Greater Noida (चेतना मंच)। ग्रेटर नोएडा के थाना सूरजपुर पुलिस ने हनी ट्रैप में फंसाकर लूटपाट की वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने मां बेटी सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। महिला लोगों को लड़कियों से दोस्ती कराने का झांसा देकर फंसाती थी। इसके बाद वह अपने गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर जाल में फंसे लोगों को लूट लेती थी। इस गिरोह ने विभिन्न थाना क्षेत्र में इस तरह की कई घटनाओं को अंजाम दिया है।
नोएडा सेंट्रल जोन के एडीसीपी हृदेश कठेरिया ने बताया कि विजय सिंह (काल्पनिक नाम) ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसे उसकी मुलाकात कविता नामक महिला से हुई थी। कविता ने उसे किसी लड़की से दोस्ती करने का प्रलोभन दिया। बीते 7 जनवरी को कविता ने उसे लडक़ी से दोस्ती करने के बहाने फोन कर सूरजपुर बुलाया। इसके बाद वह अपनी बाइक से देवला गांव आ गया। यहां कविता ने एक लड़की को उसके साथ बाइक पर बैठा दिया।
कुछ दूर चलने पर वेगनआर कार सवार लोगों ने उसे रोक लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। कार सवार युवकों ने लड़की भगाने का आरोप लगाते हुए उसे जेल भिजवाने की धमकी देकर डराया। इसके बाद इन लोगों ने उसे 12,000 रूपये में मोबाइल फोन ले लिया। बलात्कार के झूठे मामले में फंसने की धमकी देकर आरोपियों ने उसे पेटीएम का पासवर्ड पूछ लिया। इसके बाद आरोपियों ने उससे पेटीएम से करीब 1 लाख 47000 रूपये की अलग-अलग स्थान से खरीदारी की।
एडीसीपी ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जांच पड़ताल की। जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने कविता उसकी बेटी पूजा तथा एक नाबालिक बेटी तथा फारूक को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से विजय सिंह से लूट गया मोबाइल फोन, घटना में प्रयुक्त वेगनआर कार बरामद हुई है। पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि वह हनी ट्रैप में लोगों को फंसा कर उनके साथ लूटपाट की घटनाओं को अंजाम देते थे। हनी ट्रैप के आरोप में पकड़े गए आरोपी पूर्व में भी इस तरह की कई वारदातों को अंजाम दे चुके हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक कविता व उसके साथियों ने थाना बीटा-2, थाना ईकोटेक-3 क्षेत्र सहित कई अन्य थाना क्षेत्र में हनी ट्रैप की घटनाओं को अंजाम देकर कई लोगों को अपना शिकार बनाया है। कविता लड़कियों से दोस्ती कराने का झांसा देकर लोगों को अपने जाल में फंसाती थी। इसके बाद तय योजना के तहत वह जाल में फंसे लोगों के साथ अपनी बेटियों को भेज देती थी।
जैसे ही व्यक्ति उसकी बेटी को अपने साथ लेकर जाता था तो इस गिरोह के अन्य सदस्य उसे रास्ते में घेर लेते थे और उसे झूठे मुकदमे में फंसाने का भय दिखाकर उससे नगदी व अन्य सामान लूट लेते थे। आरोपी पीड़ित पर नाबालिक लडक़ी को भगाने का झूठा आरोप लगाकर उसे जेल भिजवाने का डर दिखाकर भयभीत कर देते थे। इनके चंगुल में फंसे लोग लोकलाज के कारण पैसे देने के बाद चुप्पी साथ लेते थे।