर-22ई और सेक्टर-17ए को विश्वविद्यालयों के केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है। फिलहाल, तीन विश्वविद्यालय जेबीएम, नरसी मोनजी और फोर स्कूल सेक्टर-22ई में निर्माणाधीन हैं। इस सेक्टर में छह विश्वविद्यालयों को जमीन आवंटित करने की योजना है। वहीं, सेक्टर-17ए में गलगोटिया और नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी का पहले से ही मे संचालन किया जा रहा है। आगामी योजना के तहत सेक्टर-22ई में 50 एकड़ के 2 को भूखंड व 26 एकड़ के 2 भूखंड और सेक्टर-17ए में 30 एकड़ का भूखंड आरक्षित किया गया है। इसके लिए गांव मोहम्मदाबाद खेड़ा की लगभग 17 हेक्टेयर जमीन किसानों से सहमति के आधार पर खरीदी जाएंगी। इसकी सूचना जारी कर 15 दिन में आपत्ति मांगी गई है। इसके बाद जमीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।