क्या ग्रेटर नोएडा के रिहायशी सेक्टरों में अवैध रूप से संचालित हो रहे पीजी और गेस्ट हाउस पर अब कार्रवाई होगी ? क्या सेक्टर बीटा-1 के निवासियों को शराब पीकर घूमने, शोर-शराबे और कथित हुड़दंग से राहत मिल पाएगी ?

Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा के रिहायशी सेक्टरों में बिना उचित नियमों और व्यवस्थाओं के संचालित हो रहे पीजी (पेइंग गेस्ट) और गेस्ट हाउस अब स्थानीय निवासियों के लिए परेशानी का कारण बनते जा रहे हैं। सेक्टर बीटा-1 में अवैध रूप से संचालित पीजी, गेस्ट हाउस और उनमें रहने वाले कुछ छात्र-छात्राओं के कथित हुड़दंग का मामला सामने आने के बाद स्थानीय निवासियों ने इनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सेक्टरवासियों ने साफ शब्दों में मांग की है कि नियमों का उल्लंघन कर चलाए जा रहे पीजी और गेस्ट हाउस को बंद कराया जाए। रविवार को आरडब्ल्यूए सेक्टर बीटा-1 की ओर से आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में यह मुद्दा प्रमुखता से उठा। जनसुनवाई में पहुंचे निवासियों ने सेक्टर की विभिन्न समस्याओं के साथ-साथ पीजी और गेस्ट हाउस में रहने वाले कुछ लोगों के व्यवहार को लेकर गंभीर शिकायतें दर्ज कराईं। निवासियों का कहना था कि रिहायशी सेक्टरों में इस तरह की गतिविधियों से लोगों का सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है। Greater Noida News
यह भी पढ़ें : दीपावली बाद गांव-गांव गूंजेगी किसानों की आवाज, तीन तहसीलों में पंचायत का ऐलान
जनसुनवाई में स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि सेक्टर बीटा-1 में कुछ पीजी और गेस्ट हाउस बिना उचित नियमों और आवश्यक व्यवस्थाओं के संचालित किए जा रहे हैं। इनमें रहने वाले कुछ छात्र-छात्राओं पर रात के समय शराब पीकर घूमने, शोर-शराबा करने, हुड़दंग मचाने और आसपास रहने वाले लोगों के साथ अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगाए गए। निवासियों ने कहा कि रिहायशी सेक्टरों में परिवार, महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे रहते हैं। ऐसे में यदि कुछ लोगों की गतिविधियों के कारण आसपास का माहौल खराब होता है तो यह गंभीर चिंता का विषय है। लोगों ने आशंका जताई कि समय रहते इस समस्या पर नियंत्रण नहीं किया गया तो भविष्य में स्थिति और खराब हो सकती है। Greater Noida News
इसे भी पढ़ें : ग्रेटर नोएडा में खेल का बड़ा आयोजन, विजेताओं को मिला खास सम्मान
आरडब्ल्यूए सेक्टर बीटा-1 की अध्यक्ष संगीता शर्मा और महासचिव हरेन्द्र भाटी ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण तथा पुलिस प्रशासन से इस मामले में गंभीरता से कार्रवाई करने की मांग की है। आरडब्ल्यूए ने मांग की है कि सेक्टर में संचालित सभी पीजी और गेस्ट हाउस की जांच कराई जाए। इनके संचालन से संबंधित नियमों, आवश्यक अनुमतियों और सुरक्षा व्यवस्थाओं की पड़ताल की जाए। जो पीजी और गेस्ट हाउस नियमों का उल्लंघन करते हुए अवैध रूप से संचालित पाए जाएं, उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन से भी मांग की गई है कि सेक्टर में नियमित निगरानी बढ़ाई जाए और सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने, शोर-शराबा करने तथा स्थानीय निवासियों को परेशान करने जैसी शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई की जाए। Greater Noida News
ग्रेटर नोएडा में शिक्षण संस्थानों, औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों के विस्तार के साथ किराये के मकानों, पीजी और गेस्ट हाउस की मांग भी बढ़ी है। बड़ी संख्या में बाहर से आने वाले विद्यार्थी और कामकाजी लोग यहां किराये पर रहते हैं। यह व्यवस्था शहर की जरूरत का हिस्सा है, लेकिन इसके संचालन में नियमों और स्थानीय निवासियों की सुविधाओं की अनदेखी नहीं की जा सकती। सेक्टर बीटा-1 के निवासियों का कहना है कि उन्हें विद्यार्थियों या किरायेदारों के रहने से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन रिहायशी क्षेत्र में नियमों की अनदेखी, अव्यवस्था और पड़ोसियों के साथ अभद्र व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। निवासियों की मांग है कि पीजी और गेस्ट हाउस के संचालन के लिए निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा जिन संचालकों की वजह से सेक्टर का माहौल प्रभावित हो रहा है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। Greater Noida News
आरडब्ल्यूए सेक्टर बीटा-1 के कोषाध्यक्ष एडवोकेट विपिन भाटी ने बताया कि आरडब्ल्यूए हमेशा सेक्टर की सुरक्षा, स्वच्छता और बेहतर व्यवस्थाओं के लिए प्रयासरत रहती है। इसी उद्देश्य से प्रत्येक रविवार को जनसुनवाई आयोजित की जाती है, जिसमें सेक्टर के निवासी अपनी समस्याएं और सुझाव रखते हैं।
उन्होंने कहा कि जनसुनवाई में सामने आने वाली समस्याओं को संबंधित विभागों तक पहुंचाया जाता है, ताकि उनका समाधान कराया जा सके। पीजी और गेस्ट हाउस से जुड़ी शिकायतें भी इसी प्रक्रिया के तहत संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में लाई जा रही हैं। Greater Noida News
सेक्टर बीटा-1 के निवासियों की इस मांग ने ग्रेटर नोएडा के रिहायशी सेक्टरों में पीजी और गेस्ट हाउस के संचालन तथा उनकी निगरानी का मुद्दा फिर चर्चा में ला दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के रिहायशी इलाकों में रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा, सम्मान और शांतिपूर्ण जीवन से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। अब देखना यह होगा कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और पुलिस प्रशासन इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेते हैं और सेक्टर में संचालित पीजी तथा गेस्ट हाउस की जांच के लिए क्या कदम उठाते हैं। Greater Noida News
विज्ञापन