ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-37 स्थित जोनल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में सरकारी नौकरी की शारीरिक दक्षता परीक्षा की तैयारी करने वाले युवाओं और खिलाड़ियों के साथ कथित अभद्रता तथा मारपीट का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-37 स्थित जोनल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में सरकारी नौकरी की शारीरिक दक्षता परीक्षा की तैयारी करने वाले युवाओं और खिलाड़ियों के साथ ग्रेटर नोएडा पुलिस की अभद्रता तथा मारपीट का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। युवाओं का आरोप है कि वे यूपी पुलिस, दिल्ली पुलिस, सेना और अन्य सरकारी सेवाओं की शारीरिक परीक्षा की तैयारी के लिए रोजाना मैदान में अभ्यास करने पहुंचते हैं, लेकिन अब उन्हें मैदान में दौड़ने और अभ्यास करने से रोका जा रहा है। मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया, जब युवाओं ने आरोप लगाया कि मैदान में मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें बाहर जाने के लिए कहा और विरोध करने पर कुछ युवाओं के साथ मारपीट तथा अभद्र व्यवहार किया। आरोप सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी 'सेक्टर-37 का खेल मैदान बचाओ', 'Save Our Ground' जैसे संदेशों के साथ युवाओं के समर्थन में आवाज उठाई जा रही है। 4 सितंबर को सोशल मीडिया पर प्रसारित एक अपील में यूपी पुलिस, दिल्ली पुलिस और अन्य सरकारी नौकरियों की शारीरिक परीक्षा की तैयारी कर रहे सैकड़ों युवाओं के समर्थन में क्षेत्रवासियों से आवाज उठाने की अपील की गई। Greater Noida News
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ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में युवा वर्ग यानि Zen G का सबसे बड़ा चेहरा बन चुका क्षेत्रीय खेल परिसर बचाओ समिति के सदस्य सतेन्द्र नागर और मोहित सहित मैदान में अभ्यास करने वाले युवाओं का कहना है कि सेक्टर-37 का यह खेल परिसर केवल खिलाड़ियों के लिए मैदान नहीं है, बल्कि आसपास के गांवों और शहरी क्षेत्रों के सैकड़ों युवाओं के लिए वर्षों से शारीरिक प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। यूपी पुलिस, दिल्ली पुलिस, सेना, अर्धसैनिक बलों और दूसरी सरकारी सेवाओं में भर्ती की तैयारी करने वाले अभ्यर्थी यहां दौड़, लंबी कूद और अन्य शारीरिक अभ्यास करते हैं। सीमित आर्थिक संसाधनों वाले युवाओं के लिए यह मैदान एक ऐसा स्थान है जहां बिना महंगे प्रशिक्षण केंद्र की फीस दिए वे अपनी तैयारी कर सकते हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि आगामी 18 सितंबर से 10 अक्टूबर के बीच दिल्ली पुलिस तथा अन्य पुलिस भर्ती से जुड़ी शारीरिक दक्षता परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। ऐसे समय में मैदान में अभ्यास पर रोक लगाए जाने से उनकी तैयारी सीधे प्रभावित हो सकती है। Greater Noida News
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ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में युवा वर्ग यानि Zen G का सबसे बड़ा चेहरा बन चुका क्षेत्रीय खेल परिसर बचाओ समिति से जुड़े हुए Zen G ने नोएडा की पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह को एक बड़ा वीडियो संदेश भेजकर शासन और प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। Zen G का कहना है कि सरकारी नौकरी के लिए मेहनत कर रहे युवाओं तथा खेल प्रतिभाओं के साथ किसी भी परिस्थिति में अपमानजनक या हिंसक व्यवहार नहीं होना चाहिए। युवाओं की मांग है कि क्षेत्रीय खेल परिसर के उपयोग को लेकर स्पष्ट व्यवस्था बनाई जाए, ताकि खिलाड़ियों, नौकरी की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों, बच्चों और आम नागरिकों को खेल एवं शारीरिक प्रशिक्षण के लिए पर्याप्त अवसर मिलता रहे। Greater Noida News
हॉकी स्टेडियम बना विवाद की सबसे बड़ी वजह
दरअसल, सेक्टर-37 के इसी क्षेत्रीय खेल परिसर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का हॉकी स्टेडियम बनाने की योजना को लेकर पहले से ही विवाद चल रहा है। जून में जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और हॉकी एसोसिएशन से जुड़े पदाधिकारियों की मौजूदगी में प्रस्तावित हॉकी मैदान का भूमि पूजन और शिलान्यास किया था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, प्रस्तावित परियोजना पर करीब 10.30 करोड़ रुपये खर्च होने हैं और निर्माण को करीब नौ महीने में पूरा करने की योजना बताई गई थी। वहीं, स्थानीय लोगों और खिलाड़ियों का कहना है कि यह परिसर लंबे समय से क्रिकेट, फुटबॉल, दौड़, कबड्डी, वॉलीबॉल, बैडमिंटन, कुश्ती, एथलेटिक्स सहित अलग-अलग गतिविधियों के लिए इस्तेमाल होता रहा है। स्थानीय निवासियों ने पहले भी आशंका जताई थी कि हॉकी स्टेडियम बनने से आम खिलाड़ियों और युवाओं के लिए उपलब्ध खुले मैदान का क्षेत्र सीमित हो सकता है। जून में इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन भी हुआ था और बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी तथा खिलाड़ी हॉकी स्टेडियम की प्रस्तावित योजना के खिलाफ खुलकर सामने आए थे। Greater Noida News
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सितंबर आते-आते यह विवाद केवल हॉकी मैदान के निर्माण तक सीमित नहीं रह गया है। अब Zen G और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के बीच भी मैदान को लेकर नाराजगी दिखाई दे रही है। 3 सितंबर को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, सेक्टर-37 के क्षेत्रीय खेल परिसर को बचाने की मुहिम Zen G आंदोलन का रूप लेती नजर आई और युवाओं ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। युवाओं का कहना है कि खेल के नाम पर खेल मैदान ही खत्म नहीं किया जाना चाहिए। यदि हॉकी के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधा तैयार करनी है तो उसका स्वागत है, लेकिन इसके साथ अन्य खेलों और सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए भी पर्याप्त मैदान और ट्रैक उपलब्ध रहना चाहिए। Greater Noida News
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मामले को लेकर खिलाड़ियों और अभ्यर्थियों ने अब आंदोलन का रास्ता अपनाने का फैसला किया है। मैदान में अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों और युवाओं की ओर से स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय तक शांति मार्च निकाले जाने की घोषणा की गई है। Gen-G का कहना है कि उनका आंदोलन किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि अपने खेल मैदान और भविष्य को बचाने के लिए है। Gen-G का यह मार्च न होने पाए इस काम के लिए ग्रेटर नोएडा में बीटा-2 थाने के कोतवाल यानि प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार अलग-अलग तरीकों से खेल के मैंदान से जुड़े युवाओं को डराने धमकाने तथा उनके माता-पिता को समझाने की असफल चेष्टा करते हुए नजर आ रहे हैं। इसी बात से नाराज होकर कि इस मुददे को क्यों उठाया जा रहा है। बीटा-2 थाने के कोतवाल विनोद कुमार ने ग्रेटर नोएडा में सक्रिय पत्रकारों के साथ भी दुव्र्यवहार करना शुरू कर दिया है। ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के पत्रकारों का कहना कि बीटा-2 क्षेत्र के कोतवाल को कोतवाल की कुर्सी का बड़ा अहंकार हो गया है। --- Greater Noida News
सेक्टर-37 का विवाद अब केवल एक हॉकी मैदान के निर्माण का मामला नहीं रह गया है। यह सवाल बन चुका है कि तेजी से विकसित हो रहे ग्रेटर नोएडा में बच्चों, खिलाड़ियों और सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए सार्वजनिक खेल सुविधाओं की व्यवस्था कैसी होगी। एक तरफ अंतरराष्ट्रीय स्तर का हॉकी स्टेडियम क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि साबित हो सकता है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय युवाओं की यह मांग भी महत्वपूर्ण है कि मौजूदा खेल गतिविधियों और शारीरिक प्रशिक्षण के लिए पर्याप्त स्थान सुरक्षित रखा जाए। ग्रेटर नोएडा के युवा आज मैदान मांग रहे हैं, टकराव नहीं। सवाल यह है कि जिस खेल परिसर को आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का आधार बनना था, वहां से खिलाड़ियों और नौकरी की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को बाहर जाने की नौबत क्यों आ रही है? अब सोमवार के प्रस्तावित शांति मार्च पर सभी की निगाहें रहेंगी। प्रशासन इस बढ़ते आक्रोश को किस तरह शांत करता है और क्षेत्रीय खेल परिसर के भविष्य को लेकर क्या स्पष्ट व्यवस्था करता है, यह आने वाले दिनों में तय करेगा। नोएडा कमिश्नरी पुलिस के मीडिया सेल ने इस विषय में अपना पक्ष रखा है। मीडिया सेल का कहना है थाना बीटा-2 क्षेत्रांतर्गत ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा स्पोर्ट्स ग्राउंड का निर्माण कराया जा रहा है, जिसका कुछ स्थानीय व्यक्तियों द्वारा अपने व्यक्तिगत हितों के कारण विरोध किया जा रहा था। प्राधिकरण द्वारा दी गई सूचना पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची तथा संबंधित व्यक्तियों से वार्ता कर उन्हें शांतिपूर्वक वहां से हटा दिया गया। इस दौरान किसी भी व्यक्ति के साथ मारपीट अथवा अभद्र व्यवहार नहीं किया गया । Greater Noida News
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