
अपने भाषण में जनरल चौहान ने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा — हमने आतंक के खिलाफ एक नई लाइन खींच दी है। अब हमारे विरोधियों को यह समझ लेना चाहिए कि भारत के संयम की भी एक सीमा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब भारत ने आतंक के खिलाफ एक नई रेखा खींच दी है—और यह रेखा उन लोगों के लिए चेतावनी है जो भारत की सहनशीलता को उसकी कमजोरी समझ बैठते हैं। अपने वक्तव्य में उन्होंने कहा, हम आतंक के प्रॉक्सी वॉर से दो दशकों से जूझ रहे हैं। हमने अपने बहुमूल्य नागरिक और सैनिक खोए हैं। लेकिन अब समय आ गया है कि इस खेल का अंत हो।
CDS चौहान ने हाल ही में भारत द्वारा किए गए ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र किया, जिसने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित 9 आतंकी ठिकानों को सफलतापूर्वक ध्वस्त किया। यह ऑपरेशन पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में किया गया था, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी। इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने 100 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया, जिससे न केवल पाकिस्तान को बड़ा नुकसान हुआ, बल्कि यह संदेश भी स्पष्ट हुआ कि भारत अब सिर्फ सहन करने की नीति पर नहीं चल रहा।
शांगरी-ला डायलॉग के मंच पर पाकिस्तानी जनरल साहिर शमशाद मिर्जा भी मौजूद थे। उन्होंने वही घिसा-पिटा राग अलापा — कश्मीर, समाधान, और संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव। उन्होंने कहा कि "विवाद को खत्म करने के लिए समाधान तलाशने होंगे", और यह भी जोड़ दिया कि “कश्मीर का मसला वहां के लोगों की इच्छाओं के अनुसार सुलझाया जाना चाहिए। Shangri-La Dialogue 2025