
Noida News : भारत में लोकतंत्र का सबसे बड़ा पर्व लोकसभा का आम चुनाव होते हैं। अगली लोकसभा भारत की 18वीं लोकसभा होगी। 18वीं लोकसभा के चुनाव अब से ठीक आठ महीने के अंदर-अंदर सम्पन्न हो जाएंगे। लोकसभा चुनाव 2024 मई के महीने तक हो जाएँगे। ऐसे में स्वभाविक है कि राजनैतिक गतिविधियां तेज हो गयी हैं। देश भर में तेज हुई राजनैतिक गतिविधियों के बीच नोएडा व ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में भी राजनीति गर्मा गई है।
यहां की गौतमबुद्धनगर लोकसभा सीट को लेकर दावों और अफवाहों का दौर भी शुरू हो गया है। तमाम अफवाहों के बीच राजनैतिक विश्लेषकों का स्पष्ट मत है कि आने वाले चुनाव में गौतमबुद्धनगर लोकसभा सीट पर अधिक कुछ नहीं बदलेगा। हां इतना जरूर है कि इस सीट को लेकर "घोड़े को नाल लगाई जाती देखकर मेंढ़क ने भी अपने पांव उठा दिए" वाली कहावत खूब चरितार्थ हो रही है।
आपको बता दें कि नोएडा व ग्रेटर नोएडा को लेकर बनाई गई गौतमबुद्धनगर लोकसभा सीट को उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण सीट माना जाता है। यह लोकसभा सीट देश के सबसे बड़े प्रदेश उत्तर प्रदेश का प्रवेश द्वार भी है। गौतमबुद्धनगर लोकसभा सीट बनने से पहले यह सीट खुर्जा लोकसभा सीट के नाम से जानी जाती थी। उस वक्त की खुर्जा लोकसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थी।
वर्ष 2008 में परिसीमन अधिनियम के तहत खुर्जा लोकसभा सीट को बदलकर गौतमबुद्धनगर लोकसभा क्षेत्र का गठन किया गया था। गौतमबुद्धनगर लोकसभा क्षेत्र में नोएडा, दादरी, जेवर, सिकन्दराबाद व खुर्जा विधानसभा क्षेत्र आते हैं। गौतमबुद्धनगर लोकसभा क्षेत्र को भारतीय जनता पार्टी का गढ माना जाता है। 17वीं लोकसभा में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) की पृष्ठभूमि से आने वाले डा. महेश शर्मा गौतमबुद्धनगर लोकसभा क्षेत्र के सांसद हैं। वे लगातार दूसरी बार बम्पर वोटों से चुनाव जीतकर सांसद बने हैं।
राजनीति में कभी भी किसी भी प्रकार की अफवाह का कोई मूल्य नहीं होता है। फिर भी अपने छोटे-छोटे स्वार्थों में अनेक राजनेता अफवाहें उड़ाते हैं और फिर उन अफवाहों का ख़ुद ही मजा लेते हैं। ऐसी ही एक अफवाह गौतमबुद्धनगर लोकसभा सीट को लेकर कई महीनों से उड़ाई जा रही है। अफवाह यह है कि इस बार सत्तारूढ भारतीय जनता पार्टी गौतमबुद्धनगर लोकसभा क्षेत्र से अपने वर्तमान सांसद डा. महेश शर्मा का टिकट काटकर किसी ब्यूरोक्रेट को चुनाव मैंदान में उतारने वाली है।
डा. महेश शर्मा का टिकट कट जाएगा। यह बात अफवाह है अथवा इसमें कोई दम है ? इस विषय पर चेतना मंच ने एक दर्जन से भी अधिक राजनीतिक विश्लेषकों की राय ली है। अधिकतर विश्लेषकों का मत है कि यदि डा. महेश शर्मा के परिवार की RSS के साथ बैकग्राउंड, भारतीय जनता पार्टी में उनकी प्रतिष्ठा, अपनी पार्टी व अपने संसदीय क्षेत्र के लिए उनके द्वारा किए जा रहे कामों की ठीक से समीक्षा करें तो उनका टिकट कटने की बात कोरी अफवाह से अधिक कुछ नहीं कही जा सकती।
विश्लेषक यह भी मानते हैं कि यह पूरी तरह सच है कि राजनीति में हमेशा एक जैसा समय नहीं रहता है। यदि अचानक डा. महेश शर्मा कोई ऐसी गलती कर बैठें जैसी आमतौर पर राजनीति के "नौसिखिए" कर बैठते हैं तो कुछ भी हो सकता है। पिछले 30 वर्षों से भी अधिक समय से पत्रकारिता से जुड़े हुए राजनैतिक विश्लेषक डा. मदन सिंह कहते हैं कि आज की तारीख में तो डा. महेश शर्मा का टिकट कटने की बात बेहद हास्यास्पद लगती है।
उनका साफ मत है कि डा महेश शर्मा का लोकसभा का टिकट कटना असम्भव की सीमा तक मुश्किल है। वें आगे जोड़ते हैं कि यह बात कोई राजनीति को बिल्कुल भी न समझने वाला व्यक्ति ही बोल सकता है। इसी प्रकार की राय राजनैतिक चिंतक चौ. जगपाल सिंह समेत अनेक विश्लेषकों ने व्यक्त की है। श्री सिंह कहते हैं कि राजनीति में डा महेश शर्मा जैसे नेताओं की आवश्यकता हमेशा रही है और रहेगी ।
"घोड़े को नाल लगाई जाती हुई देखकर मेढक़ ने भी अपने पांव उठाए" वाली कहावत नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में खूब चरितार्थ हो रही है। दरअसल लोकसभा के चुनाव निकट आते देखकर गौतमबुद्धनगर लोकसभा सीट पर भाजपा का टिकट मांगने के लिए अनेक ब्यूरोक्रेटस सक्रिय बताए जा रहे हैं। इन दावेदारों में ज्यादातर एक खास जाति से ताल्लुक रखने वाले ब्यूरोक्रेट शामिल हैं।
बरसाती मेढक की तरह सक्रिय हुए इन ब्यूरोक्रेटस को कुछ "अफवाहबाजों" का खुला संरक्षण प्राप्त बताया जा रहा है। विश्लेषकों का मत है कि सरकारी नौकरी के दौरान अनाप-शनाप ढंग से धन कमाने वाले कुछ लोगों का धन उबाल मार रहा है। इन अवैध धनपतियों को दूसरे राजनैतिक दलों को छोडक़र भाजपा की पाठशाला में शामिल हुए कुछ नए-नवेले भाजपाईयों का भी संरक्षण प्राप्त है।
एक राजनैतिक विश्लेषक बताते हैं कि दर्जनों विपक्षी दलों ने घूम-घूमकर राजनीति करने वाले अथवा कांग्रेस के नेता राहुल गांधी के "सारथी" रहने वाले नेता भाजपा व आरएसएस की रीति-नीति पूरे जीवन नहीं समझ सकते। ऐसे नेता ही बाक़ायदा वित्त पोषण के ज़रिए तमाम अफ़वाहों को हवा देते रहते हैं ।विश्लेषकों का साफ मत है कि भाजपा के टिकट "अफवाहों" से प्रभावित होकर नहीं बंटते हैं।
Noida NewsRSS की रिपोर्ट, भाजपा संगठन की रिपोर्ट तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की निजी टीम की सर्वे रिपोर्ट के आधार पर भारतीय जनता पार्टी के लोकसभा के प्रत्याशी तय किए जाते हैं।हम आपको नोएडा व ग्रेटर नोएडा क्षेत्र की तमाम राजनीतिक गतिविधियों से परिचित कराते रहेंगे । आप अपना प्यार यूँ ही बनाए रखें । चेतना मंच की प्रतिज्ञा सच को सच कहते रहने की है । फिर चाहे वह सच कितना ही मीठा या कड़वा क्यों ना हो । Noida News