Qatar : कतर के राष्ट्र प्रमुख को अमीर कहा जाता है। कतर के वर्तमान अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी (Sheikh Tamim bin Hamad Al-Thani) ने भारत का दौरा किया है। ऐसे में हर कोई कतर के विषय में अधिक से अधिक जानना चाहता है। यहां हम आपको कतर के विषय में बहुत ही जरूरी जानकारी दे रहे हैं। कतर के विषय में यह जानकारी आपको और कहीं नहीं मिलेगी। तो चलिए आपको कतर (Qatar) से परिचित करा देते हैं।
मात्र 60 साल पहले भूखा मरता था कतर (Qatar was dying of hunger)
आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि आज से 60 साल पहले कतर की आर्थिक हालत बेहद खराब थी। कतर के रहने वाले समुद्र के अंदर से मछली पकडक़र बड़ी मुश्किल से अपना गुजारार करते थे। वही कतर आज दुनिया का पांचवां सबसे अमीर (धनवान) देश बन गया है। कतर के मूल निवासी तो खूब धन दौलत कमाकर मौज-मस्ती से जीवन जी रहे हैं। कतर में जाकर नौकरी करने वाले भारतीय, पाकिस्तानी, बांग्लादेशी तथा श्रीलंकाई भी खूब धन कमा रहे हैं। कतर में प्रति व्यक्ति आमदनी की बात करें तो कतर वालों की प्रति व्यक्ति मासिक आमदनी 98,800 डॉलर है।
सवा सौ साल से अल-थानी परिवार (Al-Thani family) कर रहा है राज
कतर के अमीर (राजा) के इतिहास की बात करें तो पिछले सवा सौ वर्षों से कतर पर अल-थानी परिवार ही राज कर रहा है। आपको यह जानकार जाज्जुब होगा कि कतर पर वर्ष 1900 के दशक से ही अल-थानी परिवार का शासन है। उस वक्त कतर आजाद देश नहीं बल्कि ब्रिटिश संरक्षित स्टेट था। जुलाई, 1913 में शेख अब्दुल्ला बिन कासिम अल-थानी कतर के पहले शासक बने थे। उस समय कतर का मुख्य उद्योग समुद्र से मोती निकालना और मछली पकड़ना था। 1920 के दशक में मोती व्यापार खत्म हुआ तो देश भीषण गरीबी और कुपोषण की चपेट में आ गया। इसके बाद कतर के लिए साल 1939 राहत लेकर आया, जब दुखन शहर में तेल की खोज की गई। हालांकि द्वितीय विश्व युद्ध के कारण 1949 तक इस क्षेत्र में खास प्रगति नहीं हुई।
कतर (Qatar) का हाल बदलना 1950 के दशक में शुरू हुआ जब 1951 में कतर ने प्रतिदिन 46,500 बैरल तेल का उत्पादन शुरू किया। इससे कतरी सरकार का राजस्व अचानक बढ़ गया। जल्दी ही कतर का तेल उत्पादन बढ़कर 233,000 बैरल प्रतिदिन हो गया। तेल निर्यात से प्राप्त नए राजस्व ने शासक परिवार की जेबें भर दी और कतर ने आधुनिकीकरण की प्रक्रिया शुरू की। 1950 के दशक में देश में स्कूल, अस्पताल, बिजली संयंत्र और टेलीफोन एक्सचेंज शुरू किए गए। इससे देखते ही देखते देश की दिशा बदल गई। कतर की तेल से कमाई में 1960 के दशक में और ज्यादा वृद्धि हुई। तब तक अल-थानी परिवार के लोग उच्च पदों पर बैठ गए थे और सत्ता पर अपनी पकड़ मजबूत की। इससे अल-थानी परिवार की दौलत में बेतहाशा बढ़ोत्तरी आई। कतर ने 1971 में ब्रिटेन से आजादी हासिल की। फरवरी 1972 में खलीफा बिन हमद ने सत्ता संभालने के बाद अहम उठाते हुए शाही परिवार के खर्चों में कटौती की और सामाजिक कार्यक्रमों, आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा और पेंशन पर खर्च बढ़ा दिया। इससे आम लोगों के जीवन में भी तेजी से बदलाव आया। 1990 के दशक के अंत में कतर ने कई अंतरराष्ट्रीय तेल कंपनियों के साथ उत्पादन साझा करने के समझौते किए। नई कंपनियों ने तेल उत्पादन में गिरावट को उलटने के लिए क्षैतिज ड्रिलिंग विधियों का उपयोग करना शुरू कर दिया। मेर्सक ऑयल के साथ कतर की साझेदारी के परिणामस्वरूप दुनिया का सबसे लंबा क्षैतिज कुआं बना। इसने दुनिया में कतर और थानी परिवार का दबदबा बनाकर रखा है।
कतर (Qatar) के पास मौजूद है गैस का बहुत बड़ा भंडार
रूस और ईरान के बाद कतर के पास दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस भंडार है। कतर की ज्यादातर गैस नॉर्थ फील्ड में है। इसका आकार कतर की मुख्य भूमि के आकार का करीब आधा है। हाल के अध्ययनों से पता चला है कि नॉर्थ फील्ड में 240 ट्रिलियन क्यूबिक फीट की अनुमानित अतिरिक्त गैस मात्रा है, जो कतर के गैस भंडार को 1,760 (ट्रिलियन क्यूबिक फीट) से बढ़ाकर 2,000 ट्रिलियन क्यूबिक फीट से अधिक कर देती है। भारत कतर से बड़ी तादाद में गैस खरीदता है।
कतर के ऊर्जा मंत्री साद शेरिदा अल-काबी ने हाल ही में घोषणा की है कि नॉर्थ फील्ड वेस्ट नाम के नॉर्थ फील्ड विस्तार से मौजूदा विस्तार योजनाओं में प्रति वर्ष 16 मिलियन टन तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) और जुड़ जाएगी। ये कतर को नॉर्थ फील्ड के पश्चिमी क्षेत्र से लगभग 16 मिलियन टन प्रति वर्ष उत्पादन क्षमता वाली नई एलएनजी परियोजना विकसित करने में सक्षम बनाएंगे। ऐसे में इस दशक के अंत तक कतर की गैस उत्पादन क्षमता 142 मिलियन टन हो जाएगी,जो वर्तमान उत्पादन स्तर से लगभग 85 प्रतिशत अधिक है। Qatar
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