Greater Noida West Metro: इस रूट पर सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट सेक्टर-4 (किसान चौक) तक मेट्रो चलाई जाएगी। इस परियोजना से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के हजारों फ्लैट खरीदारों, नौकरीपेशा लोगों और रोजाना नोएडा आने-जाने वाले यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से इंतजार कर रहे लोगों को अब मेट्रो कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (NMRC) का कहना है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो रूट को जल्द ही केंद्र सरकार से मंजूरी मिल सकती है। प्रस्तावित 7.5 किलोमीटर लंबे इस रूट पर सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट सेक्टर-4 (किसान चौक) तक मेट्रो चलाई जाएगी। इस परियोजना से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के हजारों फ्लैट खरीदारों, नौकरीपेशा लोगों और रोजाना नोएडा आने-जाने वाले यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है। अभी इस क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन के सीमित विकल्प हैं जिसकी वजह से लोगों को लंबे समय से मेट्रो सेवा शुरू होने का इंतजार है।
नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के अधिकारियों ने बुधवार को पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (PIB) के सामने ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो परियोजना का प्रस्तुतिकरण दिया। NMRC के प्रबंध निदेशक कृष्णा करुणेश ने करीब डेढ़ घंटे तक इस रूट से जुड़ी सभी जानकारी PIB अधिकारियों के सामने रखी। प्रस्तुतिकरण के दौरान मेट्रो रूट की जरूरत, अनुमानित खर्च, यात्रियों की संख्या और परियोजना से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा हुई। अधिकारियों की ओर से पूछे गए सवालों का NMRC की टीम ने जवाब दिया। हिंदुस्तान के मुताबिक, NMRC का दावा है कि PIB ने इस परियोजना पर सहमति जता दी है। हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक मंजूरी का पत्र जारी नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में बैठक के मिनट्स जारी होने के बाद प्रस्ताव आगे की प्रक्रिया के लिए भेजा जाएगा।
यह भी पढ़ें: ग्रेटर नोएडा: अब आपकी गली में खुद पहुंचेगी प्राधिकरण की टीम, समस्या पर होगा फास्ट एक्शन
NMRC अधिकारियों के मुताबिक, अब यह प्रस्ताव संबंधित मंत्रालयों से मंजूरी मिलने के बाद प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले डेढ़ महीने के अंदर केंद्र सरकार इस रूट को मंजूरी दे सकती है। NMRC के कार्यकारी निदेशक ने बताया कि कैबिनेट से मंजूरी मिलते ही मेट्रो निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। कोशिश है कि अगले साल जनवरी या फरवरी तक इस रूट पर काम शुरू किया जा सके।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो परियोजना के तहत सेक्टर-51 से सेक्टर-4 किसान चौक तक मेट्रो चलाई जाएगी। इस पूरे रूट की लंबाई करीब 7.5 किलोमीटर होगी। इस रूट पर कुल 5 मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित हैं जिनमें शामिल हैं-
इस परियोजना पर करीब 900 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो परियोजना की योजना काफी पुरानी है। पहले इस रूट को नॉलेज पार्क-5 तक ले जाने की तैयारी थी। उस समय पूरे रूट पर 11 मेट्रो स्टेशन बनाने का प्रस्ताव रखा गया था। पुराने प्रस्ताव के अनुसार मेट्रो सेक्टर-51 से शुरू होकर नोएडा के सेक्टर-61, सेक्टर-70, सेक्टर-122 और सेक्टर-123 होते हुए ग्रेटर नोएडा के कई क्षेत्रों से गुजरकर नॉलेज पार्क-5 तक जाती। इस पूरी परियोजना पर करीब 2991 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान था। हालांकि, बाद में गाजियाबाद से ग्रेटर नोएडा वेस्ट होते हुए जेवर तक प्रस्तावित आरआरटीएस परियोजना को देखते हुए मेट्रो रूट में बदलाव किया गया।
पहले प्रस्तावित रूट में नोएडा सेक्टर-52 ब्लू लाइन मेट्रो स्टेशन से सीधी कनेक्टिविटी को लेकर केंद्र सरकार ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद परियोजना में बदलाव किया गया। नए प्लान के तहत अब मेट्रो को सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट सेक्टर-4 तक लाने का फैसला किया गया है। यह रूट आगे चलकर जेवर तक जाने वाली आरआरटीएस परियोजना से जुड़ने में मदद करेगा।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में आवासीय सोसायटियां विकसित हुई हैं। यहां लाखों लोग रहते हैं लेकिन बेहतर सार्वजनिक परिवहन की कमी लंबे समय से एक बड़ी समस्या बनी हुई है। मेट्रो शुरू होने के बाद नोएडा, दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में आने-जाने वाले लोगों को राहत मिलेगी। इससे सड़क पर बढ़ते ट्रैफिक का दबाव भी कम होने की उम्मीद है।
इसके अलावा NMRC नोएडा के दो अन्य महत्वपूर्ण मेट्रो रूट पर भी काम आगे बढ़ा रहा है। इनमें सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन और ग्रेटर नोएडा डिपो से बोड़ाकी तक का मेट्रो विस्तार शामिल है। इन दोनों परियोजनाओं के लिए NMRC टेंडर जारी कर चुका है। आवेदन करने वाली कंपनियों की फाइनेंशियल बिड खोली जाएगी जिसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो परियोजना की मंजूरी से क्षेत्र के विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। अगर तय समय पर मंजूरी और निर्माण प्रक्रिया पूरी होती है तो आने वाले वर्षों में ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लोगों को बेहतर और तेज सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिल सकेगी।
विज्ञापन