
Noida News / ग्रेटर नोएडा (चेतना मंच)। लंबी बीमारी से परेशान एक वृद्ध ने आज तड़के ग्रेटर नोएडा की यूनीटेक सोसाइटी की 12 वी मंजिल से मौत की छलांग लगा दी। 12 वी मंजिल से गिरने के कारण वृद्ध की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वृद्ध का करीब एक माह पूर्व कूल्हा टूट गया था जिस कारण वह बिस्तर पर थे और असहनीय दर्द से परेशान थे।
थाना सूरजपुर क्षेत्र के यूनिटेक सोसाइटी में 74 वर्षीय रमेश कुमार तोमर पुत्र श्रीराम तोमर अपने परिवार के साथ रह रहे थे। रमेश तोमर पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। करीब एक माह पूर्व घर में पैर फिसलने के कारण वह गिर गए और उनका कूल्हा टूट गया था। परिजनों ने उनका ऑपरेशन कराया, इसके बावजूद वह कुछ कदम ही चल पाते थे। कूल्हा टूटने की वजह से वह असहनीय दर्द से भी पीड़ित थे।
बीती रात्रि वह खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने चले गए। रात्रि करीब 2 बजे उनकी पत्नी उठी तो वह बिस्तर पर नहीं थे। उन्होंने रमेश कुमार की तलाश की तो बॉलकनी का दरवाजा खुला हुआ था। उन्होंने बालकनी से नीचे झांकर देखा तो रमेश कुमार तोमर लहूलुहान हालत में जमीन पर पड़े हुए थे। इसके बाद परिजन नीचे पहुंचे लेकिन तब तक रमेश कुमार की मौत हो चुकी थी।
सूचना मिलने पर मौके पर थाना सूरजपुर पुलिस पहुंची और शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। थाना प्रभारी ने बताया कि मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि रमेश कुमार लंबी बीमारी व कूल्हा टूटने की वजह से खासे परेशान थे। उन्होंने आशंका जताई कि संभवत बीमारी की वजह से ही रमेश कुमार तोमर ने आत्महत्या की है। बृजेश कुमार तोमर द्वारा 12वीं मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या किए जाने से परिजनों के साथ-साथ सोसाइटी वाले भी उनके द्वारा उठाए गए इस कदम से हैरान हैं।
75 साल के बुजुर्ग द्वारा 12वीं मंजिल से छलांग लगाकर जान दे देने के पीछे जहां उनका बीमारी से परेशान होना बताया जा रहा है, वहीं अधिकांश मामलों में बुजुर्गों द्वारा मौत को चुनने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। मानसिक रोग विशेषज्ञ डा. अशोक अग्रवाल इस बारे में कहते हैं कि बुजुर्गो द्वारा सुसाइड करने के पीछे सबसे बड़ा कारण एकाकी होती जीवनशैली है। बड़े शहरों में अक्सर देखने में आता है कि बच्चे अपने काम धंधे और जॉब में व्यस्त हो रहे हैं और अपने बुजुर्ग माता पिता की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। हालांकि सभी मामलों में यह सही नहीं है, लेकिन बुजुर्गों द्वारा आत्महत्या किए जाने के अधिकांश मामलों में यह सामने आया है कि एकाकी जीवन से वह इतना बोर हो जाते हैं कि सबकुछ होते हुए भी वह खुद को अकेला महसूस करते हैं। यही वजह उनकी आत्महत्या का कारण बनता है।
परिजनों से अलग हुए बुजुर्गों के लिए वृद्धाश्रम सहारा बन रहे हैं। परिवार से अलग हुए या एकाकी जीवन यापन कर रहे बुजुर्गों के लिए वृद्धाश्रम ही वह स्थान बन रहा है, जहां वह अपना शेष जीवन यापन कर रहे हैं। कुछ मामलों में औलाद द्वारा तिरस्कृत बुजुर्ग भी यहां पर सहारा ले रहे हैं। परिवार से तिरस्कृत बुजुर्गों के लिए वृद्धाश्रम बेहतर सहारा बन रहे हैं।