Greater Noida West News: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने 17 गांवों में करीब 2600 नई एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने की योजना को अंतिम रूप दे दिया है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद न सिर्फ गांवों के डार्क जोन खत्म होंगे बल्कि रात के समय लोगों की सुरक्षा भी पहले से बेहतर होगी।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लोगों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। लंबे समय से जिन गांवों में रात के समय अंधेरा और पर्याप्त स्ट्रीट लाइट न होने की समस्या बनी हुई थी वहां अब जल्द ही रोशनी दिखाई देगी। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने 17 गांवों में करीब 2600 नई एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने की योजना को अंतिम रूप दे दिया है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद न सिर्फ गांवों के डार्क जोन खत्म होंगे बल्कि रात के समय लोगों की सुरक्षा भी पहले से बेहतर होगी।
ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के कई गांवों में लंबे समय से पर्याप्त स्ट्रीट लाइट नहीं होने के कारण लोगों को रात में आने-जाने में परेशानी होती थी। कई जगहों पर अंधेरा रहने से सड़क हादसों और सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं भी बनी रहती थीं। अब नई एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगने के बाद इन समस्याओं में काफी हद तक कमी आने की उम्मीद है। प्राधिकरण का मानना है कि रोशनी बढ़ने से गांवों का माहौल सुरक्षित होगा और लोगों को रात में आवाजाही करने में किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी।
यह भी पढ़ें: नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्राइम अपडेट, प्रमुख अपराध खबरें
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इस परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। स्ट्रीट लाइट लगाने से पहले जिन इलाकों में सबसे ज्यादा अंधेरा रहता है उनका सर्वे भी पूरा किया जा चुका है। अधिकारियों के मुताबिक अगले एक महीने के भीतर गांवों में नई एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। इस पूरी परियोजना पर लगभग 3.5 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। काम पूरा होने के बाद गांवों की सड़कें पहले की तुलना में कहीं अधिक रोशन दिखाई देंगी।
प्राधिकरण ने जिन गांवों को इस योजना में शामिल किया है उनमें सूरजपुर, भोला रावल, तिलपता करनवास, कुलेसरा, कैलाशपुर उर्फ किराचपुर, बिसरख, ऐमनाबाद, सादोपुर, इटैड़ा, खोदना खुर्द, खैरपुर गुर्जर, छपरौला, खेड़ा धर्मपुरा, मिलकलच्छी, खेड़ी, भनौता और सुनपुरा शामिल हैं। इन गांवों में उन जगहों को प्राथमिकता दी जाएगी जहां रात के समय सबसे ज्यादा अंधेरा रहता है और लोगों को आवाजाही में परेशानी होती है।
प्राधिकरण केवल नई स्ट्रीट लाइट लगाने तक ही सीमित नहीं रहेगा बल्कि जहां पुरानी सोडियम लाइटें लगी हुई हैं उन्हें भी हटाकर उनकी जगह आधुनिक एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाई जाएगी। एलईडी लाइटें कम बिजली खर्च करती हैं और ज्यादा रोशनी देती हैं। इससे बिजली की बचत भी होगी और रखरखाव का खर्च भी कम आएगा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पहले ही शहर और आसपास के इलाकों में करीब एक लाख एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगा चुका है। अब इस अभियान को गांवों तक भी तेजी से बढ़ाया जा रहा है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का लक्ष्य शहर और गांवों में ऐसे सभी इलाकों को चिन्हित करना है जहां रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं रहती। इसी योजना के तहत 17 गांवों के डार्क जोन को प्राथमिकता दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में जरूरत के अनुसार अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ प्रेरणा सिंह के अनुसार, ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के डार्क जोन वाले इलाकों की पहचान कर वहां चरणबद्ध तरीके से एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाई जा रही हैं। 17 गांवों के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अगले एक महीने में काम शुरू कर दिया जाएगा। उनका कहना है कि इस परियोजना का उद्देश्य केवल अंधेरा दूर करना नहीं बल्कि लोगों की सुरक्षा और सुविधा को भी बेहतर बनाना है।
विज्ञापन