गौतमबुद्ध नगर में परशुराम चौधरी को मिली AAP की कमान

राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह की सहमति तथा पश्चिमी प्रांत अध्यक्ष सोमेंद्र ढाका की स्वीकृति के बाद जिला प्रभारी सी.एम. चौहान ने परशुराम चौधरी को पार्टी का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है।

गौतमबुद्ध नगर में AAP का संगठन विस्तार, परशुराम चौधरी बने जिलाध्यक्ष
गौतमबुद्ध नगर में AAP का संगठन विस्तार, परशुराम चौधरी बने जिलाध्यक्ष
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar06 Jan 2026 04:38 PM
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Noida News : नोएडा की राजनीति में मंगलवार को आम आदमी पार्टी (AAP) ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा कदम उठाते हुए गौतमबुद्ध नगर की कमान नए चेहरे को सौंप दी। राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह की सहमति तथा पश्चिमी प्रांत अध्यक्ष सोमेंद्र ढाका की स्वीकृति के बाद जिला प्रभारी सी.एम. चौहान ने परशुराम चौधरी को पार्टी का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है। यह घोषणा 6 जनवरी 2026 को सेक्टर-89, निम्मी विहार स्थित नोएडा कार्यालय में हुई, जहां युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष पंकज अवाना की मौजूदगी ने संदेश साफ कर दिया कि पार्टी अब नोएडा से लेकर दादरी-दनकौर-जेवर तक संगठन को नई धार देने और जमीनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ने जा रही है।

नोएडा में आप का नया चेहरा

पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजीव निगम ने बताया कि परशुराम चौधरी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे हैं और संगठन में अलग-अलग जिम्मेदारियों पर काम कर चुके हैं। जिलाध्यक्ष बनाए जाने से पहले वे OBC प्रकोष्ठ में प्रदेश उपाध्यक्ष की भूमिका निभा रहे थे। उन्होंने यह भी बताया कि परशुराम चौधरी भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं और संगठनात्मक अनुभव के साथ अनुशासन को अपनी ताकत मानते हैं। जिलाध्यक्ष बनने के बाद परशुराम चौधरी ने कहा कि वे नोएडा और पूरे गौतमबुद्ध नगर में पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए टीम के साथ ईमानदारी और लगन से काम करेंगे। उन्होंने संकेत दिए कि सेक्टरों से लेकर गांवों तक संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान और जनसमस्याओं पर सक्रियता उनकी प्राथमिकता रहेगी।

नोएडा में AAP का नया रोडमैप

इस मौके पर युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष पंकज अवाना और जिला प्रभारी सी.एम. चौहान ने संयुक्त बयान में बताया कि सांसद संजय सिंह के नेतृत्व में चल रही पदयात्रा श्रृंखला के तहत तीसरे चरण की पदयात्रा 16 जनवरी को मिर्जापुर से शुरू होकर 22 जनवरी को सारनाथ (वाराणसी) में संपन्न होगी। उन्होंने कहा कि नोएडा-गौतमबुद्ध नगर से परशुराम चौधरी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पदयात्रा में भाग लेने के लिए जाएंगे, ताकि संगठन की मौजूदगी को और मजबूत संदेश दिया जा सके। नोएडा की सियासत में इस नियुक्ति को संगठनात्मक फेरबदल से ज्यादा 2026-27 की राजनीतिक तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी का फोकस अब जिले में सक्रियता बढ़ाने, स्थानीय मुद्दों पर पकड़ मजबूत करने और कार्यकर्ताओं के नेटवर्क को विस्तार देने पर रहने की संभावना है। Noida News

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बड़ी खबर : लल्लनटॉप चैनल के संस्थापक सौरभ द्विवेदी की छुट्टी

लल्लनटॉप के संस्थापक सौरभ द्विवेदी ने अचानक लल्लनटॉप तथा इंडिया टुडे के संपादक पद से इस्तीफा दे दिया है। इंडिया टुडे समूह ने सौरव द्विवेदी का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इस बात की जानकारी सौरभ द्विवेदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके दी है।

Saurabh Dwivedi at Lallantop
सौरभ द्विवेदी ने लल्लनटॉप (फाइल फोटो)
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar05 Jan 2026 06:57 PM
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Noida News : मीडिया जगत से एक बड़ी खबर आई है मीडिया जगत की बड़ी खबर यह है कि यूट्यूब पर लल्लनटॉप न्यूज़ चैनल के संस्थापक सौरभ द्विवेदी की अपने ही संस्थान लल्लनटॉप से विदाई हो गई है इसके साथ ही सौरभ द्विवेदी ने इंडिया टुडे पत्रिका के संपादक के पद से भी त्यागपत्र दे दिया है लल्लनटॉप को यूट्यूब पर हिंदी के प्रसिद्ध न्यूज़ चैनल के तौर पर विशेष पहचान दिलाने में सौरभ द्विवेदी का बड़ा योगदान रहा है। 

सौरभ द्विवेदी का इस्तीफा हुआ स्वीकार 

लल्लनटॉप के संस्थापक सौरभ द्विवेदी ने अचानक लल्लनटॉप तथा इंडिया टुडे के संपादक पद से इस्तीफा दे दिया है। इंडिया टुडे समूह ने सौरव द्विवेदी का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इस बात की जानकारी सौरभ द्विवेदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके दी है।

यहां देखें सौरभ द्विवेदी की पोस्ट 

कुलदीप मिश्रा लेंगे सौरभ द्विवेदी का स्थान 

इस बीच इंडिया टुडे ग्रुप से खबर आई है कि लल्लन टॉप में सौरभ द्विवेदी के स्थान पर कुलदीप मिश्रा को जिम्मेदारी सौंप गई है। इस बीच इंडिया टुडे समूह ने सौरव द्विवेदी के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें बधाई दी है। Noida News

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मनोज भाटी के कारण बार एसोसिएशन की प्रतिष्ठा दांव पर

गौतमबुद्धनगर जिले की जनपद दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन के वर्तमान अध्यक्ष मनोज कुमार भाटी एडवोकेट हैं। मनोज कुमार भाटी हाल ही में चुनाव जीतकर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बने थे।

बार अध्यक्ष मनोज भाटी पर FIR के बाद बढ़ी हलचल
बार अध्यक्ष मनोज भाटी पर FIR के बाद बढ़ी हलचल
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar05 Jan 2026 05:29 PM
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Noida News : नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में सक्रिय वकीलों की सबसे बड़ी संस्था बार एसोसिएशन है। गौतमबुद्धनगर जिले की बार एसोसिएशन का पूरा नाम गौतमबुद्धनगर दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन है। इस एसोसिएशन को केवल बार एसोसिएशन के नाम से भी लिखा तथा बोला जाता है। गौतमबुद्धनगर जिले की जनपद दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन के वर्तमान अध्यक्ष मनोज कुमार भाटी एडवोकेट हैं। मनोज कुमार भाटी हाल ही में चुनाव जीतकर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बने थे।

मनोज भाटी के कारण कैसे दांव पर लगी है बार एसोसिएशन की प्रतिष्ठा

यह मामला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज भाटी के विरूद्ध दर्ज हुई FIR से जुड़ा हुआ है। हाल ही में ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाने में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज कुमार भाटी एडवोकेट के विरूद्ध एक FIR दर्ज हुई है। इस FIR में आरोप है कि जिस डिग्री के आधार पर मनोज भाटी वकील बना है वह डिग्री फर्जी है। इस मामले में नोएडा कमिश्नरी पुलिस तेजी के साथ जांच कर रही है। FIR दर्ज होने के बाद मनोज कुमार भाटी ने FIR को बदले की भावना तथा राजनीति से प्रेरित कृत्य बताकर खारिज करने का प्रयास किया है।  इस पूरे प्रकरण को समझने के लिए आप इस समाचार को पढ़ सकते हैं।https://chetnamanch.com/noida/bar-association-president-manoj-bhati-issue-very-serious-noida-police-activ

बार एसोसिएशन के मुखिया के विरूद्ध दर्ज हुई FIR से बार एसोसिएशन की प्रतिष्ठा पर उस समय बड़ी आंच आ सकती है जब यदि पुलिस की जांच में यह साबित हो जाता है कि मनोज भाटी पर लगाए गए आरोप सही पाए गए हैं।

बहुत बड़ी प्रतिष्ठा रही है बार एसोसिएशन तथा बार अध्यक्षों की

गौतमबुद्धनगर जिले की बार एसोसिएशन की हमेशा से बहुत बड़ी प्रतिष्ठा रही है। गौतमबुद्धनगर जिले की बार एसोसिएशन का समाज से लेकर न्याय पालिका तक में खूब सम्मान कायम है। अनेक मौकों पर बड़े-बड़े न्यायविदों तथा जजों ने गौतमबुद्धनगर जिले की बार एसोसिएशन की तारीफ की है। गौतमबुद्धनगर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पद पर अनेक प्रतिष्ठित वकील तैनात रहे हैं। बार एसोसिशएन के अध्यक्ष की प्रतिष्ठा किसी सांसद, विधायक तथा जिला पंचायत अध्यक्ष जैसे पदों पर बैठे हुए जनप्रतिनिधियों की तरह से रही है। न्याय पालिका बार के अध्यक्ष की खूब धमक रहती है ऐसे में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष के विरूद्ध फर्जीवाड़े का मामला दर्ज होना बड़ी चिंता का कारण है।

बार एसोसिएशन क्या होती है?

यहां बार एसोसिएशन के विषय में जानना भी जरूरी है। बार एसोसिएशन (Bar Association) एक पेशेवर वकीलों का संगठन होता है, जिसमें वे अपने पेशे के अधिकारों, ज़िम्मेदारियों, नैतिक मूल्यों, तथा हितों की सुरक्षा के लिए एकत्रित होते हैं। यह एक वकीलों की पेशेवर निकाय / असोसिएशन होती है, जो वकीलों (अधिवक्ताओं) के हितों की रक्षा करता है, न्यायपालिका के सामने वकीलों का प्रतिनिधित्व करता है, और पेशे का सम्मान बनाए रखने में मदद करता है। “बार” शब्द का इतिहास पुराने इंग्लिश कोर्ट से लिया गया है। पुराने समय में कोर्ट रूम में एक रेलिंग (बेर) होती थी जो जनता और न्यायालय के वकीलों/क्लर्कों के बीच विभाजित करती थी। वकील इस रेलिंग को पार करके न्यायालय के अग्र भाग में काम करते थे; इसी प्रतीक से वकीलों के संगठन को “बार” कहा गया।

बार एसोसिएशन का इतिहास क्या है ?

यूरोप और ब्रिटेन से शुरू: वकीलों के पेशे का व्यवस्थित संगठन ब्रिटेन में शुरू हुआ, जहां “बार” शब्द का उपयोग कोर्ट के उस हिस्से को दर्शाने के लिए किया जाता था, जहां वकील काम करते थे। धीरे-धीरे वकालात पेशे में संगठित होने की आवश्यकता महसूस हुई और पेशेवर संगठन बने। 

19वीं सदी में वैश्विक विस्तार: जैसे-जैसे आधुनिक न्याय प्रणाली विकसित हुई, वकीलों ने पेशेवर निकायों का गठन किया ताकि पेशे का मानक, नैतिकता, शिक्षा, और नियम निर्धारित किए जा सकें। इसके परिणामस्वरूप बार एसोसिएशनों का उदय हुआ जो आज दुनिया के अधिकांश देशों में पाए जाते हैं। 

भारत में बार एसोसिएशन का इतिहास

1. प्रारंभ और विकास -भारत में बार एसोसिएशनों का इतिहास ब्रिटिश शासन से जुड़ा है। जैसे-जैसे न्यायिक प्रणाली विकसित हुई, स्थानीय वकीलों ने अपने हितों की रक्षा तथा न्यायपालिका में सुधार के लिए संगठित होना शुरू किया।

2. दिल्ली बार एसोसिएशन - दिल्ली बार एसोसिएशन, जिसकी स्थापना 1888 में हुई थी, इसे एशिया का सबसे पुराना बार एसोसिएशन माना जाता है। यह संगठन वकीलों के लिए पेशेवर समर्थन, शिक्षा, और न्याय प्रणाली में सुधार के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 

3. हाई कोर्ट बार एसोसिएशनों की स्थापना - इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन जैसे कई हाई कोर्ट बार एसोसिएशनों ने 19वीं सदी में ही अपनी शुरुआत की। इलाहाबाद बार एसोसिएशन का 150 वर्ष से अधिक का गौरवशाली इतिहास रहा है और इसने कई कानूनी दिग्गजों को जन्म दिया है। 

4. बार एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया - बार एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया भारत का एक प्रमुख राष्ट्रीय वकीलों का संगठन है, जिसकी स्थापना 8 अगस्त 1959 को हुई और 2 अप्रैल 1960 को इसे औपचारिक रूप से राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा विधिवत लॉन्च किया गया था। इसके संस्थापक नेताओं में श्री एम. सी. सेटालवाड भी शामिल थे। यह संगठन देश भर के स्थानीय एवं उच्च न्यायालय बार एसोसिएशनों का संघ है। 

बार एसोसिएशन के मुख्य कार्य

बार एसोसिएशन न केवल वकीलों का संगठन होता है, बल्कि यह कई महत्वपूर्ण कार्य भी करता है:

वकीलों के हितों की रक्षा - बार एसोसिएशन न्यायपालिका व अन्य संस्थाओं के सामने वकीलों के पेशेवर हितों की रक्षा करता है, उनके वेतन, कार्यशर्तों, तथा गरिमा से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाता है।

शिक्षा और प्रशिक्षण - अधिवक्ताओं को व्यावसायिक शिक्षा, कार्यशालाएँ, सेमिनार, तथा नैतिकता-संबंधी प्रशिक्षण प्रदान करता है। 

पेशेवर नियम और आचार संहिता - बार एसोसिएशन वकीलों के पेशे के लिए आचार संहिता, व्यावसायिक नियम और अनुशासनात्मक मानक तैयार और लागू करते हैं। 

न्याय प्रणाली में सुधार -यह कानून के सुधार, न्याय प्रक्रिया में बदलाव, और विधिक सहायता कार्यक्रमों का समर्थन कर न्याय में सुधार लाने में भी भूमिका निभाता है। 

भारत में बार एसोसिएशन की कानूनी और सामाजिक भूमिका

कानून और न्याय - बार एसोसिएशन वकीलों को एक मंच देता है जिससे वे न्यायपालिका में अपनी आवाज़ उठा सकें और सुधार के लिए सुझाव दे सकें। यह सिस्टम में बेहतर पारदर्शिता और उत्तरदायित्व लाने में मदद करता है। 

सामाजिक लीडरशिप - बार एसोसिएशनों का सामाजिक जीवन में भी योगदान होता है — यह न्याय के लिये जागरूकता अभियान, मुफ्त विधिक सहायता शिविर तथा न्यायपालिका से जुड़े अन्य कार्यक्रम आयोजित करते हैं। 

अनुशासन और पारदर्शिता - बार एसोसिएशन अक्सर अपने सदस्यों को अनुशासनात्मक प्रयोजन से कोड ऑफ़ कंडक्ट का पालन करना सीखाता है तथा उसमें सुधार भी प्रस्तावित करता है। 

स्थानीय स्तर पर बार एसोसिएशन का महत्व

जिला और हाई कोर्ट बार एसोसिएशन - जिला बार एसोसिएशनों का गठन वकीलों के प्रति स्थानीय न्यायालयों में होता है, जहाँ वे स्थानीय मामलों, चुनावों, तथा वकीलों के हितों के मुद्दों पर कार्य करते हैं।

हाई कोर्ट बार एसोसिएशन - उच्च न्यायालयों में वकीलों का प्रतिनिधित्व करते हैं और अक्सर न्यायिक सुधार हेतु सक्रिय भूमिका निभाते हैं। Noida News

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