Students : हैदराबाद विश्वविद्यालय में आईटी पार्क निर्माण के लिए भूमि समाशोधन के खिलाफ छात्रों (Students) ने विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप था कि तेलंगाना सरकार पर्यावरणीय चिंताओं और भूमि अधिग्रहण के खिलाफ उनकी आवाज़ दबाने की कोशिश कर रही है। पुलिस ने कई छात्रों(Students) को हिरासत में लिया, लेकिन बाद में उन्हें रिहा कर दिया। यह घटना विश्वविद्यालय परिसर में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न करने का कारण बनी।
भूमि समाशोधन और आईटी पार्क का विरोध
तेलंगाना सरकार ने हैदराबाद विश्वविद्यालय के पास 400 एकड़ भूमि पर एक आईटी पार्क बनाने का प्रस्ताव रखा है। यह भूमि कांचा गाचीबोवली के पास स्थित है, जो विश्वविद्यालय की सीमा पर है। इस परियोजना को लेकर छात्रों(Students) और कुछ स्थानीय निवासियों में भारी विरोध देखने को मिला है। उनका कहना है कि इस भूमि को विकसित करने से पर्यावरणीय संकट पैदा हो सकता है, साथ ही विश्वविद्यालय के प्राकृतिक संसाधनों और पारिस्थितिकी को भी नुकसान पहुंचेगा।
छात्रों का कहना था कि जब उन्होंने साइट पर बुलडोजर देखा, तो वे विरोध करने के लिए मौके पर पहुंचे। छात्रों ने बुलडोजर को रोकने की कोशिश की और इसे वापस ले जाने की मांग की। इसके साथ ही वे पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी करने लगे। पुलिस ने इस विरोध प्रदर्शन के दौरान 53 छात्रों को हिरासत में लिया, लेकिन बाद में उन्हें रिहा कर दिया।
पुलिस कार्रवाई और छात्र(Students) संघ की आलोचना
प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारियों का कहना था कि छात्रों(Students) ने सरकारी कामकाज में हस्तक्षेप किया और कुछ छात्रों ने पुलिसकर्मियों पर हमला भी किया। इसके चलते उनके खिलाफ मामले दर्ज किए जाएंगे। वहीं, हैदराबाद विश्वविद्यालय छात्र संघ (यूओएचएसयू) ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की। उनका कहना था कि छात्रों को अपने लोकतांत्रिक अधिकार के तहत विरोध प्रदर्शन करने से रोका गया और कई छात्रों के साथ दुर्व्यवहार किया गया।
यूओएचएसयू ने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय के पूर्वी परिसर में पुलिस बल और अर्थमूवर की तैनाती के बाद, उन्होंने संयुक्त कार्रवाई समिति के साथ मिलकर शांतिपूर्ण रैली का आयोजन किया था। उनका आरोप था कि अर्थमूवर को वन भूमि को साफ करने के लिए लाया गया था, जिससे परिसर की पारिस्थितिकी पर गंभीर खतरे का संकेत मिल रहा था।
छात्रों(Students) की चिंता और भविष्य की दिशा
छात्रों(Students) का यह विरोध केवल आईटी पार्क के निर्माण को लेकर नहीं, बल्कि उनकी भविष्यवाणी है कि इससे विश्वविद्यालय के पारिस्थितिकी तंत्र पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। वे चाहते हैं कि इस परियोजना को पुनः विचार किया जाए और पर्यावरणीय चिंताओं को ध्यान में रखा जाए। छात्र संघ का कहना है कि जब तक इस परियोजना से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान का मूल्यांकन नहीं किया जाता, तब तक वे इसके खिलाफ अपना विरोध जारी रखेंगे।Students :
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