स्टार्टअप और छोटे उद्योगों को मिलेगा मंच, सेक्टर-10 और 28 में बनेगी फ्लैटेड फैक्टरी
UP News
ग्रेटर नोएडा
RP Raghuvanshi
28 Nov 2025 02:13 PM
Greater Noida News : यमुना प्राधिकरण (यीडा) ने छोटे व मझोले उद्यमियों और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए यमुना सिटी के सेक्टर-10 और 28 में फ्लैटेड फैक्टरियों के निर्माण की योजना को मूर्त रूप देना शुरू कर दिया है। इन्हें किराये पर आवंटित किया जाएगा, ताकि जमीन के बढ़ते दामों के बीच छोटे निवेशक भी अपना कारोबार शुरू कर सकें।
क्या होता है फ्लैटेड फैक्टरी
फ्लैटेड फैक्टरी ऐसा औद्योगिक ढांचा होता है, जिसमें कई यूनिट्स एक ही इमारत में बनाई जाती हैं। यह मॉडल खासकर उन उद्योगों के लिए कारगर है, जो कम पूंजी निवेश में व्यापार शुरू करना चाहते हैं। ये फ्लैटेड यूनिट्स किराये पर दी जाती हैं, जिससे उद्यमियों को भूमि खरीदने की आवश्यकता नहीं पड़ती और वे सीधे उत्त्पादन या सेवा से जुड़े कार्यों में ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। डॉ. अरुणवीर सिंह, मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यीडा ने बताया कि यमुना सिटी में अलग-अलग सेक्टरों के लिए फ्लैटेड फैक्टरियां बनाई जाएंगी, ताकि स्टार्टअप और एमएसएमई को सशक्त मंच मिल सके। प्राधिकरण इन फैक्ट्रियों को बनाकर बेचेगा नहीं, किराये पर देगा।
सेक्टर 28 में मेडिकल डिवाइस पार्क बनेगा
योजना कि मुताबिक सेक्टर 28 में मेडिकल डिवाइस पार्क और सेक्टर 10 में इलेक्ट्रानिक पार्क के अन्तर्गत आधुनिक फ्लैटेड फैक्टरियों का निर्माण होगा। इनके लिए यीडा ने ईपीसी मोड पर करीब 721 करोड़ रुपये के टेंडर जारी किए हैं। इससे लघु, सूक्ष्म और स्टार्टअप उद्यमियों को सीधे लाभ मिल सकेगा। सेक्टर-28 में मेडिकल डिवाइस पार्क के तहत 124.91 करोड़ रुपये की लागत से 240 फ्लैटेड फैक्टरियों यूनिट बनाई जाएंगी, जो 60, 90 और 120 वर्गमीटर की होंगी। सेक्टर-10 में इलेक्ट्रॉनिक पार्क के लिए 596 करोड़ रुपये के निवेश से 228 यूनिट, प्ले एंड प्लग दुकानें, कन्वेंशन सेंटर, शिशु गृह, होस्टल और कौशल विकास केंद्र विकसित किया जाएगा। दोनों योजनाओं में 75 प्रतिशत यूनिट एमएसएमई और 25 प्रतिशत स्टार्टअप को आवंटित की जाएंगी।
भविष्य में करीब 3000 फ्लैटेड फैक्टरी यूनिट्स विकसित करने की तैयारी
प्राधिकरण भविष्य में करीब 3000 फ्लैटेड फैक्टरी यूनिट्स विकसित करने की तैयारी कर रहा है। इनमें अपेरल पार्क, हस्तशिल्प पार्क, एमएसएमई पार्क, टॉय पार्क, आईटी और डाटा सेंटर पार्क, ईवी पार्क, सेमीकंडक्टर पार्क और एविएशन पार्क शामिल हैं। दरअसल, यमुना सिटी में भूमि के दाम एयरपोर्ट, फिल्म सिटी और अन्य परियोजनाओं की वजह से काफी बढ़ चुके हैं। ऐसे में छोटे कारोबारी और स्टार्टअप के लिए भूमि खरीदना चुनौतीपूर्ण हो गया था। इसको ध्यान में रखते हुए फ्लैटेड फैक्टरियों का मॉडल तैयार किया गया है। Greater Noida News